बच्चे हों या बड़े सब को पस्त कर देती है ये उल्टियाँ। उल्टी होना शरीर से विजातीय पदार्थ निकालने की एक शारीरिक प्रक्रिया है, मगर कभी कभी शरीर में संक्रमण होने से कुछ भी खाने पीने से तुरंत उल्टियाँ होने लगती है। ऐसे में ये उपाय सीधे सीधे संक्रमण समाप्त कर उल्टी को तुरंत रोकते हैं। आइये जानते हैं।

वमन उल्टी या जी मिचलाना

दो लौंग कूटकर 100 ग्राम पानी में डालकर उबालें। आधा पानी रहने पर छानकर स्वाद के अनुसार मिश्री मिलाकर पी लें और करवट लेकर सो जाएँ। दिन भर में चार-चार घंटे से ऐसी चार मात्राएँ लेने से उल्टियाँ बंद हो जाएँगी।

विशेष

  • मुख का बिगड़ा स्वाद ठीक करने के लिए, मुख शुद्धि और कीटाणुरहित करने के लिए आवश्यकता के समय में एकबार एक लौंग चूसना लाभप्रद है।
  • दो लौंग पीसकर 30 ग्राम पानी में मिलाकर थोड़ा गर्म करके पिलाने से जी मिचलाना ठीक हो जाता है। लौंग के पानी से सूखी हिचकियाँ भी शांत हो जाती है। केवल एक-दो लौंग चबाने चूसने से भी जी मिलचाना और मुख का बिगड़ा स्वाद ठीक होता है। चक्कर, उबकाई आने में लौंग का प्रयोग बड़ा लाभप्रद है।
  • बस में सफर करते समय जिन्हे उल्टियाँ होती है, उन्हें भी मुंह में एक लौंग रखकर चूसना लाभप्रद रहता है।
  • गर्भावस्था की उल्टियों में दो लौंग मिश्री के साथ पीसकर आधा कप गर्म पानी में मिलाकर देने से आराम होता है।

तेज गर्मी के प्रभाव से उत्पन्न वमन

बारह ग्राम धनिया ( तीन चम्मच ) के चूर्ण को 250 ग्राम पानी में एक घंटे के लिए भिगो दे। स्वाद के लिए एक चम्मच मिश्री का चूर्ण भी मिला सकते है। एक घंटे बाद छानकर, एक-एक घंटे से बच्चो को एक चाय का चम्मच और बड़ो को एक ओंस ( 30 ग्राम ) की मात्रा से पिलाने से उल्टी रुक जाती है। गर्मी से चक्कर, उल्टी, दिल धड़कना आदि शिकायते मिटती है। गर्भवती की उल्टी भी ठीक हो जाती है। उल्टियों में सूखा धनिया मिश्री के साथ सेवन करने से आशातीत लाभ मिलता है।

clove

बहुत कठिन वमन उल्टी

जब किसी दवा से वमन बंद न हो तो चूने  का पानी एक चम्मच, दूध 125 ग्राम में मिलाकर दिन में दो बार पिए। इससे ज्वर की वमन, पीले बुखार की काली वमन भी बंद होती है।

यदि जी मिचलाए और कै आने, उल्टी हो तो

एक कागजी मिम्बु के दो टुकड़े कर ले। उन पर पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर लगा ले और धीरे-धीरे चूस ले। देखते ही देखते जी मिचलाना कै होना, उल्टी होकर चक्कर आना मिटता है।

रक्तवमन

जीरा 3 ग्राम और मिश्री 6 ग्राम मिलाकर बनाये गए चूर्ण को पानी के साथ फांक लेने से उलटी में खून आना, रक्तस्राव, उबाक, वमन व अरुचि दूर होते है। आवश्यकता अनुसार दिन में दो-तीन बार ले।

उबकाई

लौंग 5 व मिश्री 10 ग्राम को खूब महीन पीसकर 30 ग्राम पानी मिलाकर पीने से उबकाई या बदहजमी मिटती है।

Clove-During-Pregnancy

लौंग के इस्तेमाल में सावधानी

ध्यान रहे लौंग की प्रकृति गर्म होती है, इसके ज़्यादा सेवन से बवासीर या अन्य रोग हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ ज़रूरत के समय ही या एक लिमिट में ही इसका उपयोग करना चाहिए।

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