diabetes ka ilaj

शुगर भारत में एक बहुत ही आम बीमारी बन चुकी है| यहाँ मधुमेह की बीमारी इतनी तेजी से फ़ैल रही है कि भारत को शुगर की राजधानी का कहा जाने लगा है| आधुनिक भागदौड़ भरी जीवनशैली और तनाव भरी जिंदगी लोगों को शुगर की बीमारी का शिकार बना रही है|

दिनभर बैठकर ऑफिस में काम करना और व्यायाम के लिए टाइम ना निकाल पाना यह सब लोगों के शरीर को जंग लगा रहा है| इसके बाद जब लोग शुगर की चपेट में आ जाते हैं तो महंगी दवाइयों का सेवन करते हैं लेकिन ये सभी दवाइयां हमारी किडनी, हार्ट, लिवर आदि को धीरे-धीरे ख़राब कर देती हैं| आज हम आपको शुगर की देसी दवा के बारे में बताते हैं जिसके इस्तेमाल से आपको बहुत फायदा मिलेगा –

शुगर की देशी दवा

शुगर की आयुर्वेदिक दवा बनाने के लिए मैथी के दाने, जामुन के की सूखी गुठली, बेल पे पत्ते, तेज पत्ते इन चारों को धूप में सूखा लें| सूखने पर इन चारों को पीसकर एक चूर्ण तैयार करें| इस चूर्ण को किसी शीशी में भरकर रख सकते हैं|

चूर्ण बनाने की विधि –

100 ग्राम – मैथी के दाने
100 ग्राम – तेज के पत्ते
150 ग्राम – जामुन के बीज
250 ग्राम – बेल के पत्ते

चारों को धूप में सुखाकर पीस लें और शुगर की दवाई तैयार है|

यह चूर्ण शुगर की रामबाण दवाई का काम करेगा| सुबह खाली पेट एक चम्मच चूर्ण गर्म पानी के साथ लें और ध्यान रखें कि नाश्ता करने के कम से कम एक घंटा पहले आपको यह चूर्ण लेना है| उसी प्रकार शाम को खाना खाने के एक घंटा पहले फिर से इस चूर्ण का एक चम्मच गर्म पानी के साथ लें|

यह दवा शुगर के रोग में दैवीय औषधि का काम करती है|

डायबिटीज की दवा

करेले का जूस

करेला शुगर के मरीजों को विशेष लाभ पहुंचाता है| सुबह खाली पेट एक गिलास करेले का जूस पियें और करेले की सब्जी का भी सेवन करें| करेले का जूस कड़वा लग रहा हो तो उसमें थोड़ी मात्रा में पानी मिला लीजिये|

तुलसी के पत्ते

तुलसी अनेक रोगों में काम आने वाला पौधा है| तुलसी के 4 पत्ते रोजाना सुबह खाली पेट चबाइए| इससे शुगर का बढ़ता लेवल खुद कम हो जायेगा| तुलसी में एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं जो आपके पेट की क्रियाओं को सुगम बनाते हैं|

मैथी के दाने

रात को एक चम्मच मैथी के दाने एक गिलास पानी में डालकर रख दें| सुबह उठकर इस पानी को छान लें और खाली पेट इस पानी को पियें| मैथी के दाने आप पानी पीने के बाद चबा जाइये| मैथी बढ़ती शुगर को तुंरत कंट्रोल करती है|

ग्रीन टी

ग्रीन टी मोटापा घटाने और शुगर का लेवल कंट्रोल करने में सहायता करती है| रोजाना सुबह शाम एक कप ग्रीन टी पीजिये| इसमें मौजूद तत्त्व शरीर से फालतू फैट को निकाल देते हैं और शुगर के रोगी को विशेष लाभ पहुचाते हैं|

आम की पत्तियां

आम सबका पसंदीदा फल होता है लेकिन दुर्भग्यवश शुगर के रोगियों को आम का सेवन करने से बहुत नुकसान होता है लेकिन आम की पत्तियां शुगर के मर्ज में बहुत लाभ पहुंचाती हैं| आम की पत्तियों को रात को पानी में भिगोकर डाल दें| सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करें इससे शुगर कण्ट्रोल होती है|

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दालचीनी मसाला

दालचीनी सबके घरों में मौजूद रहने वाला मसाला है| दालचीनी को भी शुगर की दवाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है| सुबह खाली पेट थोड़ा सा दालचीनी का चूर्ण गर्म पानी के साथ लें| जो लोग कहते हैं कि उनकी शुगर हमेशा बढ़ी ही रहती है उनको इससे बहुत लाभ होगा| याद रहे दालचीनी का बहुत ज्यादा सेवन नुकसान भी देता है|

जामुन की गुठली

मधुमेह के रोगियों को जामुन खूब खाने चाहिए| जामुन खाने के बाद जो उनकी गुठलियां बचती हैं उनको इकट्ठा करके धूप में सुखा लें| अब इन सूखी गुठलियों को पीसकर इनका चूर्ण बना लें| रोजाना सुबह खाली पेट इस चूर्ण का गर्म पानी के साथ सेवन करने से शुगर में लाभ होगा|

अलसी के बीज

अलसी के बीजों को कूटकर इनका चूरन बना लें| इस चूर्ण को सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ लेने से शुगर में बहुत लाभ होता है| अलसी के बीजों में फाइबर बहुत अधिक होता है जो शरीर में मौजूद फालतू शुगर को अवशोषित कर लेता है|

एलोवेरा का जूस

एलोवेरा के चमत्कारी गुणों के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे| रोजाना सुबह एक गिलास एलोवेरा का जूस पीने से शुगर का लेवल कण्ट्रोल होता है और यह लम्बे समय तक अच्छे परिणाम भी देता है| एलोवेरा जूस में थोड़ा करेले का जूस मिलाकर भी पी सकते हैं|

ज्वारे खायें

“ज्वारे” हो सकता है आपने यह नाम पहले ना सुना हो लेकिन ज्वारे को डायबिटीज की सबसे बेहतरीन औषधि माना जाता है| गेहूं के बीजों से जब छोटी पत्तियां निकलना शुरू होती हैं तो इसे “ज्वारे” कहा जाता है| घर पर ही मिटटी के बर्तन में कुछ गेहूं के बीज बो दें| इसमें समय से पानी वगैहरा डालते रहें| कुछ समय बाद जब गेहूं की पत्तिया निकलना शुरू हों तो इन पत्तियों को किसी कैंची से काट लें और इनका सेवन करें| शुगर में यह रामबाण दवा का काम करती है|

ध्यान रखें कि पत्तियों को उखाड़े नहीं क्यूंकि कुछ समय बाद फिर से पत्तियां आनी शुरू हो जाएँगी तब आप फिर से काटकर खाएं|

त्रिफला का चूर्ण

त्रिफला का चूर्ण शरीर में वात, पित्त, कफ की परेशानियों को दूर करता है| दरअसल वात, पित्त, कफ में होने वाली परेशानियों की वजह से शरीर में बिमारियों का जन्म होता है| शाम के समय एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण गर्म दूध के साथ लें| रोजाना इसके सेवन से शुगर में विशेष लाभ प्राप्त होगा|

नित्य व्यायाम

मधुमेह की बीमारी ज्यादातर उन लोगों को होती है जो शारीरिक रूप से बिल्कुल निष्क्रिय रहते हैं| इसलिए शुगर के रोग में रोजाना सुबह व्यायाम बहुत जरुरी है| सुबह टहलने जरूर जाएँ और हो सके तो 10 से 15 मिनट की दौड़ भी लगाएं|

आपको साफ़-साफ बता दूँ कि कोई भी दवा आपको उतना लाभ नहीं पहुँचाएगी जितना सुबह का घूमना आपको लाभ पहुँचायेगा| इसलिए गर्मी, जाड़ा, बारिश कुछ भी हो लेकिन सुबह 30 मिनट टहलना ना भूलें|

योगा करें

डायबिटीज के रोगियों के लिए कपालभाति सबसे लाभकारी योगा है| इस योगा के बारे में हम एक लेख में पहले भी बता चुके हैं| हम उसका लिंक आपको दे रहे हैं और आप इस लेख को भी जरूर पढ़िए क्यूंकि इसमें शुगर की बीमारी के इलाज के लिए जरुरी योगासन बताये गए हैं|

मित्रों ये सभी शुगर की दवाएं आपको बहुत लाभ पहुँचाएँगी| हम चाहते हैं कि हमारा भारत शुगर की राजधानी नहीं बल्कि आरोग्य की राजधानी बने| आप अपने अनुसार जो आपको सरल लगे वो नुस्खा इस्तेमाल कर सकते हैं और सुबह का घूमना बिल्कुल ना भूलें| अगर आपको हमसे किसी प्रकार का कोई सवाल पूछना है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं| धन्यवाद!!

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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