lahsun ke fayde garlic benefits in hindi

लहसुन एक ऐसा हर्ब है, जिसमें मौजूद विशेष औषधीय गुणों के कारण इसका सेवन पूरी दुनिया में किया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के कुछ सबसे पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स वाले फूड्स में लहसुन भी एक है। तमाम तरह की रिसर्च बताती हैं कि लहसुन के नियमित सेवन से कई गंभीर और सामान्य बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। आयुर्वेद में सुबह खाली पेट कच्चे लहसुन की कली खाने के फायदे भी बताए गए हैं। खाने के अलावा लहसुन को कई तरह के घरेलू नुस्खों और देसी इलाज में भी प्रयोग किया जाता है। इतने सारे फायदों से भरपूर होने के बाद भी लहसुन कुछ लोगों के लिए नुकसादायक साबित हो सकता है।

कई बार कुछ विशेष रोगों में लहसुन न खाने की सलाह दी जाती हैं क्योंकि लहसुन में बहुत सारे ऐसे तत्व होते हैं, जो रोगों की गंभीरता को बढ़ा सकते हैं। इसी तरह कुछ विशेष दवाओं का सेवन करने वाले रोगियों को भी लहसुन खाने से मना किया जाता है क्योंकि शरीर में लहसुन के साथ ये दवाएं रिएक्ट कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि किन लोगों को लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।

इन स्थितियों में नहीं करना चाहिए व्यक्ति को लहसुन का सेवन

1. जिनकी हाल में ही सर्जरी हुई हो

लहसुन को नैचुरल ब्लड थिनर यानी खून पतला करने वाला हर्ब माना जाता है। सर्जरी के बाद कुछ समय तक घाव ताजा रहता है। ऐसे में खून पतला होने पर ज्यादा मात्रा में खून बहने की संभावना होती है। इसलिए जिन लोगों की हाल में ही सर्जरी हुई है, उन्हें अपने खाने में बहुत अधिक लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। दूसरा कारण यह है कि लहसुन के सेवन से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर दोनों ही कम हो जाते हैं। ऐसे में मेजर सर्जरी वाले मरीज के लिए दोनों ही स्थितियां खतरनाक हो सकती हैं।

2. डायबिटीज रोगी अधिक मात्रा में न करें लहसुन का सेवन

वैसे थोड़ी मात्रा में लहसुन का सेवन करना डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है क्योंकि ये ब्लड शुगर को घटाता है। लेकिन अगर डायबिटीज रोगी अधिक मात्रा में लहसुन का सेवन कर लेंगें तो उन्हें परेशानी हो सकती है क्योंकि लहसुन के कारण उनका ब्लड शुगर सामान्य स्तर से भी काफी कम हो सकता है, जो परेशानी खड़ी कर सकता है।

3. लो-ब्लड प्रेशर के मरीजों को नहीं खाना चाहिए लहसुन

लहसुन के सेवन से ब्लड प्रेशर घटता है, इसलिए इसे हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए तो फायदेमंद माना जाता है। मगर लो-ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए लहसुन का सेवन ठीक नहीं है, क्योंकि ये ब्लड प्रेशर को निम्न स्तर तक पहुंचाकर मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि लो-ब्लड प्रेशर के मरीज लहसुन का सेवन सीमित मात्रा में करें।

4. जिन लोगों को आंत या लिवर से जुड़ी बीमारियां हों, वो लहसुन न खाएं

आंत में किसी भी तरह का घाव, छाले या समस्या होने पर लहसुन का सेवन आपको नहीं करना चाहिए या बहुत कम मात्रा में करना चाहिए क्योंकि लहसुन के कारण आपकी तकलीफ बढ़ सकती है। इसके अलावा लहसुन में मौजूद कुछ तत्व लिवर रोगों को ठीक करने के लिए दी जाने वाली दवाइयों के साथ रिएक्ट कर सकते हैं। इसलिए ऐसे मरीज जिनकी लिवर रोगों की दवा चल रही है, उन्हें लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।

5. गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए लहसुन हो सकता है नुकसानदायक

वैसे तो लहसुन गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमदं है और नवजात शिशुओं के लिए भी, लेकिन तब जब इसका सेवन बहुत कम मात्रा में किया जाए। प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा मात्रा में लहसुन खाना कई परेशानियां खड़ी कर सकता है। जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है कि ज्यादा मात्रा में लहसुन के सेवन से ब्लीडिंग की समस्या बढ़ सकती है, ब्लड प्रेशर घट सकता है और ग्लूकोज का लेवल भी डाउन हो सकता है। इसलिए गर्भावस्था में लहसुन कम खाना चाहिए। नवजात शिशुओं के लिए भी अधिक मात्रा में लहसुन का सेवन खतरनाक हो सकता है। इसलिए या तो लहसुन न खिलाएं या फूड्स में बहुत थोड़ी मात्रा में पकाकर लहसुन खिलाएं। कच्चा लहसुन दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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