leg-pain

हमारे पैर के नीचे तलवे के महत्त्व से तो आप परिचित हैं ही. जीवनकाल के दौरान पैरों के तलवे दौड़ने, चलने और खड़े होने पर पूरे दबाव को झेलते हैं. हमारे पैर में 26 हड्डियां और संबद्ध स्‍नायुबंधन होते हैं, जो पैर को एक अवशोषक और लीवर के रूप में काम करने की अनुमति देते हैं. पैरों में दर्द पैर के किसी भी हिस्‍से को प्रभावित कर सकता है. तलवे में दर्द पैर के नीचे एड़ी और अंगुलियों के बीच के हिस्‍से में होता है. तलवे में दर्द पैर के नीचे एड़ी और अंगुलियों के बीच के हिस्‍से में होता है. तलवों में होने वाला ये दर्द अनेक कारणों से उत्पन्न हो सकता है. आइए पैर के तलवे में होने वाले दर्द के कारण और इसके इलाज के बारे में जानें.

तलवों में दर्द के कारण

पैर के तलवों में होने वाले दर्द के अनेक कारण हो सकते हैं. इस लेख में आइए इनमें से कुछ कारणों के बारे में जानें.

प्लांटर फैस्‍कीटिस 

प्‍लांटर फैस्‍कीया एक मोटी और व्‍यापक स्नायु है, जो पैरों के नीचे उंगालियों और एड़ी के बीच में होता है. प्लान्टर फैस्‍कीटिस पैरों से संबंधित एक मुख्य ऑर्थोपेडिक समस्या है, जिसमें पैर के तलवे के टिश्यूज में सूजन आ जाती है. बढ़ते समय के साथ ये सूजन धीरे-धीरे तलवे से होते हुये घुटनों तक पहुँच जाता है जिससे कि तीव्र दर्द का अनुभव होता है. हालांकि इस तरह के दर्द की ज्यादा परेशानी धावकों या एथलीट्सों को होती है क्योंकि उन्हें प्रैक्टिस के दौरान पैर एवं एंकल को अधिक स्ट्रेच करना और घुमाना पड़ता है. लेकिन कई बार गलत शेप का जूता पहनने से पैरों के पंजे में खिंचाव पैदा होता है. जिसके कारण पैर में गलत दबाव बनता है.

मेटाटार्सलगिया और गठिया

मेटाटार्सलगिया का दर्द पैर के नीचे गेंद को दर्शाता है. मर्क मैनुअल्स के अनुसार, यह तंत्रिका चोट, गरीब परिसंचरण या जोड़ों में परेशानी जैसे गठिया के कारण होता है. इसमें नसें तनाव के दोहराए या मॉर्टन न्युरोमा और सौम्य तंत्रिका ट्यूमर के गठन के कारण प्रभावित होती है. तंत्रिका चोट तलवों के नीचे दर्द का कारण बनता है. गठिया पैरों के किसी भी जोड़ को प्रभावित कर सकता है.

फ्रैक्चर और स्‍ट्रेस फ्रैक्चर

हड्डी टूटने को फ्रैक्‍चर कहा जाता है. फ्रैक्चर प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष आघात का परिणाम हो सकता है. मायो क्‍लीनिक के अनुसार, स्‍ट्रेस फ्रैक्चर बार-बार या सशक्त स्‍ट्रेच जैसे रानिंग और जंपिंग के कारण होता है. फ्रैक्‍चर के कारण पैर के तलवों में अचानक से दर्द शुरू हो जाता है जबकि स्‍ट्रेस फ्रैक्‍चर हल्‍के से दर्द के साथ शुरू होकर समय के साथ बढ़ता जाता है.

हेल्थ से जुड़ी सारी जानकारियां जानने के लिए तुरंत हमारी एप्प इंस्टॉल करें। हमारी एप को इंस्टॉल करने के लिए नीले रंग के लिंक पर क्लिक करें –

http://bit.ly/ayurvedamapp

टार्सल टनल सिंड्रोम

टार्सल टनल सिंड्रोम यानी टखने की हड्डियों में टनल सिंड्रोम भी तलवों में दर्द का कारण बनता है. यह दर्द तंत्रिका टखने के पीछे से संकीर्ण सुरंग यानी स्नायु से हड्डी के माध्‍यम से जाता हुआ टांग से पैर तक गुजरता है. फुट स्‍वास्‍थ्‍य तथ्‍य के अनुसार, इस तंत्रिका में दर्द, झुनझुनी और तलवों में दर्द होना संभव होता है. मधुमेह, गठिया और बहुत अधिक फ्लैट पैर के लोगों में टार्सन टनेल सिंड्रोम के विकसित होने की संभावना अधिक होती है.

प्लांटर वार्ट्स और कॉर्न्स 

प्‍लांटर वार्ट्स मानव पेपिलोमा नामक वायरस के कारण होते है, इसमें पैरों के नीचे फ्लैट वार्ट्स हो जाते हैं. यह वायरस त्‍वचा के कटने के माध्‍यम से प्रवेश करते है. प्‍लांटर पर अ‍त्‍यधिक दबाव पड़ने से इसमें तेज दर्द होने लगता है. कॉर्न्‍स मोटी त्‍वचा के धब्‍बे की तरह उभरता है और दबाव के माध्‍यम से बढ़ता है. कॉर्न्‍स अक्‍सर तेज दर्द का कारण बन सकता है.

तलवों में दर्द को दूर करने के उपाय

ठंडे पानी के बोतल से 

तलवों में दर्द या सूजन की समस्या से परेशान लोगों को प्लास्टिक की बोतल में 1/3 पानी भर कर फ्रीजर में जमने के लिए रखना होगा. बोतल में जब बर्फ जम जाए तो उसे बाहर निकालें और आसपास का पानी पोंछ दें. फिर बोतल को एक सूखे टॉवल, कपड़े या डोरमैट पर रख दें. अब कुर्सी या सोफे पर बैठ जाएं और पैरों के तलवे के बीच वाले हिस्से को बोतल पर रखें व बोतल को तलवों की सहायता से आगे-पीछे करें. इससे आपके तलवों में रक्त संचार होगा और मांसपेशियों की हल्की मसाज होगी. इस प्रयोग को 10-15 मिनट तक कर सकते हैं.

एक्यूप्रेशर रोलर 

पैरों के तलवों पर एक्यूप्रेशर रोलर करनें से दर्द से राहत मिलती है. इस क्रिया में पैरों को रोलर पर रखकर धीरे-धीरे घुमाएं. यह क्रिया दिन में कई बार करनी चाहिए. इसे दो मिनट तक करना पर्याप्त रहता है. रोलर करने से पहले तलवों पर हल्का पाउडर लगाएं. इससे एक्यूप्रेशर आसानी से होगा.

मसाज

पैरों को दबाने या मसाज करने से भी आराम मिलता है. तलवों को आराम देने के लिए मसाज करते समय दोनों पैरों के तलवों की ओर अंगूठे के बिल्कुल नीचे पड़ने वाले बिंदु पर दबाव दें. फिर पैरों के ऊपर छोटी उंगली के नीचे पड़ने वाले तीन बिंदुओं पर दबाव दें. इसके बाद पैरों के नीचे एड़ी पर पड़ने वाले तीन मास्टर बिंदुओं पर दबाव दें.

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
Previous articleरात को सोते समय टांगों की पिंडलियों में दर्द हो तो 1 इलाज ही काफी है |Leg Pain Relief
Next articleपुरानी से पुरानी झाइयां न ही खीरा न ही आलू सिर्फ 1 इलाज |Get Rid Of Pigmentation, Dark Spots On Face
Loading...

Leave a Reply