चर्म रोग बेहद गम्भीर रोग है जिसमे स्किन में दाद के काले निशान पद जाते है इस रोग में स्किन पर खुजली। दर्द और जलन होती रहती है। आखिर क्यों और कैसे होता है चर्म रोग, आइए जानते है।

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चर्म रोग के कारण

  • रक्त विकार होने की वजह से भी चर्म रोग होता है।
  • रसायनिक चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन, चूना, सोड़ा और डिटर्जेट का अधिक इस्तेमाल करना।
  • किसी एक्जिमा पीड़ित इसान के कपड़े पहनने से भी यह रोग हो सकता है।
  • पेट में कब्ज का अधिक समय तक होने से भी चर्म रोग होता है।
  • महिलाओं में मासिकधर्म की परेशानी की वजह से भी उन्हें एक्जिमा हो सकता है।

चर्म रोग के लक्षण

एक्जिमा रोग में त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं। और फिर ये लाल रंग में बदलने लगते हैं और इनमें खुजली होती रहती है। और खुजलाने से जलन होती है फिर ये दाग के रूप में त्वचा में फैलने लगता है। यदि सारे शरीर में एक्जिमा होता है उससे रोगी को बुखार भी आने लगता है।

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चर्म रोगो का आयुर्वेदिक इलाज

  • फूलगोभी को  धोकर चबाने से खून साफ होता है ! और अनेक चर्मरोगो में आराम मिलता है !
  • पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन A होता है ! इसलिए यह त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है ! इससे त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है !
  • यदि कोई त्वचा सम्बन्धी रोग हो या कहीं जल – कट गया हो तो शहद लगाए ! जादू सा असर दिखाई देगा !
  • दालचीनी और शहद समान भाग लेकर, मिश्रित कर त्वचा विकार, एक्जीमा, दाद जैसे चर्म रोंगों पर लगाने से अनुकूल परिणाम आते है !

चर्म रोग के घेरलू उपचार

चर्म रोग कष्टदायी रोग है जिसका समय रहते उपचार कराना जरूरी है। क्योंकि यह धीरे-धीर सारे शरीर में फैल जाता है और रोगी को बेहद परेशानी होती है। इन उपायों के जरिए आप चर्म रोग यानि एक्जिमा से मुक्ति पा सकते हो। यदि एक्जिमा बेहद गंभीर हो तो चिकित्सक को दिखाने में देर न करें।

  • समुद्र के पानी से प्रतिदिन नहाने से एक्जिमा ठीक हो जाता है।
  • अलसी के इस्तेमाल से भी चर्म रोग ठीक होता है। अलसी में मौजूद ओमेगा थ्री एसिड शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे चर्म रोग में आराम मिलता है। अलसी के तेल की 1 से 2 चम्मच का सेवन करें।
  • नमक का सेवन कम कर दें। हो सके तो कुछ समय तक नमक का सेवन बंद ही कर दें।
  • गेंदे के फूल में एंटी बैक्टीरियल के साथ एंटी वायरल तत्व होते हैं जो चर्म रोग में लाभ देता है। गेंदे की पत्तियों को पानी में अच्छे से उबाल लें और दिन में तीन बार चर्म रोग से प्रभावित जगह पर लगाएं।
  • नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर उससे रोज स्नान करें।
  • यदि चर्म रोग गीले किस्म का है तो इस पर पानी का प्रयोग न करें।
  • साफ सुथरे कपड़े पहना करें।
  • खट्टे, चटपटे, और मीठी चीजों का इस्तेमाल न करें। क्योंकि ये रोग को और बढ़ाते हैं।

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