सरसों का तेल हर घर में इस्तेमाल होता है। साथ ही यह तेल प्राचीन समय से आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कड़वा तेल यानि सरसों के तेल में कई गुण हैं जो आपकी सेहत और उम्र दोनों को बेहद फायदा पहुंचाते हैं। सरसों का तेल दर्दनाशक होता है जो गठिया व कान के दर्द से राहत देता है इसलिए सरसों का तेल किसी औषधि से कम नहीं है।

सरसों के तेल को शरीर के लिए बहुत उपयोगी व रामबाण माना जाता हैं। इसके सही उपयोग से आपको दवाई की भी जरूरत नहीं होगी, क्योंकि सरसों के तेल में दर्दनाशक गुण हैं। सरसों का तेल दिल को चुस्त-दुरुस्त रखता है।

कैंसर की रोकथाम के लिए

सरसों के तेल में ग्लुकोजिलोलेट होता है, जो कैंसर विरोधी गुण होने की वजह से कैंसर ट्यूमर(गांठ) होने से बचाता है। सरसों में लाभकारी गुण होने की वजह से ग्लुकोजिलोलेट और कोरोरेकटल कैंसर से बचाने का काम करता है।

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दर्द में दे राहत

दर्द चाहे जोड़ों का हो या फिर गठिया काए सरसों के तेल से मालिश करने से सभी तरह के दर्द से मुक्ति मिलती है। सर्दियों में ठंड की वजह से होने वाले जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल को गुनगुना करके मालिश करने से दर्द में आराम मिलता है।

अस्थमा को कंट्रोल करने के लिए

सरसों के बीज में सेलेनियम एंड मैग्नीशियम ज़्यादा मात्रा में पाया जाता है। इन दोनों में एंटी-इन्फ्लामेटरी होता है। सरसों के तेल को रोज खाने से अस्थमा,सर्दी और ब्रेस्ट में होने वाली दिक्कतों में लाभ मिलता है।

फुन्सी या रैशेज और इन्फेक्शन

सरसों के तेल में मौजूद गुणों से त्वचा से जुड़ी हुई दिक्कतें जैसे रैशेज या फुन्सी आदि ठिक होती हैं। सरसों के तेल को त्वचा पर लगाने से चेहरे का रूखापन डलनेस और जलन कम हो जाती है। इस तेल की मालिश करने से शरीर में इन्फेक्शन का खतरा भी नहीं होता है।

वजन कम करना

सरसों के बीज में बी-कॉम्पलेक्स विटामिन जैसे-फोलेट, थियामाइन, नियासिन, रिबोफ्लाविन होता है। सरसों का तेल हमारी बॉडी के मेटाबॉल्जिम को बढ़ाता है,जिससे वजन कम करने में आसानी होती है।

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लिप बाम

यदि लिप बाम से आपके होठों को कोई फायदा न मिल रहा हो तो आप सरसों के तेल को होंठों पर लगाएं। इससे होंठ मुलायम बनते हैं।

एंटी-एजिंग

सरसों में कैरोटिन्स, जियक्साथिंस एंड ल्यूटिन,विटामिन ए,सी और के की मात्रा भरपूर होती है। इन सभी विटामिन होने के कारण यह एंटीऑक्सीडेंट भी है जो बढ़ती एज में होने वाली निशान, झुर्रियां और रिंकल को दूर करता है।

छोटे बच्चों के लिए सरसों के तेल का फायदा

बचपन से ही यदि आप बच्चे के शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करते हो तो इससे बच्चे को कई फायदे मिल सकते हैं।छोटे बच्चों की मालिश भी सरसों के तेल से करनी चाहिए। इससे बच्चों का शरीर मजबूत बनने के साथ उनकी लंबाई बढ़ती है।

सर्दी और खांसी के लिए

यह उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें अक्सर खांसी या गले में बलगम की शिकायत रहती है। इसके लिए आप एक चम्मच सरसों के तेल में कपूर मिक्स करके छाती पर लगाएं। साथ ही, जल्दी आराम के लिए तेल की स्टीम ले सकते है। इसके लिए थोड़ी मात्रा में सरसों का तेल और उसमें जीरा डालकर उबालें और उससे स्टीम लें। इस स्ट्रांग अरोमा सरसों के तेल से आपकी श्वास नली खुल जाएंगी और खासी या कोल्ड से बनने वाली बलगम को खत्म कर देगा।

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भूख को बढ़ाना

एक अच्छी हेल्थ की पहचान तभी होती है जब आपको खुलकर भूख लगती है। इसके लिए आपका स्वास्थ्य भी अच्छा होना चाहिए। इसके लिए सरसों का तेल बेस्ट है। सरसों का तेल पेट में गैस्ट्रिक जूस की तरह हमारे ऐपिटाइजर के रूप में काम करता है,जिससे भूख बढ़ने लगती है। इसलिए आज से ही खाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल करना शुरू करें। खूब खाएं और हेल्दी रहें।

शरीर को दे अंदरूनी शक्ति

हमारे शरीर के लिए सरसों का तेल बेहद फायदेमंद है। इसे खाने में इस्तेमाल करने से शरीर की अंदरूनी शक्ति बढ़ती है और यह शरीर को मजबूत बनाता है।

कोरोनरी हार्ट डिसीज से बचाता है

सरसों के तेल का नियमित इस्तेमाल करने से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा कम होता है। जिन्हें दिल की बीमारी की समस्या हो वे सरसों का तेल खाने में इस्तेमाल करें।

 
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