प्रेगनेंसी के दौरान चक्कर आना तो आम बात है और यह आमतौर पर पहले तीन महीनों में ज्यादा होता है, लेकिन कुछ महिलाओं को यह समस्या पूरे प्रेगनेंसी पीरियड में रहती है। प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोन में होने वाले बदलावों और ब्लड प्रेशर के बार-बार बदलने के कारण ही चक्कर आते हैं। इसके अलावा लो ब्लड प्रेशर के कारण भी ऐसा बार बार होता है। प्रेगनेंसी के पांचवे महीने के बाद भी अगर आप चक्कर आने की समस्या से परेशान है तो हाइपरटेंशन भी इसकी वजह हो सकती है।

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर के कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के कई तरह के बदलाव होते हैं। खून की नलिकाएं चौड़ी हो जाती हैं जिससे बेबी तक पर्याप्त मात्रा में खून और पोषक तत्व पहुँच सकें, इसके अलावा हार्ट रेट भी बढ़ जाता है जिससे बच्चे तक आसानी से ब्लड पहुँच सके। इन सभी कारणों की वजह से नसों में खून की गति धीमी हो जाती है और यही कारण है जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। प्रेगनेंसी के बीच में एक ऐसा समय भी आता है जब ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जाता है जिसे इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को नियंत्रित करके ठीक किया जाता है। शरीर में होने वाले इन बदलावों को ठीक करने के लिए आपका हार्ट और मस्तिष्क दोनों इसी में व्यस्त हो जाते हैं और इसी वजह से आपको चक्कर महसूस होने लगते हैं।
चक्कर से ऐसे निपटें :

  • कभी कभी बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनने, ज्यादा वजन उठाने और तनाव में रहने के कारण भी आपको चक्कर आने लगते हैं। इसलिए ऐसी गलतियाँ करने से बचें।
  • अगर दिन में एकाध बार आपको चक्कर आये तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर आपको दिन में कई बार चक्कर आ रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर के पास जाकर अपना ब्लड प्रेशर चेक करवा लें।
  • प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले एनीमिया के कारण भी महिलाओं को चक्कर आने लगते हैं। इसलिए सही समय पर आयरन कैप्सूल लेते रहें और डाइट में पालक,चुंकदर जैसी सब्जियों की मात्रा बढ़ा दें।
  • प्रेगनेंसी पीरियड के दूसरे और तीसरे तिमाही में पीठ के बल न सोयें क्योंकि इस दौरान शरीर के बाकी अंगों पर दवाब काफी बढ़ जाता है। ऐसे में खून का प्रवाह धीमा पड़ जाता है और अचानक उठने पर आपको चक्कर आ सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को करवट लेकर सोने की सलाह दी जाती है।
  • इस बात का ध्यान रखें कि जब भी आप कहीं बैठी हुई हों तो उस समय सारा ब्लड पैरो और शरीर के निचले हिस्से में ज्यादा एकत्रित रहता है। अगर ऐसे में आप अचानक से कुर्सी से उठ जायें तो आपके हार्ट और दिमाग तक खून तुरंत नहीं पहुँच पाता है जिस कारण आपको चक्कर आ सकता है और आप गिर भी सकती हैं।
  • काफी लम्बे लम्बे अंतराल के बाद खाना खाने से या कम पानी पीने के कारण भी आपको चक्कर आ सकते हैं। इसलिए दिनभर में कम से कम 8 गिलास पानी ज़रूर पियें और नियमित अंतराल पर कुछ खाते रहें।
  • इसी तरह जब आप काफी देर से एक जगह पर खड़ी हों तो ऐसे में भी आपको चक्कर आ सकता है। इसलिए देर तक एक जगह पर खड़ी न रहें बल्कि कुछ अंतराल पर थोड़ी चहलकदमी करती रहें।

डॉक्टर के पास कब जायें

वैसे तो चक्कर आने से कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन अगर आपको चक्कर के साथ नजर में धुंधलापन, पेट में दर्द और सीने में दर्द भी हो तो देर न करें बल्कि तुरंत किसी डॉक्टर के पास जाकर चेकअप करवाएं।

ध्यान देने वाली बातें

अगर आप अकेली हैं और आपको चक्कर आ रहे हैं तो पहले आराम से बैठ जायें और गहरी सांसे लें। खुद से चीनी नमक का घोल बनाएं और इसे धीरे धीरे पियें। अगर आपने बहुत देर से कुछ नहीं खाया है तो एक सेब या नाशपाती खायें।

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