गुग्गुल के फायदे guggul ke fayde in hindi

गुग्गुल के फायदे और लाभ | Guggul In English | What Is Guggul Called In Hindi

Guggul गुग्गुल

गुग्गुल guggul एक प्रकार की ऐसी औषधि है जो राजस्थान में अधिक मात्रा में पाई जाती है यह पूरे भारत में पाई जाती है। वैसे आबू पर्वत पर पैदा होने वाला guggul अच्छा सबसे अच्छा माना जाता है। गुग्गुल के फायदे 

Guggul गुग्गुल क्या है

Guggul काले और लाल रंग का होता है। इसका स्वाद कड़ुवा होता है। guggul का पेड़ रेतीली और पर्वतीय भूमि में पाया जाता है। इसके पत्ते छोटे-छोटे नीम के पत्तों के समान तथा फूल बिल्कुल छोटे-छोटे पांच पंखुड़ी वाले होते हैं।

इसके फल छोटे-छोटे बेर के समान तीन धार वाला होता है जिसे गुलिया कहा जाता है। इसके फल पेट दर्द को दूर करने में लाभकारी है। guggul की प्रकृति गर्म होती है। इसकी 2 से 4 ग्राम की मात्रा में गुग्गुल का सेवन कर सकते हैं।

अन्य नाम

इसको हिन्दी, मराठी, गुजराती, कन्नड़ में गुग्गुल, तेलगू में महिषाक्षी और अंग्रेजी में इण्डियन बेदेलियम आदि नामो से जाना जाता है।

गुग्गुल का सेवन कैसे करें

यदि आपको इसके सभी गुणों का फायदा लेना है तो सुबह-सुबह एक गिलास पानी मे चुटकी भर गुग्गुल डालकर सेवन करना चाहिए।

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गुग्गुल के फायदे

Guggul Ke Fayde Aur Labh In Hindi

1 गुग्गुल के गुणों से पाएं गठिया और जोड़ों का दर्द से छुटकारा (Guggul For Arthritis & Joint Pain)

प्रयोग 1

गुग्गुल और सोंठ का चूर्ण समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें और इसे घी में मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को जोड़ों पर लगानें से आराम मिलता है।

प्रयोग 2

3 ग्राम शुद्ध की हुई गुग्गुल को 10 ग्राम घी और 3 ग्राम शहद के साथ सेवन करने से जोड़ा के दर्द से आराम मिलता है।

प्रयोग 3

240 से 960 मिलीग्राम की मात्रा में गुग्गुल को शिलाजीत के साथ मिलाकर दिन में 2 से 3 सेवन करें इससे गठिया के दर्द में आराम मिलता है।

प्रयोग 4

10 ग्राम गुग्गुल लेकर इसे 20 ग्राम गुड़ में मिलाकर पीसकर इसकी छोटी-छोटी गोलिया बना लें। सुबह-शाम कुछ दिनों तक 1-1 गोली घी के साथ लेने से घुटने का दर्द दूर हो जाता है।

2 गुग्गुल के गुणों से पाएं सायटिका से छुटकारा  (Guggul For Sciatica)

इस प्रयोग को करने से गृध्रसी या सायाटिका में लाभ मिलता है।

क्या करें

50 ग्राम गुग्गुल में 10 ग्राम लहसुन और 25 ग्राम घी मिलाकर मटर के दानों के बराबर की गोलियां बना लें। 1-1 गोली जल के साथ दिन में 3 बार सेवन करें है।

3 गुग्गुल के गुणों से पाएं कमर के दर्द में गुग्गुल के फायदे (Guggul For Back Pain)

प्रयोग 1

गुग्गुल, गिलोय, हरड़ के बक्कल, बहेड़े के छिलके और गुठली सहित सूखे आंवले इन सबको 50-50 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में से आधा चम्मच चूर्ण 1 चम्मच अरण्डी के तेल के साथ रोजाना सेवन करें। इसे लगभग 20 दिन तक सेवन करने से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

प्रयोग 2

गुग्गुल को पानी में उबालकर गाढ़ा लेप बनाए और इससे कमर पर मालिश करें इससे लाभ मिलेगा।

प्रयोग 3

3 ग्राम शुद्ध गुग्गुल की गुठली निकालें और उसे 1 छुआरे में रख दें फिर इसके ऊपर गीले आटे का लेप कर दें। इसके बाद इसे गर्म राख में रख कर भून लें और इसे पीसकर चने के बराबर गोलियां बना लें और छाया में रखकर सुखा लें। इसमें से 1 गोली सुबह-शाम साफ साफ पानी के साथ लेने से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

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4 गुग्गुल के गुणों से पाएं सिर दर्द से छुटकारा  (Guggul For Headache)

प्रयोग 1

गुग्गुल को पान के साथ पीसकर मस्तक (माथे) पर दिन में 2-3 बार लेप करने से सिर दर्द खत्म होता है।

प्रयोग 2

पानी में गुग्गल को पीसकर माथे पर लगाने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।

5 गुग्गुल के गुणों से पाएं हिचकी से छुटकारा  (Guggul For Hiccups)

इस प्रयोग को करने से हिचकी दूर हो जाती है।

क्या करें

गुग्गुल को जल में घिसकर लेप बना लें। इस लेप को नाभि पर  लगाएं।

6 गंजापन में गुग्गुल के फायदे  (Guggul For Baldness)

इस प्रयोग को करने से गंजेपन में लाभ मिलेगा।

क्या करें

गुग्गुल को सिरके में घोटकर सुबह-शाम नियमित रूप से सिर पर गंजेपन वाले स्थान पर लगाएं।

7 सूजन में गुग्गुल के फायदे  (Guggul For Swelling)

किसी भी अंगों पर आई सूजन को दूर करने के लिए गुग्गुल को गर्म पानी में घिसकर लेप बना लें इसको दिन में 2-3 बार कुछ दिनों तक नियमित रूप से सूजन वाले स्थान पर लगाएं इससे लाभ मिलेगा।

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8 बवासीर में गुग्गुल के फायदे  (Guggul For Bawaseer Piles)

प्रयोग 1

गुग्गुल को जल में घिसकर लेप बना लें। इस लेप को बवासीर के मस्सों पर लगाने से लाभ मिलता है।

प्रयोग 2

शुद्ध गुग्गल 5 ग्राम, एलुआ 10 ग्राम तथा रसौत 10 ग्राम इन सब को थोड़े-से मुली के रस में मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। प्रतिदिन इसमें से 1-1 गोली सुबह-शाम ताजे पानी के साथ 20 दिन तक खाने से कब्ज खत्म दूर होती है तथा इसके साथ ही बवासीर रोग भी ठीक हो जाता है।

प्रयोग 3

3 ग्राम शुद्ध गुग्गुल को गर्म पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने दस्त साफ आता है तथा कब्ज की शिकायत भी खत्म हो जाती है जिसके फलस्वरूप बवासीर नष्ट हो जाता है।

9 guggul के गुणों से पाएं अम्लपित्त से छुटकारा (खट्टी डकारें आना)

इस प्रयोग को करने से अम्लपित्त से छुटकारा मिल जाता है।

क्या करें

1 चम्मच गुग्गुल का चूर्ण 1 कप पानी में गलाकर 1 घंटे बाद छान लें। भोजन के बाद दोनों समय इस गुग्गुल का सेवन करें।

10 guggul के गुणों से पाएं दाढ़ में दर्द से छुटकारा 

इस प्रयोग को करने से दाढ़ का दर्द ठीक हो जाता है।

क्या करें

गुग्गुल को पानी में घिसकर दाढ़ पर लगाएं।

11 guggul के गुणों से पाएं सर्दी से होने वाले दर्द से छुटकारा 

इस प्रयोग को करने से सर्दी से होने वाले दर्द से छुटकारा मिलता है।

क्या करें

गुग्गुल और सोंठ को एक साथ घिसकर शरीर पर लेप करके सेंकाई करें।

12 ब्रोंकाइटिस में गुग्गुल के फायदे  (Guggul For Bronchitis)

इस प्रयोग को करने से वायु प्रणाली शोथ (ब्रोंकाइटिस) में लाभ मिलता है।

क्या करें

गुग्गुल 240 से 960 मिलीग्राम की मात्रा को लेकर गुड़ के साथ 2-3 बार सेवन करें।

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13 फेफड़े संबन्धी रोग में गुग्गुल के फायदे 

इस प्रयोग को करने से फुफ्फुस (फेफड़े) सम्बंधी अनेक रोगों में अधिक लाभ मिलता है।

क्या करें

गुग्गुल 0.24 से 0.96 ग्राम की मात्रा को गुड़ के साथ प्रतिदिन 3-4 बार सेवन करें।

14 दमा में गुग्गुल के फायदे  (Guggul For Asthma)

दमा रोग में गुग्गुल लगभग आधा से 1 ग्राम मात्रा को सुबह-शाम दोनों समय घी के साथ सेवन करना लाभकारी होगा।

15 गुग्गुल के गुणों से पाएं खांसी से छुटकारा (Guggul For Cough)

इस प्रयोग को करने से खांसी ठीक हो जाती है।

क्या करें

24 से 96 मिलीग्राम गुग्गुल को छोटी पीपल, अड़ूसा, शहद और घी के साथ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें।

16 दांतों में कीड़े लगना (Guggul For Worms In Teeth)

इस प्रयोग को करने से कीड़े मरकर लार के साथ बाहर आ जाएंगे और दर्द से भी आराम मिलेगा।

क्या करें

35 मिलीलीटर पानी में 3.50 मिलीग्रम गुग्गुल घोल लें फिर इस घोल में रुई भिंगोकर इसे दांत के गड्ढ़े रखें ।

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17 पायरिया (मसूढ़ों से खून बहना) 

इस प्रयोग को करने से  पायरिया ठीक हो जाता है।

क्या करें

गुग्गुल को 35 मिलीलीटर पानी में घोलकर लेप बना लें। इस लेप को मसूढ़ों पर मलें। इस प्रकार से प्रतिदिन कुछ दिनों तक लेप करें।

18 मुंह के छाले (Guggul For Mouth Ulcers )

इस प्रयोग को करने से मुंह के अन्दर के घाव, छाले व जलन ठीक हो जाते हैं।

क्या करें

गुग्गुल को मुंह में रखने से या गर्म पानी में घोलकर दिन में 3 से 4 बार इससे कुल्ला व गरारे करें।

19 दस्त (Guggul For Diarrhea)

इस प्रयोग को आंतों में जलन होने के कारण होने वाले दस्त ठीक हो जाता है।

क्या करें

गुग्गुल 240 मिलीग्राम से लेकर 960 मिलीग्राम की मात्रा में सेवन करें।

20 मूत्ररोग (Guggul For Urine Disease)

इस प्रयोग को करने से कई प्रकार के मूत्र रोग ठीक हो जाते हैं।
क्या करें

गुग्गुल 0.24 ग्राम से 0.96 ग्राम की मात्रा में गुड़ के साथ सेवन करें।

21 मुंह से बदबू आना (Guggul For Bad Breathe)

इस प्रयोग को करने से मुंह से बदबू आने तथा सांसों से बदबू आने पर लाभ मिलेगा।

क्या करें

सलाई गुग्गुल 600 से 1200 मिलीग्राम को बबूल की गोंद के साथ मिलाकर सेवन करें।

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22 कान का दर्द (Guggul For Earache)

गुग्गुल और जीरे को पीसकर आग पर रखकर पका लें। पकते समय जो इसमें से धुंआ निकलता है उस धुंए को कान में लेने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।

23 कान के कीड़े (Guggul For Ear-worm)

गुग्गुल का धुंआ कान में लेने से कान के सारे कीड़े मर जाते हैं।

24 दस्त के साथ आंव आना 

इस प्रयोग को करने से दस्त के साथ आंव आने की अवस्था में आराम मिलता है।

क्या करें

240 से 960 मिलीग्राम गुग्गुल को इन्द्रजौ और गुड़ के साथ रोजाना सेवन करें।

25 अधिक कमजोरी होना (Guggul For Weakness)

इस प्रयोग को करने से कमजोरी दूर हो जाती है।

क्या करें

240-960 मिलीग्राम गुग्गुल सुबह-शाम शहद या घी के साथ सेवन करें ।

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26 लकवा (पक्षाघात-फालिस फेसियल, परालिसिस) (Guggul For Paralysis)

प्रयोग 1

लगभग 240 मिलीग्राम से 960 मिलीग्राम कैशोर गुग्गुल के साथ रास्ना एवं घी सुबह और शाम को सेवन करने से लकवे में फायदा मिलता है।

प्रयोग 2

एरण्ड के तेल में गुग्गुल को पीसकर लेप बनाएं और पीड़ित अंगों पर कुछ हफ्तों तक नियमित मालिश करें इससे आराम मिलेगा।

प्रयोग 3

लगभग 100 ग्राम माल कांगनी, 5 ग्राम सिंगिया, 5 ग्राम संखिया, 10 ग्राम धतूरे के बीज, 5 ग्राम जायफल, 5 ग्राम सफेद गोमती, 500 ग्राम नारियल का तेल, 500 ग्राम अण्डी का तेल और 250 मिलीलीटर अलसी का तेल इन सभी को मिलाकर आंच पर लाल होने तक उबालें। इसके बाद इसे छानकर बोतल में भर लें। इस तेल से प्रतिदिन लकवा ग्रस्त भाग पर 4 बार मालिश करें इससे लाभ मिलता है।

27 भगन्दर में guggul के फायदे  (Guggul For Bhagander)

प्रयोग 1

गुग्गुल और त्रिफला का चूर्ण 10-10 ग्राम को जल के साथ पीसकर हल्का गर्म करें, इस लेप को भगन्दर पर लगाने से लाभ मिलता है।

प्रयोग 2

शुद्ध गुगल 50 ग्राम, त्रिफला 30 ग्राम और पीपल 15 ग्राम लेकर इसे कूट छानकर इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर चने के बराबर गोलियां बना लें। इन गोलियों को छाया में सूखाकर लगातार 15-20 दिन तक 1-1 गोली सुबह-शाम सेवन करें। इससे भगन्दर ठीक होता है।

28 गुग्गुल के फायदे ट्यूमर में (Guggul For Tumor)

प्रयोग 1

सलई गुग्गुल गर्म पानी में घिसकर सुबह-शाम गिल्टी पर बांधने से फायदा मिलता है।

प्रयोग 2

600 से 1200 मिलीग्राम गुग्गुल रोजाना सुबह-शाम सेवन करने से रोग में इस रोग में लाभ होता है।

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29 गुग्गुल के फायदे मोटापा में (Guggul For Weight Loss)

प्रयोग 1

शुद्ध गुग्गुलु की 1 से 2 ग्राम को गर्म पानी के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से लाभ मिलता है और मोटापन दूर होता है।

प्रयोग 2

गुग्गुल, त्रिकुट, त्रिफला और काली मिर्च को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चूर्ण बना लें, फिर इस बने चूर्ण को अच्छी तरह एरण्ड के तेल घोटकर रख लें, इस चूर्ण को रोजाना 3 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से मोटापापन दूर होता है।

30 पीलिया में गुग्गुल के फायदे  (Guggul For Jaundice)

योगराज गुग्गुल को गोमूत्र के साथ सेवन करने से पीलिया रोग ठीक हो जाता है।

31 सौन्दर्य प्रसाधन (Guggul For Skin)

इस प्रयोग को करने से चेहरे पर के फोड़े-फुंसियां ठीक हो जाते हैं तथा चेहरा साफ और सुन्दर हो जाता है और चेहरे पर चमक आ जाती है।

क्या करें

240 मिलीग्राम से 960 मिलीग्राम गुग्गुल को घी के साथ लगातार सुबह और शाम सेवन करें।

32  गुग्गुल करे शरीर में सूजन (Guggul For Swelling)

इस प्रयोग को करने से लम्बे समय से बनी हुई कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है तथा शरीर में होने वाले सूजन भी दूर हो जाते हैं।

क्या करें

लगभग 5-5 ग्राम की मात्रा में गुग्गल और त्रिफला के चूर्ण को मिलाकर रात में हल्का गर्म पानी के साथ करें।

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आवश्यक सावधानीयाँ

•    गुग्गुल का सेवन करने वाले रोगियों को खटाई, मिर्च, कच्चे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए और न ही संभोग क्रिया करनी चाहिए।

•   गुग्गुल का सेवन करने वाले रोगी को शराब, मदिरा और कोई भी नशें का पदार्थं जो वह सेवन करता हो तुरन्त ही छोड़ देना चाहिए।

•   इसका सेवन करने वालों को क्रोध नहीं करना चाहिए।

•   कई योग गुग्गुल के ऐसे भी होते हैं जिनमें नाम मात्र का भी परहेज नहीं होता है जैसे-योगराज गुग्गुल इत्यादि।

गुग्गुल के नुकसान

Guggul Ke Nuksan & Side Effects In Hindi

•   गुग्गुल का अधिक मात्रा में सेवन करना यकृत के लिए हानिकारक हो सकता है।

•   गुग्गुल का अधिक सेवन से कमजोरी, मूर्च्छा (बेहोशी , अंगों में ढ़ीलापन, मुंह की सूजन तथा दस्त अधिक आने की समस्यां उत्पन्न हो सकती है।

•   मुंह में छाले , रक्तपित्त , आंखों में जलन, उष्ण वात, पित्त से होने वाला सिरदर्द और पैर का फूल जाना आदि रोगों की अवस्था में गुग्गुल गाय के दूध का घी के साथ सावधानी पूर्वक सेवन करना चाहिए नहीं तो इससे हानि हो सकती है।

•   गुग्गुल का सेवन काल में देर रात तक जागना और दोपहर को सोना नहीं चाहिए क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

•   खट्टे पदार्थ, अधिक भोजन, श्रम, धूप, मद्य और क्रोध आदि अवस्था में गुग्गुल का उपयोग करने से हानि हो सकती है।

•   गुग्गुल के दोषों को दूर करने वाला कतीरा द्वारा गुग्गुल के गुणों को सुरक्षित रखकर इसके दोषों को दूर करता है।

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