आजकल लोगों में बवासीर एक सामान्य समस्या है। ये समस्या रेक्टम हिस्से और नसों में सूजन के कारण होती है। बवासीर में पॉटी के दौरान ब्लड आने के साथ-साथ दर्द का अनुभव होता है। इसके पीछे पुराना कब्ज़ या आंत का कोई रोग हो सकता है। अगर आप इस समस्या के प्रारंभिक चरण में हैं, तो आप इन टिप्स को अपनाकर इससे राहत पा सकते हैं।

प्रेगनेंसी में रखें ज्यादा ख्याल

गर्भवती महिलाओं को बवासीर के इलाज के लिए किसी भी प्राकृतिक उपचार का उपयोग करते समय अतिरिक्त देखभाल करनी चाहिए। किसी भी तरह की लैक्सटिव दवा या क्रीम लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्वस्थ खाएं, मसालेदार भोजन से बचें और नियमित रूप से हल्के व्यायाम करते हैं।

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तनाव से बचें

पॉटी आने पर ही टॉयलेट जाएं। टॉयलेट में बैठकर अखबार पढ़ते हुए पॉटी आने का इंतजार ना करें। पॉटी नहीं आने पर चिंता ना करें।

लैक्सटिव दवाओं से बचें

इन दवाओं क आम तौर पर कब्ज के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इससे मल त्याग करने में आसानी होती है क्योंकि ये मल को नरम करते हैं। इन्हें रोजाना खाने से बाउअल मूवमेंट पर प्रभाव पड़ता है और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। इसके बजाय केला, सूखे मेवे और अंजीर खाएं।

गर्म पानी की सिकाई

खुजली, जलन और बवासीर से बचने के लिए गर्म पानी की सिकाई बेहतर उपाय है। गर्म पानी में थोड़ा नमक डालकर सिकाई करें। इससे गुदा क्षेत्र में जलन और सूजन को कम करने में मदद मिलती है और गुदा परिसंचरण में सुधार होता है। इसके लिए मेडिकल स्टोर पर सिज बाथ टब भी मिलता है।

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खूब पानी पिएं

खूब पानी पीने से आसानी से खाना पचाने में मदद मिलती है, जिससे आप कब्ज़ जैसी समस्या से बच जाते हैं। कम पानी पीने से आंत की दीवारें स्टूल से पानी अवशोषित करने लगती हैं, जिससे पॉटी हार्ड हो जाती है। हार्ड पॉटी कब्ज़ का प्रमुख कारण है।

आइस पैक

अगर आप सीधे तौर पर आइस नहीं लगा सकते हैं, तो एक प्लास्टिक बैग में बर्फ डालकर उसे एक साफ़ कपड़े से लपेट लें। इससे कम से कम दस मिनट तक गुदे की सिकाई करें।

पेट्रोलियम जेली लगाएं

टॉयलेट जाने से पहले गुदे पर पेट्रोलियम जेली लगाकर जाएं। इससे टॉयलेट में कठिनाई नहीं होती है।

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फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ

फाइबर युक्त डायट लेने से बाउल मूवमेंट रेगुलेट रहता है और आपको कब्ज़ से राहत मिलती है। इसके लिए आप जौ, दलिया, साबुत अनाज और पत्तेदार सब्जियों में पालक, सेम, मेथी के पत्ते और खट्टे फलों में संतरा आदि खा सकते हैं।

फाइबर सप्लीमेंट

अगर आप फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ नहीं खा सकते तो, सप्लीमेंट ट्राई कर सकते हैं। क्लिनिकल परीक्षण से पता चला है कि फाइबर सप्लीमेंट बवासीर के इलाज के लिए 50 फीसदी प्रभावी हैं।

फ्लावोनोइड फूड खाएं

ब्लूबेरी, चेरी और खट्टे फल जैसे फ्लावोनोइड फूड खाने से गुदे के आसपास की नसों को ताकत मिलने के साथ और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद मिलती है। फ्लावोनोइड फूड्स से ब्लीडिंग, दर्द और खुजली को 58 फीसदी तक कम करने में मदद मिलती है।

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