भारतीय रसोई में हींग की अपनी खास जगह है। भारतीय व्यंजनों में खासतौर पर खुशबू और स्वाद के लिए किया जाता है। हींग की तेज खुशबू व्यंजन में एक अलग जायका लाती है। यह दाल में तड़का लगाने से लेकर सब्जी में खुशबू के लिए भी इस्तेमाल की जाती है। आमतौर पर ये गहरे लाल या फिर भूरे रंग की होती है। लेकिन इसके अलावा भी हींग के बहुत सारे फायदे हैं जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल लगभग हर किचन में किया जाता है। जी हां हींग कई बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। आंखों की बीमारी होने पर हींग का सेवन करना चाहिए। हींग बहुत ही अच्छा पाचक चूर्ण भी है। आइए हम आपको हींग के औषधीय गुणों की जानकारी देते हैं।

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हींग के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

  • सिरदर्द होने पर हींग को गर्म करके उसका लेप लगाने से फायदा होता है।
  • पेट में दर्द व ऐंठन होने पर अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करने से फायदा होता है।
  • उल्टी आने पर हींग को पानी में पीसकर पेट पर लगाने से फायदा होता है।
  • पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।
  • कान में दर्द होने पर तिल के तेल में हींग को पकाकर उस तेल की बूंदों को कान में डालने से कान का दर्द समाप्त हो जाता है।
  • दांत में कीड़ा लग जाने पर रात में सोते वक्त दांतों में हींग दबाकर साएं। ऐसा करने से कीडे अपने-आप निकल जाएंगे।
  • पीलिया होने पर हींग को गूलर के सूखे फलों के साथ खाना चाहिए। पीलिया होने पर हींग को पानी में घिसकर आंखों पर लगाने से फायदा होता है।
  • कांटा चुभने पर उस स्थान पर हींग का घोल भर दीजिए। इससे पीड़ा भी समाप्त होगी और कांटा अपने आप निकल जाएगा।
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  • खाने से पहले घी में भुनी हुई हींग एवं अदरक का एक टुकडा मक्खन के साथ में लेने से भूख ज्यादा लगती है।
  • कब्ज होने पर हींग के चूर्ण में थोडा सा मीठा सोडा मिलाकर रात में सोने से पहले लीजिए। इससे पेट साफ हो जाएगा।
  • दाद, खाज, खुजली जैसे चर्म रोगों के लिए हींग बहुत फायदेमंद है। चर्म रोग होने पर हींग को पानी में घिसकर लगाने से फायदा होता है।
  • अगर किसी खुले जख्म पर कीडे पड़ गए हों तो, उस जगह पर हींग का चूर्ण लगाने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • बवासीर की समस्या पर हींग का प्रयोग करना फायदेमंद होता है। बवासीर होने पर हींग का लेप लगाने से बवासीर में आराम मिलता है।

हींग की प्रवृत्ति गर्म होती है इसलिए इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। थोड़ी मात्रा में तड़के के रूप में या सलाद के मसाले आदि में आप इसका सेवन नियमित रूप से कर सकते हैं।

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