kanpati ki malish ke fayde weak eyesight treatment

इन दिनों जहां ज्यादातर लोगों का वक़्त मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर के सामने बीतता है, ऐसे में लोगों की आंखे भी पहले के मुकाबले जल्दी कमजोर होने लगी है। बड़ों से लेकर छोटे उम्र के बच्चों तक हर किसी को आंखें कमजोर होने और कम दिखाई देने की समस्या है। इन परिस्थितियों में ये बेहद जरूरी है कि आप अपनी दिनचर्या में रोजाना, चाहे केवल 5 मिनट ही सही लेकिन आंखों का व्यायाम शामिल करें।

एक्सरसाइज 1

किसी कुर्सी पर आराम से बैठ जाइए : अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें ताकि वे कुछ गरम हो जाँय। अपनी आँखों को बन्द करके उनके उपर अपनी हथेलियों को रखें। किन्तु आँखों पर अधिक दबाव न डालें। नाक को हथेलियों से न ढकें। यह सुनिश्चित करें कि हथेलियों और आँख के बीच प्रकाश किरणों के जाने के लिए कोई रास्ता न बचे और प्रकाश किरणे आँख में न जा सकें। आपको फिर भी कुछ रंग बिरंगे आकार दिख सकते हैं। घनी कालिमा की कल्पना कीजिए और इसी पर अपना ध्यान केन्द्रित करें। धीरे-धीरे गहरी साँसे लेते हुए तथा किसी सुखद घटना को याद करते हुए किसी दूरस्थ दृष्य की कल्पना करें। कुछ देर कालिमा ही कालिमा के दर्शन करने के बाद हथेलियों को आँखों से हटा लीजिए। ‘हथेली क्रिया’ (पामिंग) 3 मिनट या इससे अधिक करें।

एक्सरसाइज 2

अपनी आँखों को 3 से 5 सेकेण्ड के पूरी तरह बन्द कर लीजिए। यह क्रिया सात बार दोहराइए।

एक्सरसाइज 3

गरम एवं ठण्डा दबाना (Hot and Cold Compress): दो तौलिए लीजिए। पहले तौलिए को गरम पानी में भिगो लीजिए, दूसरे को ठण्डे जल में भिगो लें। एक तौलिए को लेकर उसे अपने चेहरे पर आँख की भौंहों, बन्द आँख की पुलतियों और गालों पर हल्के से दबाइए। एक बार गरम तौलिए से और फिर ठण्डे तौलिए से, फिर गरम से – यह क्रिया करें। अन्त में ठण्डे तौलिए से करने के बाद इसे समाप्त करें।

एक्सरसाइज 4

पूरे चेहरे की मालिश : किसी तौलिए को गरम जल में भिगो दें। आँखों को बचाते हुए अपने गर्दन, ललाट तथा गालों को इस तौलिए से रगड़ें। इसके बाद अपनी अंगुलियों के अग्रभागों से अपने ललाट तथा अपनी बन्द आँखों को हल्के से मालिश करें।

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एक्सरसाइज 5

पुतलियों (Eyelid) की मालिश : अपनी आँखों को बन्द कर लें तथा उन्हें अपने अंगुलियों के वृत्तीय गति से एक-दो मिनट तक मालिश करें। ध्यान रहे कि आप आँखों को बहुत हल्के से ही दबाएँ और इसके पहले आपने अपने हाथों को साफ कर लिया हो ताकि आँखों को कोई नुकसान न हो।

एक्सरसाइज 6

अपने दोनो हाथों की तीन अंगुलियों से आँखों की ऊपरी पुतलियों को दबाएँ। यह दबाव एक-दो सेकेण्ड तक बनाए रखें। यह क्रिया 5 बार करें।

एक्सरसाइज 7

बैठ जाँय और आराम करें: अपनी आंखों को दक्षिणावर्त (clockwise) घुमाएँ, फिर वामावर्त (counter-clockwise) घुमाएँ। यह क्रिया 5 बार करें। बीच-बीच में पलकों को झपका लें। .

एक्सरसाइज 8

दूर के किसी वस्तु पर नजर टिकाएँ (लगभग 50 मी दूर): उसके बाद अपने सिर को बिना चलाए धीरे-धीरे करके पास की किसी बस्तु (10 मीटर से कम दूरी की वस्तु) पर आँख को फोकस करें। फिर दूर की वस्तु पर आँखों को फोकस करें। 5 बार करें।

एक्सरसाइज 9

किसी खिड़की से आधा फुट की दूरी पर बैठें। काँच पर, आँखों के ही स्तर पर एक निशान बना लें (जैसे कोई छोटा लाल या काला स्टिकर चिपका दें)। इस निशान से होकर देखें और दूर की किसी वस्तु को देखने की कोशिश करें। उसके बाद अपनी दृष्टि को इस निशान पर केन्द्रित करें।

एक्सरसाइज 10

अपने सामने एक हाथ की दूरी पर एक पेंसिल पकड़ें: धीरे-धीरे अपने हाथ को नाक की तरफ लाएँ और अपनी आंखों से पेंसिल को लगातार देखने की कोशिश करें (तब तक जब तक आप पेंसिल को न देख पाएँ)। यह क्रिया 10 बार करें। (दूसरा तरीका यह है कि किसी धागे से किसी वस्तु को बांधकर उसे झुला दिया जाय जिससे यह आगे-पीछे दोलन करने लगे। इस घूमती हुई वस्तु पर आँखों को केन्द्रित करने की कोशिश करें।)

एक्सरसाइज 11

अपने सामने की दीवार की तरफ देखें: कल्पना करें कि आप आँखों से दीवार पर कुछ लिख रहे हैं। अपने सिर को न हिलाएँ, केवल आँखों को ही घुमाएँ। पहले-पहल यह कठिन लग सकता है किन्तु बाद में आनन्द आएगा। जितने बड़े अक्षर लिखने की कोशिश करेंगे, उतना ही लाभदायक होगा।

एक्सरसाइज 12

दूर रखी किसी चीज पर अपनी दृष्टि फोकस करें, अर्थात उसे देखने की कोशिश करें: अच्छा हो यदि उस वस्तु और उसके बैकग्राउण्ड में कॉन्ट्रास्ट कम हो। यह काम प्रत्येक आधे-एक घण्टे बाद कुछ मिनट तक करें।

एक्सरसाइज 13

आँख को ऊपर और नीचे गति कराएँ: यह काम 8 बार करें। इसके बाद आँख को दाएँ-बाएँ गति कराएँ। इसे भी 8 बार करें। इस बात का ध्यान रखें कि आपकी आँखें जितना किनारे जा सकती हैं उससे अधिक बलपूर्वक ले जाने की कोशिश न करें क्योंकि इससे लाभ के स्थान पर हानि हो सकती है।

एक्सरसाइज 14

समाप्ति के पूर्व आँखों पर हथेली रखकर ‘पामिंग’ (Palming) करें या कोई अन्य विश्रान्तिकारी (relaxation) तकनीक चुनकर उसे करें।

सलाह

आँखों की पलकों को झपकाने से (Blinking) से आँखें थकती नहीं।

नजदीक के काम (जैसे कम्प्यूटर के मानीटर को देखना) को बीच-बीच में रोक दिया करें और दूर की वस्तु को देखें। इससे भी आँखों को आराम मिलता है।

जब भी आँखों को थकान या तनाव का अनुभव हो तो ‘पामिंग’ कर लिया करें। इससे लाभ मिलता है।

व्यायाम को नियमित करने से ही लाभ मिलता है, बहुत दिनों पर या कभी-कभार करने से उतना लाभ नहीं होगा। हर घण्टे बाद 30-60 सेकेण्ड का आँखों को गति देने वाला व्यायाम भी बहुत कारगर है। उदाहरण के लिए जब आपका कम्प्यूटर कुछ करने में व्यस्त हो तब आप अपनी आँखों को वृत्ताकार पथ में घुमाने का अभ्यास करें। आपको इन व्यायामों से पहले ही दिन फर्क मालूम पड़ेगा और आप देखेंगे कि आँखे उतनी थकान नहीं महसूस करतीं।

चेतावनी

आँखों पर दबाव न लगाएँ।

इन व्यायामों को करने से पहले अपने हाथ धो लें और ध्यान रखें कि आँख में कुछ चला न जाय।

इन व्यायामों को करने के पहले अपने आँख के डॉक्टर से सलाह ले लें।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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