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हमारे शरीर में होने वाले कई प्रकार के दर्दों में से एक है पिंडली का दर्द. पिंडली में होने वाला दर्द अक्सर कई लोगों को परेशान कर सकता है. घूमते-फिरते पैर में दर्द होने लग जाना या सोते समय भी पिंडली में ऐंठन होने की वजह से हमे काफी परेशानी झेलना पड़ सकता है. यदि आप इससे बचना चाहते हैं तो आपको कई तरह की सावधानियाँ बरतनी पड़ सकती हैं. दरअसल आजकल व्यस्त दिनचर्या में लोगों के मांसपेशियों में खिंचाव होना बेहद आम है. मांसपेशियों में होने वाला खिंचाव ही पिंडलियों में होने वाले दर्द का कारण भी है. आपको बता दें कि ये परेशानी ज़्यादातर रात में ही होती है. इसके अलावा पिंडली का दर्द उन लोगों में होने की संभावना ज्यादा होती है जो डेस्क जॉब से जुड़े हैं और कसरत नहीं करते हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम आपको पिंडली के दर्द के कुछ ईलाज के बारे में बताएं. इन उपचारों को जानकरके आप अपनी समस्याएं काफी हद तक कम कर सकते हैं.

1. नियमित रूप से पियें पानी

यदि आप नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीते हैं तो आपको न केवल पिंडली के दर्द बल्कि कई अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है. दरअसल हमारे शरीर में नमी को बरकरार रखने के लिए पानी बेहद आवश्यक है. जाहीर है नमी की मात्रा में होने वाली कमी से मांसपेशियों में जकड़न, दर्द इत्यादि समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं. इनसे आपको वर्कआउट करने के दौरान भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. यही नहीं पानी हमारे शरीर से कई प्रकार के अनावश्यक और विषैले पदार्थों को बाहर भी निकालता रहता है.

2. मालिश देगा पिंडली के दर्द से राहत

मालिश की पूरी प्रक्रिया ऐसी है कि इससे न सिर्फ सुकून मिलता है बल्कि कई प्रकार के अन्य फायदे भी होते हैं. आपको बता दें कि मालिश, हमारे शरीर की मांसपेशियों में रक्त संचार को तेज करता है. इसके साथ ही मालिश से मांसपेशियों में गर्माहट भी आती है. इससे लेक्टिक एसिड भी दूर होता है. मालिश करने के लिए आप पिपरमेंट समेत कई अन्य प्रकार के तेलों जैसे कि अदरक, लैवेंडर इत्यादि का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

3. स्ट्रेचिंग की मदद से पिंडली दर्द को करें दूर

स्ट्रेचिंग नियमित रूप से किए जाने वाले व्यायाम का ही एक अंग है. मांसपेंशियों के तनाव को दूर करने के सबसे कारगर तरीकों में से एक है. हमारे शरीर की मजबूत और लचीली मांसपेशियों में चोट लगाने की संभावना काफी कम होती है. अतः आप स्ट्रेचिंग की मदद से भी पिंडली के दर्द को दूर कर सकते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये बहुत आसानी से उपलब्ध है.

4. हीट थेरपी

पिंडली दर्द के दौरान हमारे शरीर की मांसपेशियों में जकड़न, मोच, ऐंठन इत्यादि समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं. हिट थेरेपी इन समस्यों का बहुत सुलभ उपाय है. हालांकि बहुत गंभीर चोट लगने पर ही इसका इस्तेमाल करें वरना इससे सूजन में वृद्धि भी ह सकती है.

5. प्रोटीन का सेवन करें

हमारे शरीर को बनाने और इसकी रिपेयरिंग में प्रोटीन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है. इसलिए शरीर में इसकी कमी कई प्रकार के समस्याओं को जन्म देती है. प्रोटीन की कमी पिंडली के दर्द के लिए भी जिम्मेदार है. इसलिए हमेशा जब भी आप कोई बहुत परिश्रम का काम करें तो प्रोटीन का सेवन अवश्य करें. क्योंकि ऐसे काम के बाद शरीर में ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ सकती है. इसके लिए आप स्प्राउट्स, दालें, अंडे इत्यादि का सेवन कर सकते हैं. यदि आप इस तरह से प्रकृतिक तरीके से प्रोटीन का सेवन करेंगे तो आपको किसी अन्य प्रकार का नुकसान भी नहीं होगा.

6. लाल मिर्च से लाभ

ये सुनकर आपको थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है लेकिन आपको बता दें कि इसमें कैप्सैसिन नामक एक ऐसा तत्व होता है ऑर्थराइटिस, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसलिए पिंडली के दर्द के दौरान इसका पेस्ट बनाकर दर्द वाले जगह पर लागाएं. आप चाहें तो और बेहतरी के लिए इसमें जैतून या नारियल का तेल भी मिला सकते हैं.

7. नियमित व्यायाम है पिंडली दर्द का निदान

नियमित रूप से व्यायाम करना कई रोगों को दूर करता है. क्योंकि व्यायाम करने से रक्त संचार तो नियमित होता ही है इसके साथ ही मांसपेशियों की जकड़न भी दूर होती है. जाहीर है इन्हीं दो कारणों से पिंडली दर्द की समस्या भी है. इसलिए नियमित व्यायाम आपको इस समस्या को दूर करने में मदद करता है.

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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