इसे पीते ही बवासीर (piles) जड़ से ख़त्म हो जाएगी..!!

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बवासीर की अचूक दवा | बवासीर का अचूक इलाज

बवासीर अर्थार्त पाइल्स जोकि आजकल बहुत ही दर्दनाक बीमारी है जिससे बैठने उठने में परेशानी होती है | बवासीर में मलाशय के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है | बवासीर दो प्रकार से होती है एक तो खुनी बवासीर और दूसरी बादी बवासीर |खुनी बवासीर में मस्सो में से खून आता है और इसमे मस्से लाल रंग के होते है |

आइये जाने बवासीर का घरेलु उपाय, हल्दी से बवासीर का इलाज, बवासीर का अचूक इलाज, बवासीर का आयुर्वेदिक दवा, हल्दी से बवासीर का इलाज इन हिंदी, केला से बवासीर का इलाज |
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खुनी बवासीर में मस्से पहले अंदर होते है बाद में धीरे धीरे बाहर आ जाते है और इसमे से खून टपकता रहता है |और बादी बवासीर में में तो ज्यादातर पेट ख़राब रहता और कब्ज की शिकायत ज्यादा रहती इसमे मस्से अंदर होते और मल त्यागने का रास्ता छोटा रहता है | बादी बवासीर में मस्सो का रंग काला होता है | इन मस्सो में खाज ,सूजन ,जलन व बेहद दर्द होता है |अगर बवासीर का जल्दी इलाज न किया जाए और ये पुरानी हो जाए तो इससे भगन्दर रोग भी हो सकता जिसका इलाज बहुत ही मुश्किल है और बाद में धीरे धीरे ये रोग कैंसर का रूप ले लेता है जिसे रिक्टम कैंसर भी कहा जाता है जोकि जान लेवा होती है |

बवासीर को अनुवांशिक बीमारी भी कही जाती है | बवासीर होने की संभावना उन लोगो को ज्यादा होने की होती जो ज्यादा खड़े रहते, तेज मिर्च मसाले वाला भोजन खाते , या फिर उन लोगो को जिनको ज्यादातर पेट की बीमारिया रहती उनको बवासीर की प्रॉब्लम हो सकती है |बवासीर उन लोगो को भी हो सकती जिन्हें मोस्टली कब्ज की शिकायत रहती क्योकि कब्ज की स्थिति में मल काफी सख्त होता और बवासीर हो जाती |

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बवासीर ज्यादा खतरनाक व तकलीफदेह हो सकती अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जाए |तो आइये दोस्तों हम आपको बवासीर रोकने के कुछ घरेलू व देसी नुश्खे बताते जिनका प्रयोग करके आप समय रहते बवासीर का इलाज कर सकते और अपनी तकलीफ कम कर सकते है :

बवासीर का इलाज

Bawaseer K Desi Ilaj Gharelu Nuskhe Aur Ayurvedic Upchar In Hindi

1. बवासीर चाहे खुनी हो या बादी अगर आप मूली का सेवन करते हो तो बवासीर में मूली एक रामबाण का काम करती है |आपने मूली सुबह खाली पेट खानी है और यह बवासीर में बहुत लाभ देती है |

2. बवासीर में किशमिश भी बहुत फायदा देती है आप रात भर किशमिश को पानी में भिगोकर रख दे और सुबह खाली पेट भीगे हुवे पानी में किशमिश को थोड़ा मथ ले और उसी पानी को किशमिश सहित खा ले | कुछ दिनों तक इसका लगातार प्रयोग करे तो बवासीर में बहुत ही लाभ मिलेगा |

3. बवासीर में यदि मस्से फूल गए हो आप आप छाछ का सेवन ज्यादा करे | आप एक जग छाछ ले और उसमे जीरा पाउडर व थोड़ा सा नमक मिला ले |और जब भी आपको प्यास लगे पानी की जगह आप छाछ का सेवन करे |कुछ दिनों तक ऐसा करने से बवासीर में बहुत है आराम मिलेगा |

4. खजूर भी बवासीर में बहुत फायदा पहुंचाती है | खजूर को भी आप रात को पानी में भिगो दे और सुबह खाली पेट भीगे हुवे पानी के साथ खजूर का सेवन करे | खजूर का सेवन करने से आपका पेट भी ठीक रहेगा और आपको कब्ज से भी राहत मिलेगी |

5. बवासीर में सेब का सिरका भी बहुत फायदा देती है अगर आपके मस्सो में दर्द हो रहा हो तो आप कॉटन जिसे रुई कहते है सेब के सिरके में भिगो कर मस्सो पर लगा ले | सेब के सिरके को मस्सों पर लगाने से मस्सो में दर्द ,खुजली ,जलन नहीं होगी | ऐसा करने से आपको मस्सो में तुरंत आराम मिलेगा | या फिर आप दिन में कभी भी दो से तीन चम्मच सिरके में पानी मिलाकर पी ले | इससे भी बवासीर में बहुत ही लाभ मिलेगा |

6. प्याज से भी बवासीर का इलाज संभव है | प्याज को बवासीर में एक रामबाण औषधि माना जाता है |आप प्याज को अपने खाने में भी इस्तेमाल करे | या फिर आप एक प्याज ले और उसका रस निकल ले और इस रस में चीनी मिलाकर सात से आठ दिन तक सुबह और शाम सेवन करे | इससे बवासीर मन बहुत ही ज्यादा  फायदा मिलेगा |

7. अगर बवासीर के मस्सो से खून आ रहा हो तो आप धुले हुवे काले तिल को ताजे मक्खन के साथ लेने से बवासीर के मस्सो से खून आना बंद हो जायेगा |

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हल्दी से बवासीर का इलाज कैसे करे

Haldi Se Bawaseer Ka Ilaj Kaise Karein In Hindi

हल्दी से बवासीर का इलाज

◘  काला नमक और हल्दी चूर्ण आधा आधा चम्मच मिलाकर ताजा पानी अथवा बकरी के दूध के साथ लस्सी बनाकर सेवन करने से मात्र 15 से 20 दिनों में बवासीर रोग में लाभ हो जाता है. प्रयोग आवश्यकता अनुसार अधिक दिनों तक भी किया जा सकता है.

◘  हल्दी को थोड़ा सा कूटकर जल में देर तक उबाल कर क्वाथ बनाएं. फिर आप से उतार कर, शीतल हो जाने पर छान लें. इसमें मधु मिलाकर बोतल में भरकर रखें. रात्रि को सोते समय 5 ग्राम क्वाथ पीने से बवासीर रोग खत्म होता है.

◘  घृत कुमारी यानी ग्वारपाठे के पौधे के साथ हल्दी को पीसकर बवासीर रोग में मस्सों पर लेप करने से शीघ्र लाभ होता है. मस्सों के नष्ट होने से तीव्र जलन व पीड़ा नष्ट होती है.

◘  मूली को साफ स्वच्छ करके तथा छीलकर उस पर हल्दी चूर्ण छिड़ककर दिन में 1-2 बार खाने से अर्श रोग में बहुत लाभ होता है. यह बवासीर का देसी आयुर्वेदिक उपचार में गिना जाता हैं.

◘  आमा हल्दी, लाल चंदन और नागकेशर प्रत्येक को समान मात्रा में लेकर विधिवत कूट-पीसकर कर कपडे से छान कर सुरक्षित रख लें. इस चूर्ण को 3 ग्राम आधा चम्मच की मात्रा में रोजाना दो बार 10 – 12 घंटे के अंतराल से चीनी युक्त गुण-गुने गाय के दूध के साथ सेवन करने से खुनी व बाजी दोनों प्रकार की बवासीर में असरकारी लाभ होता है. प्रयोग पूरा लाभ होने तक जारी रखें.

ध्यान रखे

दोस्तों आप इन देसी नुस्खों के अलावा कुछ बातों का ध्यान रखे जैसे की –

#  तेज मिर्च मसालों से युक्त खाना न खाये

#  जंक फ़ूड का सेवन बंद करे

#  चाय व कॉफ़ी का सेवन बंद

#  मैदे से बनी चीजे न खाये

#  शराब व ध्रूमपान का सेवन बंद करे |

#  बवासीर के मरीज कब्ज से बचे इसके लिए आप रेशेदार खाना खाये |

#  फ्रूट्स का ताज़ा जूस पिए |

#  हर रोज दिन ज्यादा से ज्यादा पानी पिए

#  मटर, बीन्स, राजमा का सेवन करे |

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दोस्तों हल्दी से बवासीर का इलाज इन हिंदी, केला से बवासीर का इलाज, एलोवेरा से बवासीर का इलाज का ये लेख कैसा लगा हमें जरूर बताएं और अगर आपके पास बवासीर को जड़ से इलाज, बवासीर ko जड़ से इलाज, बवासीर को जड़ से खत्म करना, बवासीर का अचूक इलाज, बवासीर के मस्से सूखने के उपाय के सुझाव है तो हमारे साथ शेयर करें।

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