थायराइड में क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए | थायराइड में डाइट

थायराइड के रोगी को इलाज के घरेलू नुस्खे और उपाय करने के साथ साथ इस बात की जानकारी होनी जरुरी है की उसे अपने आहार में क्या खाना चाहिए और क्या ना खाये। इसके इलावा थाइरोइड के रोग में डाइट चार्ट का पालन करने के साथ साथ नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग भी करना चाहिए। थायराइड जड़ से खत्म करने के उपाय में सबसे पहले जरुरी है की थायराइड कंट्रोल में रखे और इसे बढ़ने से रोके। आइये जाने thyroid me kya khaye aur kya nhi khana chahiye in hindi.

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थायराइड बढ़ने के लक्षण – Thyroid Symptoms In Hindi

थायराइड 2 तरह का होता है – हाइपोथायरॉइडिज्म और हाइपरथायरॉउडिज्म।

  • हाइपोथायरॉइडिज्म में शरीर का वजन बढऩे लगता है, भूख कम लगती है, जोड़ों में दर्द रहता है, हाथ पैरों में सूजन आने लगती है, कब्ज़ होने लगती है और ठण्ड ज्यादा लगती है। इसके इलावा आलस के कारण कोई भी काम करने का मन नहीं करता।
  • हाइपरथायरॉउडिज्म में weight कम होने लगता है, बार बार भूख लगने का अहसास होता है, पसीना अधिक आता है और हाथों पैरों में कपकपी होने लगती है।

थायराइड में क्या खाएं और क्या नहीं – Thyroid me Kya Khaye aur Kya Nahi Khana Chahiye In Hindi

कोई भी रोग हो उसका ट्रीटमेंट चाहे घरेलू नुस्खे से कर रहे है यो कोई दवा ले रहे है अगर सही तरीके से जरुरी परहेज ना करे तो कितना भी treatment कर ले जल्दी फायदा नहीं मिलता। ठीक ऐसे ही थाइरोइड का इलाज करने में भी मालूम होना चाहिए की किन खाद्य पदार्थों से परहेज करना है और क्या खाना है।

आइये पहले जानते है थायराइड में क्या खाये 

  • ऐसे आहार जिनमें आयरन और कॉपर पर्याप्त मात्रा में हो, इनके सेवन से थायराइड के फंक्‍शन में मदद मिलती है।
  • बादाम, काजू और सूरजमुखी के बीजों में कॉपर और हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन भरपूर मात्रा में होता है।
  • कम वसा वाली दही का सेवन थायराइड के रोगी के लिए फायदेमंद है।
  • थायराइड डाइट चार्ट इन हिंदी में सबसे जरुरी है की ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करे जिनमें आयोडीन की मात्रा अधिक हो। आयोडीन थाइरोइड के फंक्‍शन पर असर करता है। समुद्री जीवों में आयोडीन सबसे अधिक होता है। समुद्र की सब्जियां, समुद्री शैवाल और मछलियों में आयोडीन प्रयाप्त मात्रा में पाया जाता है।
  • जो लोग non veg खाना पसंद करते है उन्हें मछली खाना चाहिए। समुद्री मछली खाये तो और अच्छा है इसमें आयोडीन की मात्रा अधिक होती है।
  • थाइरोइड कंट्रोल करने के लिए मिनरल्स और विटामिन से भरपूर आहार लेने से भी मदद मिलती है। लहसुन, प्याज और मशरूम में विटामिन की मात्रा अधिक होती है।
  • थायराइड के मरीज को बहुत जल्दी थकान होने लगती है। इस समस्या का समाधान आप मुलेठी से कर सकते है।
  • मुलेठी में ऐसे पोषक तत्व होते है जो थायराइड ग्रंथि को संतुलित करते है जो थकान को एनर्जी में बदल देते है।
  • थाइरोइड फंक्‍शन में बढ़ोतरी के लिए नारियल का तेल भी असरदार है। इसका इस्तेमाल हम सब्जी बनाते समय भी कर सकते है।
  • टमाटर, पनीर और हरी मिर्च थाइरोइड ग्रंथि के लिए अच्छे होते है।
  • इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को दिन में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इस उपाय से शरीर में जमा गंदगी बाहर निकालने में मदद मिलती है।
  • थायराइड के प्रभावित व्यक्ति और महिला के लिए गाय का दूध पीना भी अच्छा उपाय है।
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थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए 

  • चावल, मिर्च मसाले वाला भोजन, मैदा, अंडा और मलाई का ज्यादा सेवन ना करे।
  • सोया और सोया से बने food के सेवन से परहेज करे।
  • सब्जियों में फूलगोभी, बंदगोभी और ब्रोकली का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • चीनी, तले हुए खाद्य पदार्थ, फ़ास्ट फ़ूड, कॉफ़ी और चाय से परहेज करे।
  • सिगरेट, गुटखा, तंबाकू और शराब से दूर रहे।
  • थाइरोइड के रोगी को सफ़ेद नमक से परहेज करना चाहिए। खाने में काला नमक या सेंधा नमक इस्तेमाल करे।

थायराइड का इलाज बाबा रामदेव इन हिंदी

बाबा रामदेव रोगों का इलाज घरेलू तरीके से करने के लिए नुस्खे और योग की जानकारी देते है। इसके इलावा आयुर्वेदिक उपचार के लिए दवा के बारे में भी बताते है। आइये जाने thyroid ka ilaj baba ramdev in hindi.

Ayurvedic medicine se upay : बढ़े हुए थायराइड को कंट्रोल करने और इलाज के लिए दिव्या कांचनार गुग्गुलु आयुर्वेदिक दवा ले सकते है। ये दवा आपको अपने नजदीकी पतंजलि के स्टोर से मिल जाएगी।

Yoga se ilaj kaise kare : प्रतिदिन प्राणायाम और योग के माध्यम से थायराइड को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। इसके इलावा मेडिटेशन भी थाइरोइड को कंट्रोल करने में मददगार है। योग में मत्स्यासन, विपरितकरनी और उज्जयी प्राणायाम करे।

थायराइड टिप्स इन हिन्दी

  • पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड का रोग अधिक होता है। इस रोग के लक्षण दिखने पर बिना लापरवाही किये इलाज शुरू करे।
  • अगर कोई शादीशुदा महिला इस रोग से प्रभावित है और वह गर्भधारण की सोच रही है तो इससे पहले एक बार डॉक्टर से मिले और सलाह ले। Thyroid control होने के बाद ही आप प्रेगनेंसी के बारे में सोचे।
  • थायराइड से प्रभावित रोगी को 3 महीने में एक बार इसकी जांच जरूर करवानी चाहिए। थायराइड के टेस्ट से पहले एक बात का ध्यान रहे की टेस्ट के बारह घंटे पहले तक आप कुछ ना खाए पिए।
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दोस्तों थायराइड में क्या खाएं और क्या नहीं, thyroid me kya khaye aur kya nahi khana chahiye hindi mein का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास थायराइड को कंट्रोल कैसे करें और इस रोग को जड़ से खत्म करने के घरेलू नुस्खे और उपाय है तो हमारे साथ साँझा करे।

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