besan

बेसन के बारे में आपको पता ही होगा। ये हर भारतीय रसोई में पाया जाता है। इसके सेवन से सेहत को कई फायदे हो सकते हैं। बता दें कि छिलके रहित चने की दाल को पीसकर बेसन बनाया जाता है। बेसन कच्चे चने और भुने चने, दोनों से बनाया जाता है। वहीं बेसन का हलवा हो, बेसन के पकौड़े या बेसन का चीला, लोगों को खूब पसंद आता है।

बेसन के अंदर प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, सोडियम आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद उपयोगी हैं। ऐसे में इसके सेवन से सेहत को कई समस्या से दूर रखा जा सकता है।आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बेसन सेवन से सेहत को क्या-क्या फायदे होते हैं। साथ ही इसके नुकसान के बारे में भी जानेंगे।

डायबिटीज़ में मददगार

बेसन ब्लड शुगर स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। बेसन को बहुत ही कम ग्‍लाइसेमिक स्‍तर के लिए जाना जाता है, जो उच्‍च मधुमेह वाले लोगों के लिए फायदेमंद होता है।

खून बढ़ाता है बेसन

चने के आटे या बेसन की रोटी एनीमिया के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है। बेसन शरीर की थकान, ज़्यादा वज़न और आयरन की कमी जैसी समस्‍याओं का इलाज कर सकता है।

कोलेस्‍ट्रॉल कम करता है बेसन

बेसन कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने का काम भी करता है। बेसन में ट्रांस फैट मौजूद होता है, जो रक्‍त में कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को नियंत्रित कर सकता है।

दिल के लिए फायदेमंद

दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए भी बेसन काफी अच्छा है। बेसन में घुलनशील फाइबर होता है, जो आपके दिल के स्‍वास्‍थ्‍य को लंबे समय तक बनाए रखता है। बेसन में ऐसे कई घटक होते हैं, तो रक्‍त वाहिकाओं को आराम दिलाने के साथ ही आपके दिल की कार्य क्षमता को बढ़ाते हैं।

हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए

गर्भवती महिलाओं के लिए भी बेसन के कई फायदे हैं। बेसन में फोलेट और आयरन दोनों की अच्छी मात्रा होती है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही ज़रूरी है। इससे कमज़ोरी दूर होती है और फोलेट बच्‍चे के तंत्रिका विकास में सहायक होता है।

वज़न कम करने में फायदेमंद

अगर आप वज़न कम करना चाह रही हैं, तो आपको अपनी डाइट में बेसन ज़रूर शामिल करना चाहिए। बेसन में ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स कम होता है इसलिए इसमें कैलौरी की मात्रा भी कम होती है। यही वजह है कि बहुत से फिटनेस एक्सपर्ट्स बेसन खाने की सलाह देते हैं।

बेसन खाने के फायदे बेहतर नींद के लिए

अगर आपको अक्सर नींद से जुड़ी दिक्कतें रहती हैं, तो बेसन इसमें आपकी मदद कर सकता है। बेसन मे मौजूद अमीनो एसिड, ट्रिप्टोफैन और सेरोटोनिन आपकी नींद में मददगार साबित होंगे। ट्रिप्टोफैन आपके दिमाग़ को शांत करने का काम करता है। वहीं, सेरोटोनिन नींद को उत्‍तेजित करने में मदद करता है।

बेसन के सेवन से होने वाले नुकसान

किसी भी चीज की अधिकता सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है। ऐसा ही कुछ बेसन के साथ भी है। यदि व्यक्ति अधिक मात्रा में बेसन का सेवन करता है तो इससे सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। यह नुकसान निम्न प्रकार हैं-

1 – जैसा कि हमने पहले भी बताया कि बेसन के अंदर में फाइबर पाया जाता है। ऐसे में यदि व्यक्ति बेसन के सेवन का ज्यादा मात्रा में सेवन करता है तो इससे शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ सकती है, जिसके कारण पेट से संबंधित कई समस्याएं जैसे- पेट फूलने की समस्या, पेट में ऐंठन आदि समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में व्यक्ति को पेट से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं।

2 – जिन लोगों को बेसन से एलर्जी है वो बेसन का सेवन ना करें। वे इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर करें। वरना इससे सेहत को कई और समस्याएं हो सकती हैं।

नोट – ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बेसन के सेवन से सेहत को क्या फायदे हो सकते हैं। लेकिन इसकी अधिकता से व्यक्ति को कुछ नुकसानों का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में व्यक्ति को अपनी डाइट में बेसन को सीमित मात्रा में जोड़ना चाहिए। जो लोग स्पेशल डाइट फोलो कर रहे हैं या किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं वे अपनी डाइट में बेसन को जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। इससे अलग गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली महिलाएं अपनी डाइट में बेसन को जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। ध्यान दें कि जो लोग बालों या त्वचा से संबंधित समस्याओं से परेशान हैं वे इस समस्या को दूर करने में बेसन का उपयोग कर सकते हैं।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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