Drinking-Water

हमारे जीवन में पानी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिना पानी के जीवन की कल्पना करना भी संभव नहीं है। अक्सर बीमारी की वजह से या पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पानी पीने से शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और आप स्वस्थ्य रहते हैं। किन्हीं कारणों से शरीर में होने वाली पानी की कमी को अक्सर लोग पहचान नहीं पाते लेकिन अगर आप कुछ बातों पर ध्यान देंगे तो आप जान पाएंगे कि कब आपके शरीर को पानी की आवश्यकता है।

1. मुंह सूखना

मुंह सूखना शरीर का पहला संकेत होता है जब हमारा शरीर पानी मांगता है। मुंह सूखने पर पानी की जगह कोई मीठा पेय पदार्थ पी लेने से कुछ देर के लिए राहत जरूर मिल सकती है लेकिन फिर थोड़ी देर बाद आपका मुंह सूखने लग जाता है। पानी पीने से गला गीला रहता है और मुंह में लार बनता रहता है।

2. त्वचा का रूखापन

त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है इसे हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। पानी कम पीने से पसीना भी कम आता है और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते हैं। शरीर में पानी की कमी से त्वचा खुश्क और रूखी हो जाती है और इससे कई त्वचा संबंधी रोग होने का खतरा रहता है।

3. आंखों में सूखापन

पानी की कमी से सिर्फ मुंह और गला प्रभावित नहीं होता है बल्कि आंखों पर भी इसका असर पड़ता है। पानी की कमी से आंखें सूखी और लाल हो जाती हैं। पानी की कमी से अश्रु नलिकायें सूख जाती हैं और रोने पर आंसू नहीं आते हैं। आंखों में इस सूखेपन की वजह से आंखों में दर्द रहना शुरू हो जाता है और आंखें की रोशनी कमजोर हो जाती हैं। अगर आप कांटेक्ट लैंस का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए ये और भी खतरनाक होता है।

4. जोड़ों में दर्द

हमारे शरीर की कार्टिलेज और रीढ़ की हड्डी के हिस्सों के निर्माण में 80 प्रतिशत भूमिका पानी की होती है। हडि्डयों में लचीलापन और चिकनाहट बनाए रखने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। शरीर में पानी की पूर्ति होने पर दौड़ने, भागने, कूदने, जोड़ों में अचानक कोई झटका या मूवमेंट से नुकसान होने की संभावना कम रहती है। हडि्डयों में या जोड़ों में दर्द होने पर और कोई मूवमेंट होने पर पर अगर आवाज आती है तो आपको समझ लेना चाहिए कि शरीर में पानी की कमी है।

5. मसल्स मास में कमी

मसल्स के बनने में पानी अहम भूमिका निभाता है। शरीर में पानी की कमी होने का मतलब बॉडी में मसल्स मास में की कमी होना। वर्कआउट के पहले, बीच में और बाद में पानी पीने से बॉडी हाइड्रेट रहती है और पानी का इस्तेमाल सही जगह हो जाता है। पानी पीने से पसीने के साथ विषैले पदार्थ बाहर निकाल जाते हैं, मोटापा कम होता है और शरीर में मसल्स की संख्या भी बढ़ती है।

6. शरीर में थकान और सुस्ती

अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो शरीर, खून में से पानी लेने लग जाता है। इससे खून में आक्सीजन की कमी हो जाती है और कार्बन डाई आक्साइड का स्तर बढ़ जाता है जिससे आप थकान और सुस्ती महसूस करने लगते हैं।

7. सांसों में बदबू

शरीर में पानी की कमी होने पर, मुंह में सही मात्रा में थूक नहीं बन पाता है। थूंक आपके मुंह के भीतर नुकसानदायक बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। इसकी कमी होने पर बैक्टीरिया बनते रहते हैं और सांसों में बदबू की शिकायत होती है।

8. पेशाब का पीला रंग

पेशाब के रंग से आप अपने स्वास्थ्य का सही- सही अंदाज लगा सकते हैं। अगर आपके पेशाब का रंग गहरा पीला हो या पेशाब के बाद जलन हो तो ये समझ लीजिए कि आपके शरीर में पानी की कमी है। अक्सर पेशाब का पीला रंग दवाओं के वजह से भी हो जाता है लेकिन अगर आप किसी प्रकार की दवाई का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो ये शरीर में पानी की कमी का संकेत है।

9. एसीडिटी

अगर आपको एसिडिटी हो रही है, कब्ज की शिकायत है या पाचन ठीक नहीं रहता है, तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आपके शरीर में पानी की भारी कमी हो। ठीक मात्रा में पानी पीने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और कब्ज नहीं होता। इससे पेट का ऐसिड भी डाइल्यूट होता है, जिससे आपको अक्यूट एसिडिटी की शिकायत नहीं होती है।

10. झुर्रियां

शरीर में पानी की कमी होने पर त्वचा और चहरे पर झुर्रियां पड़ने लग जाती हैं। इन झुर्रियों की वजह से आप समय से पहले बूढ़े दिखने लग जाते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा स्वस्थ्य और चमकदार दिखे तो आपको दिन भर में पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

पानी की कमी को कैसे दूर करें

पानी पीना सेहत के लिए बहुत जरूरी है लेकिन गर्मियों के मुकाबले लोग सर्दियों में पानी का बहुत कम मात्रा में सेवन करते हैं क्योंकि इस मौसम में प्यास बहुत कम लगती है जबकि सर्दी में भी पानी उतना ही जरूरी है जितना गर्मी के मौसम में। शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने के लिए पानी पीना जरूरी है लेकिन सर्दियों में चाहकर भी ज्यादा पानी नहीं पीया जाता ऐसे में आप आहार में ऐसे फल और सब्जियों को शामिल कर सकते हैं जो पानी की कमी को पूरा कर देते हैं क्योंकि यह आहार भी तरल पदार्थ के रूप में विषैले तत्वों को बाहर निकालते का काम करते हैं।

ब्रोकली

भले ही ब्रोकली खाने में बेस्वाद लगे लेकिन इसमें 89 प्रतिशत पानी का मात्रा होती है इसके अलावा उसमें अन्य बहुत पोषक तत्व मौजूद होते हैं, इसलिए इसे उबाल कर खाएं। शरीर को काफी मात्रा में पानी मिलेगा।

दही

सर्दियों में आप सुबह ब्रेकफास्ट व लंच के समय आप दही का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देता है। इसमें पानी के 85 प्रतिशत अवयव होते हैं। सुबह के नाश्ते में दही और लस्सी का सेवन करने से पानी की कमी पूरी हो जाती है।

चावल

चावल पकाने के बाद इसमें 70 प्रतिशत पानी के अवयव होते हैं जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मददगार है। इसके अलावा इसमें आयरन,कार्बोहाइड्रेट जैसे जरूरी तत्व भी शामिल होते हैं। आप फ्राइड की बजाए उबले चावलों का सेवन करें तो बेहतर है।

सेब

सेब में 89 प्रतिशत पानी होता है और यह फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम व अन्य पोषक तत्वों का सबसे बेहतरीन स्रोत है। इसे रोजाना की डाइट में जरूर शामिल करें।

नींबू

नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। नींबू शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार हैं। सलाद और फलों के साथ नींबू का सेवन करना अच्छा है।

पालक

हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक सबसे बैस्ट है। इसमें प्रोटीन,विटामिन,आयरन के अलावा और भी बहुत से तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। सब्जियों के साथ पालक का सूप पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है। पालक को आप सब्जी के रूप में भी खा सकते हैं।

सलाद

मूली,गाजर,खीरा और टमाटर में पानी की मात्रा में काफी ज्यादा होती हैं इसलिए सलाद को डाइट में शामिल जरूर करें।

पानी से भरपूर फल

संतरा और मौसंबी में कैलोरी बहुत कम होती है लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर इन फलो में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। सर्दियों में दोपहर के समय इन फलों का सेवन करें। इसके अलावा अनानास, अंगूर,ब्लू बेरी और स्ट्रॉबेरी भी पानी से भरपूर होते हैं। बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए बेरी फ्रूूट का सेवन जरूर करें।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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