पथरी में क्या खाना चाहिए इन हिंदी | पथरी में डाइट

पथरी में खानपान को लेकर विशेष सावधानी की जरुरत होती है इसलिए इस लेख में यह विस्तार से बताया गया है की पथरी या किडनी स्टोन में क्या खाना चाहिए | हमारे आसपास खाने के कई फल और सब्जियां हैं, जिनसे पथरी तो नियंत्रित होती ही है, साथ ही ये किडनी के लिए भी अच्छे रहते हैं यानी इनका सेवन सामान्य अवस्था में तो करना ही चाहिए, पथरी की समस्या होने पर तो जरूर ही करना चाहिए।

■  अस्थमा या दमे में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं – Asthma Diet Chart In Hindi
आइये जानें पथरी के लक्षण, पथरी में क्या खाये क्या नहीं इन हिंदी, पथरी डाइट चार्ट इन हिंदी। 

पथरी रोग क्या है – गुर्दे (किडनी) संबंधी रोगों में गुर्दे में सूजन (नेफ्राइटिस), गुर्दे की पथरी (रेनल केल्कुलस), गुर्दे का दर्द (रेनल कोलिक), गुर्दे में पीव होना आदि आते हैं। आजकल गुर्दे और मूत्राशय में पथरी का बनना एक आम समस्या बन गई है।

पथरी के कारण 

पथरी उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में पेशाब में यूरिक एसिड, फास्फोरस, कैल्शियम और ऑक्ज़िलिक एसिड की अधिकता होती है। ये तत्व आपस में मिलकर गोल, चपटी, चिकनी, खुरदरी मटर के दानों जैसी सख्त आकृति का रूप ले लेते हैं। इसके अतिरिक्त शरीर में अतिरिक्त गर्मी का बढ़ना, गर्म जलवायु का असर, पानी कम पीना और परिश्रम की अधिकता से पसीना अधिक निकलना, विटामिन डी की विषाक्तता, थायराइड ग्रंथि की ज्यादा सक्रियता आदि कारण भी होते हैं।

पथरी के लक्षण 

गुर्दे में पथरी होने पर लक्षणों के रूप में चेहरे व पैरों में सूजन, पेशाब करते समय दर्द, जलन, पेशाब का रुक-रुक कर आना, मूत्राशय में पथरी की उपस्थिति से बेचैनी, दर्द, बार-बार पेशाब करने की इच्छा, कमर में हलका या तेज़ दर्द आदि देखने को मिलते हैं।

■  दिल के रोगी क्या न खाएं, परहेज – Heart Patient Diet Chart In Hindi

किडनी स्टोन या पथरी में क्या-क्या खाना चाहिए

पथरी में फली वाली सब्जियां, गेहूं, जौ और चावल का चोकर लें : पथरी बनने का एक प्रमुख कारण भोजन में फाइबर की कम मात्रा का होना है। पथरी की समस्या उन लोगों में ज्यादा पाई गई है, जो भोजन में फाइबर तो कम लेते हैं, पर प्रोटीन ज्यादा-से-ज्यादा लेते हैं। इसलिए फाइबरयुक्त पदार्थ लें। फली (लेग्यूम्स) वाली ताजा सब्जियों (सूखी में नहीं), जो (ओट्स, दलिया) चावल के चोकर (ब्रान) में फाइटेट्स खास तौर से पाया जाता है। ये सभी चीजें संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी होती हैं। एक बार फिर दोहरा दें कि फली वाली सब्जी हरी हो, सूखी बींस नहीं होनी चाहिए।

पथरी में हरी सब्जियों में सहिजन, करेला, ताजी मटर की फलियां, शलगम, पुराना कद्दू , अदरक, ककड़ी, खीरा, चुकंदर,धनिया हल्दी, हरी मिर्च, हींग, अजवाइन, दालचीनी, छोटी इलायची, पत्ते वाली गोभी आदि को खाना चाहिए |
पथरी में फलों में आम, खरबूजा, तरबूज, अंगूर, पपीता, खीरा, नारियल, नाशपाती, अनन्नास, सेब, ककड़ी, गाजर आदि अपनी इच्छानुसार खाएं।

  • पथरी में आलू, इलायची तथा गन्ना चूसना भी फायदेमंद है।
  • पथरी में गेहूं के आटे से चोकर निकाल कर बनी चपाती खाएं।
  • पथरी के रोगी के आहार में जौ से बनी चीजें जैसे-चपाती, धानी, सत्तू को शामिल करें।
  • पथरी के दर्द के समय जौ, अलसी के बीजों का पानी पीना चाहिए |
  • गर्म पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में कई बार पीना चाहिए ।

किडनी की दोस्त है गाजर : गाजर में विटामिन बी-6 और विटामिन सी होते हैं, जो किडनी के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। गाजर रक्त को भी साफ करती है। इसमें विटामिन ए होने से यह किडनी को बैक्टीरियिल इन्फेक्शन से भी बचाती है।

पेशाब के निर्माण को बढ़ाता है तरबूज : तरबूज शरीर में जाकर पेशाब के निर्माण को बढ़ा देता है। इसी के साथ इसमें पोटेशियम भी होता है, जो किडनी स्टोन को घुलने में मदद करता है। इसलिए पथरी में तरबूज भी खाना चाहिए | यह भी

कैल्शियम स्टोन का खतरा कम करता है नींबू : नींबू का रस पेशाब में साइट्रेट का स्तर बढ़ा देता है, जो कैल्शियम स्टोन का खतरा कम करता है। साथ ही यह मौजूद पथरी को बड़ा भी नहीं होने देता, लेकिन ध्यान रखें कि नींबू का रस बिल्कुल शुद्ध हो यानी उसमें कुछ और चीज न मिली हुई हो। सेब, नींबू, और संतरे को मिलाकर बनाया गया जूस भी पथरी में लाभकारी है |

पथरी में अच्छा है नारियल पानी : नारियल का पानी किडनी की बेहतरी और पथरी के लिए बहुत अच्छा है।

■  बवासीर में क्या खाएं और क्या ना खाएं इलाज और परहेज – Bawaseer (Piles) Diet Chart In Hindi

नई पथरी बनने से रोकती है मूली : मूली न केवल किडनी में बन गई पथरी के मामले में राहत पहुंचाती है, बल्कि नई पथरी को बनने से भी रोकती है। पथरी में मूली का आधा कप रस रोज सुबह खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है। मूली में काफी मात्रा में पोटेशियम होता है, जो यूरिनरी कैल्शियम को कम करके नई पथरी बनने से रोकता है। यह पेशाब का निर्माण बढ़ाकर किडनी की सफाई में भी मदद करती है।

पथरी को रोकने की हर चीज है केले में : केले में विटामिन बी-6 है। इसमें नमक कम है और पोटेशियम ज्यादा है। इसमें फाइबर हैं और मैग्नीशियम है यानी केले में वे सारी चीजें हैं, जो पथरी में फायदा करती हैं। केला हमें किडनी के कैंसर से भी बचने में मदद करता है।

यूरिक एसिड को कम करती है हर्बल टी : हर्बल टी किडनी में बनने वाले यूरिक एसिड की मात्रा को कम करती है, जिससे पथरी बनने का खतरा कम होता है। इसलिए हर्बल टी का इस्तमाल पथरी में जरूर करना चाहिए।

किडनी के आकार को छोटा कर सकता है अनानास : पथरी या किडनी से जुड़ी समस्या में अनानास इसलिए लाभकारी है क्योंकि इसमें सबसे अलग एंजाइम होता है, जिसे ब्रोमेलिन कहते हैं। ब्रोमेलिन की खासियत यह है कि यह प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है। इसका अर्थ यह हुआ कि किडनी की स्थिति में अनानास पथरी के आकार को छोटा करने में मददगार बन सकता है। अनानास में विटामिन सी और पोटेशियम भी है, जिससे यह पथरी से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी है।

पथरी में बहुत लाभदायक है करेला : करेले में पोटेशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है, इसलिए पथरी की समस्या में करेला भी एक मददगार सब्जी है। यह लिवर और ब्लेडर को भी ठीक रखता है।

पथरी में आडू भी है लाभदायक फल : आडू में आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, मैगनीज, कैल्शियम, सल्फर और विटामिन ए, बी, सी और ई जैसे तत्व होते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। चूंकि इसके रस की तासीर क्षारीय होती है, इसलिए यह पेट संबंधी समस्याओं जैसे अपच, गैस, एसिडिटी, कब्ज आदि में फायदेमंद होता है। यह किडनी के लिए फायदेमंद है और किडनी व गॉल ब्लेडर की पथरी को घोलने की क्षमता रखता है।

पथरी तोड़ने के लिए जाना जाता है हॉर्स ग्राम (Horse gram): हॉर्स ग्राम को पथरी में बहुत लाभदायक माना गया है। आयुर्वेद चिकित्सा में तो इसका नाम खास तौर से लिया जाता है। इसके दानों को रात में पानी में भिगोकर रखा जाता है और सुबह को पानी समेत इन्हें खाया जाता है। हॉर्स ग्राम को इस्तेमाल करने का एक तरीका और है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात में तीन किलो पानी में ढाई सौ ग्राम हॉर्स ग्राम भिगो दें। सुबह को पानी को धीमी आंच पर इतना गर्म करें कि पानी एक किलो ही रह जाए। अब 30 से 50 ग्राम मक्खन गरम करें और उसमें एक किलो पानी वाले हॉस ग्राम को मिला दें। उसमें थोड़ा काला नमक, काली मिर्च, हल्दी और जीरा भी डाल दें। अब इस सूप की करीब ढाई सौ ग्राम मात्रा दोपहर के वक्त भोजन के स्थान पर लें यानी भोजन न करें, केवल यही सूप लें। यदि भूख काबू में न आ रही हो तो एक रोटी खा सकते हैं। इस विधि को पथरी में रोजाना इस्तेमाल करें। विशेषज्ञों के अनुसार, हॉर्स ग्राम न केवल पथरी को तोड़ता है, बल्कि नई पथरी बनने से भी रोकता है। इसलिए पथरी में विशेष तौर पर इसका सेवन करना चाहिए |

जितना ज्यादा पानी, उतना ही फायदा : पथरी से राहत पानी के बिना नहीं मिलेगी। जितना ज्यादा पानी पीएंगे, उतना ही फायदा होगा। पानी तो किसी समस्या के भी शरीर के लिए लाभकारी है, इसलिए खूब पानी पीएं। 10 से 12 गिलास पानी पथरी की समस्या में जरूर पीना चाहिए। रात को सोने से पहले भी पानी जरूरी पीएं। इससे काफी लाभ होता है। दिन में, शाम को, रात में, जब भी भोजन करें, लघुशंका के लिए जरूर जाएं। चाहे थोड़ा-सा ही पेशाब आए, लेकिन जरूर जाएं। इससे भी नई पथरी को बनने से रोकने में मदद मिलती है। यह भी ध्यान रहे कि पानी साफ और शुद्ध होना चाहिए।

■  फैटी लीवर में भोजन : क्या खाएं क्या ना खाएं – Fatty Liver Diet Chart In Hindi

विशेषज्ञों के अनुसार, पथरी होने पर हमें ऐसा भोजन करना चाहिए, जिसमें ये पदार्थ कम हों- ऑक्सलेट, फास्फेट, सोडियम, प्रोटीन और विशुद्ध रूप से कैल्शियम के धनी पदार्थ ।

पोटेशियम-मैग्नीशियम : पथरी की समस्या से बचने के लिए हमें ऐसा भोजन ज्यादा करना चाहिए, जिसमें -पोटेशियम, मैग्नीशियम, तरल पदार्थ ज्यादा हों | किडनी स्टोन में भोजन की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता इसलिए अगर आप इस रोग से पीड़ित है तो दवाई से साथ साथ आहार का भी विशेष तौर पर ध्यान रखें |

पथरी में क्या न खाए : किडनी स्टोन में परहेज

  • पथरी में देर से पचने वाली गरिष्ठ चीजें सेवन न करें। आवश्यकता से अधिक मात्रा में भोजन कर शरीर का वजन न बढ़ाएं।
  • कोल्ड ड्रिक्स, मांस, मछली के सेवन से परहेज करें। फलों में स्ट्राबेरी, आडू, बेर, अंजीर, रसभरी तथा किशमिश, मुनक्का जैसे ड्राई फूट के सेवन से परहेज करें। दूध और दूध से बने पदार्थ दही, पनीर, मक्खन, टॉफी, कैन सूप, नूडल, तला हुआ , फ्राई फ़ूड, जंक फ़ूड, चिप्स चाकलेट, चाय का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • निम्नलिखित भोज्य पदार्थों में ऑक्सलेट होता है, जो पथरी का कारण बनता है, इसलिए पथरी की समस्या होने पर इनको नहीं खाना चाहिए । ये पदार्थ हैं- टमाटर, पालक, चौलाई, अंगूर (काले), आंवला, सोयाबीन, अजमोद, सोया मिल्क, चीकू , काजू, चॉकलेट, कद्दू, सूखे बींस, कच्चा चावल, उड़द और चने, नट्स (बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली आदि)।
  • कुछ पदार्थों में पथरी बनाने वाले यूरिक एसिड और प्यूरीन जैसे तत्व होते हैं, लिहाजा पथरी की समस्या में इनके सेवन से भी बचना चाहिए। ये पदार्थ हैं- मांस, मछली, बैंगन, मशरूम, फूलगोभी
  • उच्च फास्फोरस वाले पदाथों से भी पथरी के मामले में परहेज करना होगा। इनमें चॉकलेट, नट्स, कार्बोनेटेड ड्रिक्स, दूध, पनीर, सोया पनीर, सोया दही, फास्ट फूड, रेस्टोरेंट फूड आदि आते हैं।

क्रेन बेरी का जूस ठीक नहीं : पहले यह माना जाता था कि क्रेन बेरी (करीदा) का जूस किडनी के लिए अच्छा है। यह न केवल पथरी में राहत देता है, बल्कि किडनी की अन्य अशुद्धियों को भी ठीक करता है। अब वर्तमान में कई अध्ययनों में यह सिद्ध हो गया है कि क्रेन बेरी का जूस पथरी और किडनी की समस्या के मामले में ठीक नहीं है। इसमें ऑक्सलेट पाया जाता है, जो पेशाब में मौजूद कैल्शियम के साथ मिलकर पथरी बनाने का काम करता है। चूंकि क्रेन बेरी को लेकर विवाद है, इसलिए पथरी के रोगी को इससे दूर ही रहना बेहतर रहेगा।

■  पीलिया में क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए, परहेज – Jaundice Diet Chart In Hindi

किडनी और पथरी की समस्या में चिकन, मांस आदि से परहेज करना चाहिए। इन पदार्थों में फैट तो ज्यादा है ही, प्रोटीन भी बहुत ज्यादा है। शाकाहारी लोगों को भी इस रोग में प्रोटीन कम ही लेना चाहिए। ज्यादा प्रोटीन से किडनी पर विपरीत असर पड़ता है। यदि ज्यादा प्रोटीन लेंगे तो हमारे मूत्र में सामान्य स्थिति से कहीं ज्यादा कैल्शियम बाहर जाएगा। साथ ही पेशाब में यूरिक एसिड और ऑक्सलेट का स्तर भी ज्यादा प्रोटीन से बढ़ जाता है। यह स्थिति हड्डियों की समस्या ऑस्टियोपोरोसिस को तो न्योता देती ही है, किडनी स्टोन की समस्या भी पैदा करती है। मीट प्रोटीन में प्लांट प्रोटीन के मुकाबले सल्फर भी ज्यादा होता है, जिससे ज्यादा एसिड पैदा होता है।

नमक (सोडियम) की मात्रा कम करें : पथरी या किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या में ज्यादा नमक ठीक नहीं है। ज्यादा नमक पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा देता है। इसलिए सब्जी में तो कम नमक होना ही चाहिए, साथ ही सलाद आदि में ऊपर से नमक छिड़कना बिल्कुल बंद कर दें। जानिए नमक के फायदे ,नुकसान और कितना खाएं?

कैल्शियम पर नियंत्रण करें : दूध और दूध से बने उत्पादों जैसे पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियों, रागी, टैपिओका (कसावा) में कैल्शियम पाया जाता है। इसकी कमी से हड्डियां और दांत कमजोर हो जाते हैं। यानी कैल्शियम शरीर के लिए जरूरी होता है, मगर किडनी स्टोन संबंधी समस्या में ज्यादा कैल्शियम हानिकारक होता है। इसलिए कैल्शियम लें जरूर, मगर उसकी मात्रा कम कर दें।

कोल्ड ड्रिंक है हानिकारक : सॉफ्ट ड्रिक, कोला डिंक्र आदि में फास्फोरिक एसिड का इस्तेमाल होता है, इसलिए ये पदार्थ किडनी स्टोन या किडनी की समस्या में सही नहीं हैं।

शराब भी नुकसानदायक : एल्कोहोलिक पदार्थों में प्यूरीन पाया जाता है, जो किडनी स्टोन के निर्माण में सहयोगी बनता है, इसलिए इस समस्या में शराब का सेवन भी ठीक नहीं है।

तला-भुना, ज्यादा चिकनाई वाला भोजन : इस तरह के भोजन से हमें न केवल किडनी के संदर्भ में, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ज्यादा-से-ज्यादा दूर ही रहना चाहिए।

पथरी के मरीज इन बातों का भी रखे ख्याल

  • बिस्तर पर पूर्ण आराम करें।
  • दर्द की जगह पर गर्म सिकाई करें।
  • शरीर को उस अवस्था में रखें, जिसमें दर्द में आराम मिले।
  • योगासन में हलासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवन मुक्तासन करें।
  • पेशाब के वेग को न रोकें।
  • अपनी मर्जी से दर्द निवारक एलोपैथिक दवाएं सेवन न करें।
  • व्यायाम जारी न रखें।
■  दाद खाज खुजली को जड़ से मिटाने के 10 उपाय और घरेलू दवा

दोस्तों pathri kya hai, pathri hone ke lakshan in hindi, pathri ko kaise pahchane in hindi, pathri ka ilaj gharelu nuskhe aahar parhej in hindi का ये लेख कैसा लगा हमें जरूर बताएं और अगर आपके पास pathri mein kya khaye kya nahi ilaj upay aur dawa in hindi के सुझाव है तो हमारे साथ शेयर करें।

Loading...

Leave a Reply