ubali hui chai patti ke fayde

हर घर में रोज चाय बनती है। चाहे वह ग्रीन टी हो या ब्लैक टी और या फिर दूध वाली चाय। चाय बनने के बाद अक्सर हम चाय की पत्तियां फेंक देते हैं। हमें यह नहीं पता होता कि यूज होने के बाद चायपत्ती का क्या किया जाए, इसलिए अक्सर लोग चाय की पत्तियों को कूड़े में डाल देते हैं। क्या आप जानते हैं दोबारा इन चाय की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो न केवल आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि आपके घर के अन्य कामों में भी आसानी से प्रयोग में लाई जा सकती है। आइए आज हम आपको बताएंगे कि कैसे चाय की पत्तियों का इस्तेमाल दोबारा कर सकते हैं?

छोलों का स्वादिष्ट बनाने के लिए

आप चायपत्ती का इस्तेमाल छोले को स्वादिष्ट बनाने में भी कर सकते है। इसके लिए चायपत्ती को पानी में डाल लें और उस पानी को उबाल कर उसकी थोड़ी-सी मात्रा काबुली चने में डाल दें। इससे छोले का रंग आकर्षित दिखेगा और खुशबू व स्वाद भी अच्छा आएगा।

दांत दर्द में फायदेमंद

चायपत्ती/ टी-बैग को गुनगुने पानी में निचोड़ लें। इस पानी का कुल्ला करने से दांत दर्द में राहत मिलती है।

घी के डब्बे साफ करने में

चायपत्ती के उबले हुए पानी से घी या तेल के डिब्बे साफ करने से उन डिब्बों की दुर्गंध भी जाती रहेगी और डिब्बे अच्छी तरह से साफ भी हो जाएंगे।

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मक्खी दूर भागने में

किचन में या घर के जिस कोने में बहुत ज्यादा मक्खियां हों वहां पर बची हुई चायपत्ती को धोकर साफ कर लें फिर इसे उस जगह पर रगड़ दें।

बालों में चमक लाने के लिए

बची चायपत्ती का इस्तेमाल बालों में चमक और दमक लाने के लिए कर सकते हैं, ये बहुत फायदेमंद होती है। चायपत्ती का पानी एक तरह से प्राकृतिक कंडिशनर का काम करता है। चाय बनाने के बाद बची हुई पत्ती को धो लें, फिर उसे दुबारा से गरम पानी में उबाल लें। इसे छान लें और पानी को ठंडा करने के बाद बालों को साफ करें।

लकड़ी के फर्नीचर को चमकाएं

चायपत्ती का एक और फायदा यह है कि आप इसका इस्तेमाल लकड़ी के फर्नीचर को चमकदार बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। चाय बची हुई चायपत्ती को दोबारा से गरम पानी मे उबाल ले फिर उसे ठंडा कर इसे एक स्प्रे बॉटल में भरकर फर्नीचर की सफाई करें। इससे फर्नीचर चमक उठेंगे।

खाद

और ये सब करने के बाद भी जो चायपत्ती बच जाती हैं।वह खाद के काम आती है गमले में पौधों को समय-समय पर खाद की जरूरत होती है। ऐसे में आप बची हुई चायपत्ती को साफ कर लें और गमले में डाल दें। इससे पौधे स्वस्थ रहेंगे।

घाव

साथ ही चायपत्ती में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। चोट या किसी जख्म पर चायपत्ती का लेप लगाने से खून बहना बंद हो जाता है। उबली हुई चायपत्ती को अच्छी तरह धो लें और इसे पीसकर चोट पर लगाने से घाव जल्दी भर जाएगा।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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