मस्से का आयुर्वेदिक उपचार | मस्से खत्म करने का इलाज

दोस्तों मस्से अगर गर्दन के पीछे हो या कोई ऐसी जगह हो जहां सबकी नजर नहीं जाती, तो लोगों के लिए ये चिंता का विषय नहीं होता। लेकिन कई बार मस्से चेहरे के ऐसी जगह पर होते हैं जहां से वो दूसरों को आसानी से दिख जाते हैं। ये मस्से दिखने में अच्छे नहीं लगते। कई बार ये मस्से, कैंसर का रुप भी धारण कर लेते हैं। तो ऐसी स्थिति में अच्छा है कि आप मस्सों को हटा दीजिए।

आइये जानें मस्से की मेडिसिन, चेहरे के मस्से, गर्दन पर मस्से, मस्से का आयुर्वेदिक उपचार, मस्से होने का कारण, मस्से खत्म करने का इलाज, मस्से दूर करने के लिए अपनाएं ये खास घरेलू तरीके, मस्से के लक्षण।

अगर आपको जन्म के समय से ही कोई मस्सा है तो ये अहानिकारक है। लेकिन मस्से जन्म के बाद हुए हैं या बड़े होने पर हुए हैं तो समय बीतने के साथ ये कैंसर का रूप धारण कर सकते हैं। अगर ये मस्से किसी इंसान को 30 की उम्र के बाद होते हैं तो कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ जाता हैं।

मसे का इलाज

अगर शरीर के किसी भी मस्से से खून निकले तो इसे नजरअंदाज ना करें। मस्सों में होने वाली खुजली को भी हल्के में ना लें।

इन स्थितियों में एक बार चिकित्सक से जरूर मिलना चाहिए और वर्तमान में जब कैंसर काफी सामान्य बीमारी होते जा रही है तो चिकित्सक से मिलने में कोई बुराई नहीं है।

■  नाभि में लगाए ये एक चीज, होगा ऐसा असर की जिंदगी भर दवाइयों की जरूरत नहीं होगी

दोस्तों मस्से ना काटें, ना फोड़ें

कुछ लोग मस्सों को हटाने के लिए उसे कटवा देते हैं या घर पर ही खुद से काट व फोड़ लेते हैं। लेकिन ऐसा कभी नहीं करना चाहिए। मस्से को काटने और फोड़ने के कारण मस्से के वायरस का शरीर के अन्य हिस्सों में भी जाने का खतरा होता है। जिससे और मस्से हो जाते हैं। कई बार तो मस्से का वायरस एक आदमी से दूसरे आदमी की त्वचा पर भी चला जाता है।

मस्से होने का कारण

शरीर पर मस्से होना एक प्रकार का चर्मरोग माना जाता है। यह प्रायः सरसों अथवा मूँग के आकार से लेकर बेर तक के आकार का होता है।

मस्से विषाणु संक्रमण से पैदा होते हैं। प्रायः ‘मानव पेपिल्लोमैविरस’ नामक विषाणु की प्रजाति इसका कारण होती है। त्‍वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं जिसे मस्‍सा कहते हैं।

मस्‍से काले और भूरे रंग के होते हैं। मस्‍से 8 से 12 प्रकार के होते हैं। जिनमें से कुछ मस्से अपने-आप खत्म हो जाते हैं, लेकिन कुछ मस्‍से इलाज के बाद जाते हैं।

मस्‍से को काटने और फोड़ने के कारण मस्‍से का वायरस शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में भी चला जाता है जिसके कारण मस्‍से हो जाते हैं। मस्से संक्रमण (छुआछूत) से हो सकते हैं और शरीर में वहाँ प्रवेश करते हैं जहाँ त्वचा कटी-फटी हो।

मस्से दूर करने के लिए अपनाएं ये खास घरेलू तरीके

मस्से के उपचार

तो दोस्तों ऐसे करें प्‍याज का इस्तेमाल । प्याज हर तरह से हमारे लिए फायदेमंद है। खाने से लेकर इसके रस को लगाने तक के फायदे हैं। मस्सों के लिए तो ये रामबाण है। मस्सों को हटाने के लिए लगातर बीस से तीस दिनों तक प्याज के रस को मस्सों में लगाएं। जब समय मिले तब प्याज को काटकर मस्सों पर रगड़ें। दिन में दो-तीन बार ऐसा करें। प्याज के रस से मस्सों का वायरस मर जाता है और मस्से जड़ से खत्म हो जाते हैं।

■  सिर्फ़ 3 दिनो में खूनी बवासीर को जड़ से खत्म करने का घरेलू उपाय

दोस्तों मस्सा (wart), मस्सा, मोल्स, तिल हटाने के उपाय, मस्से कैसे हटायें (Removal of moles), मस्से के घरेलु उपचार, Masse ke Gharelu Upchar का ये लेख कैसा लगा हमें जरूर बताएं और अगर आपके पास मस्से कैसे हटाए, कैसे मस्सों से छुटकारा पाएँ, मस्से को जड़ से हटाने के उपाय,घरेलू उपचार से तिल कैसे हटाए, chehre se til aur masse (mole) hatane ke tarike aur gharelu upay in hindi के सुझाव है तो हमारे साथ शेयर करें।

Loading...

Leave a Reply