डेंगू dengue ke lakshan aur ilaj in hindi

इन दिनों डेंगू के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। यह एक खास किस्म के वायरस से होता है। इसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक प्रत्यक्ष तौर पर तो नहीं फैलता लेकिन डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से यह तेजी से फैलता है। डेंगू के मच्छर दिन और रात दोनों वक्त काटते हैं। ऐसे में डेंगू के लक्षणों, इससे बचाव और उपचार के बारे में जानकारी होनी बहुत जरूरी है जिससे आप खुद को व अपने परिवार को इस संक्रमण से दूर रख सकें।

■  ये सिर्फ़ 3 घंटे में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स की मात्रा बढ़ा देंगे

यह एक ऐसा वायरल रोग है जिसका मेडिकल चिकित्सा पद्धति में कोई इलाज नहीं है परन्तु आयुर्वेद में इसका इलाज है और वो इतना सरल और सस्ता है की उसे कोई भी कर सकता है l तीव्र ज्वर, सर में तेज़ दर्द, आँखों के पीछे दर्द होना, उल्टियाँ लगना, त्वचा का सुखना तथा खून के प्लेटलेट की मात्रा का तेज़ी से कम होना डेंगू के कुछ लक्षण हैं जिनका यदि समय रहते इलाज न किया जाए तो रोगी की मृत्यु भी सकती है l

dengue

कैसे होता है डेंगू ?

डेंगू से बचने के लिये आपको मादा एडीज इजिप्टी मच्छर से बचना पडेगा, इसको पहचानने के लिये देखिये कि इनके शरीर पर चीते जैसी धारियां तो नहीं हैं।

■   ये 10 चीज़े खाने से डेंगू की औकात नही कि वो आपको छू भी पाये..!!
  • पर्दों के पीछे या अँधेरे वाली जगह पर रहते है|
  • ये ज्यादातर शरीर पर घुटने के ऊपर हमला करते हैं।
  • पानी सुख जाने के बाद भी इनके अंडे 12 महीनो तक जीवित रह सकते है।
  • यह दिन में ज्यादा सक्रिय होते है।
  • गटर या रस्ते पर जमा खराब पानी में कम प्रजनन करते है।
  • ज्यादा ऊपर तक नहीं उड़ पाते है।
  • अपने प्रजनन क्षेत्र के 200 meter की दुरी के अन्दर ही उड़ते है।
  • ठन्डे और छाव वाले जगहों पर रहना ज्यादा पसंद करते है।
■   डेंगू, मलेरिया में प्लेटलेट्स की मात्रा कम होने पर करें इन चीज़ों का सेवन

लक्षण क्या है ?

dengue ke lakshan symptoms of dengue in hindi

  • रक्त मे प्लेटलेटस की संख्या कम हो जाना और नब्ज का दबाव कम होना 20 मिमी एच जी दबाव से लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, भूख ना लगना।
  • इस रोग में तेज बुखार के साथ शरीर के उभरे चकत्तों से खून रिसता हैं।ऎसे में ठंड लगती है और तेज बुखार होता है।
  • रक्तस्त्राव शुरू हो जाता है, रक्त की कमी हो जाती है, थ्रोम्बोसाटोपेनिया हो जाता है, कुछ मामलों में तो मृत्यु हो जाती है।
  • शरीर पर लाल चकते भी बन जाते है जो सबसे पहले पैरों पे फिर छाती पर तथा कभी कभी सारे शरीर पर फैल जाते है।

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  • खूनी द्स्त लगना और खून की उल्टी आना जब डेंगूहैमरेज ज्वर होता है तो ज्वर बहुत तेज हो जाता है
  • पेट खराब हो जाना, उसमें दर्द होना, दस्त लगना, ब्लेडर की समस्या, लगातर चक्कर आना, भूख ना लगना।
■   घर बैठे करें डेंगू का आसान और सफल इलाज

बचने के तरीके

dengue se bachne ke upay

  • जहां पानी जमा हो उसमें केरोसिन तेल डाल दें।
  • किसी भी खुली जगह में जैसे की गड्डो में, गमले में या कचरे में पानी जमा न होने दे। अगर पानी जमा है तो उसमे मिटटी डाल दे।
  • घर के आस-पास पानी जमा न होने दें गंदगी ना फैलने दें।
  • खिड़की और दरवाजे में जाली लगाकर रखे। शाम होने से पहले दरवाजे बंद कर दे।
  • यदि कूलर का काम ना हो तो उसे सूखा कर रखें वरना उसका पानी रोज बदलते रहें। हफ्ते पानी बदलें।
  • ऐसे कपडे पहने जो पूरे  शरीर को ढक सके।
  • पूरे शरीर को ढकने वाले कपडे पहनें और मच्छरदानी लगा कर सोएं।
  • रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोए।
   एक पत्ता आपकी लीवर, किडनी और हार्ट को 70 साल तक बीमार नहीं होने देगा

घरेलू उपचार

dengue ka ilaj dengue treatment in hindi

  • अनार जूस तथा गेहूं घास रस नया खून बनाने तथा रोगी की रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करने के लिए है, अनार जूस आसानी से उपलब्ध है यदि गेहूं घास रस ना मिले तो रोगी को सेब का रस भी दिया जा सकता है l
  • रोगी के खान पान का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि बिना खान पान कोई दवाई असर नहीं करती !
  • पपीते के पेड़ के पत्तों का रस सबसे महत्वपूर्ण है, पपीते का पेड़ आसानी से मिल जाता है उसकी ताज़ी पत्तियों का रस निकाल कर मरीज़ को दिन में २ से ३ बार दें , एक दिन की खुराक के बाद ही प्लेटलेट की संख्या बढ़ने लगेगी l
  • गिलोय बेल की डंडी ले ! डंडी के छोटे टुकड़े करे !

2 गिलास पानी मे उबाले ! जब पानी आधा रह जाये !

ठंडा होने पर रोगी को पिलाये !

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■   इसे पीते ही बवासीर (piles) जड़ से ख़त्म हो जाएगी..!!

मात्र 45 मिनट बाद cell बढ़ने शुरू हो जाएँगे !! गिलोय की बेल का सत्व मरीज़ को दिन में २-३ बार दें, इससे खून में प्लेटलेट की संख्या बढती है, रोग से लड़ने की शक्ति बढती है तथा कई रोगों का नाश होता है l यदि गिलोय की बेल आपको ना मिले तो किसी भी नजदीकी पतंजली चिकित्सालय में जाकर “गिलोय घनवटी” ले आयें जिसकी एक एक गोली रोगी को दिन में 3 बार दें l

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  • यदि बुखार 1 दिन से ज्यादा रहे तो खून की जांच अवश्य करवा लें l
  • यदि रोगी बार बार उलटी करे तो सेब के रस में थोडा नीम्बू मिला कर रोगी को दें, उल्टियाँ बंद हो जाएंगी
  • अमरूद दिन में तीन बार खाने से डेंगू में लाभ होता है।
  • नीम और तुलसी का काढ़ा 20 से 50 मिलीलीटर पीने से डेंगू में लाभ होता है।
  • रात्रि में पुराने गुड़ के साथ जीरा खाने से डेंगू में लाभ होता है।
  • अदरक और किश्मिश का काढ़ा पीने से डेंगू में लाभ होता है।
  • करेले के रस में जीरा डालकर पीने से डेंगू में लाभ होता है।
  • ये रोगी को अंग्रेजी दवाइयां दी जा रही है तब भी यह चीज़ें रोगी की बिना किसी डर के दी जा सकती हैं !
  • डेंगू जितना जल्दी पकड़ में आये उतना जल्दी उपचार आसान हो जाता है और रोग जल्दी ख़त्म होता है !
  • ऊपर बताए गए इलाजों मे सबसे जल्दी पपीते के पेड़ के पत्ते काम करते हैं फिर गिलोय !!

papita ke fayde papaya benefits in hindi

इससे अच्छा और सस्ता कोई इलाज नहीं डेंगू बुखार का !

अगर आप चाहते हैं के आपको मलेरिया या डेंगू ना ही हो तो भी आप उपरोक्त लिखे उपचार बिना किसी संकोच से कर सकते हैं

■   एड़ी के असहनीय दर्द को भगाये चुटकियों में, बस आज़माएँ ये आसान सा घरेलू उपाय.!

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