kiwi

कीवी एक बहुत ही छोटा फल है लेकिन इसके फायदे इतने हैं कि साइज में बड़े फल भी इसका मुकाबला नहीं कर सकते। कीवी खाने का समय जानकर आप इसके स्वाद के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
यह विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन ई, फोलेट और पोटेशियम जैसी पोषक तत्वों से भरपूर है। यही नहीं, यह एक ऐसा फल है जो एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर का अच्छा स्रोत है। तो आइए जानते हैं कि कीवी फल खाने का सही समय क्या है?

कीवी खाने का समय

वैसे कीवी फल को हम दिन में कभी भी खा सकते हैं लेकिन यदि आप इसे सुबह खाते हैं तो आपको बहुत तरह के लाभ प्राप्त होंगे। यह न केवल आपके वजन को कम करेगा बल्कि आपके शरीर से गंदगी को भी साफ करेगा।

कीवी फल को सुबह की डाइट में शामिल करके आप अपने पाचन तंत्र को सही करने के साथ-साथ, थकान और कब्ज में भी राहत पा सकते हैं।

चूंकि कीवी एक फल है जो घुलनशील फाइबर से भरा है और पाचन में मदद करता है तथा आंतों में सुधार करता है, यही कारण है कि यह कब्ज को रोकता है। यदि आप इसे नाश्ते के लिए खाते हैं, तो इससे आपको बहुत अधिक मदद मिलेगा।

इसके अलावा विटामिन सी की मौजूदगी के कारण यह आपकी त्वचा को निखारने का भी काम करता है। डॉक्टर इंटरव्यू या महत्वपूर्ण बैठक से पहले तनाव को कम करने के लिए कीवी खाने की सलाह देते हैं। इस स्वादिष्ट फल को आप केले, स्ट्रॉबेरी और अनानास के साथ एक अच्छी रेसिपी बनाकर खा सकते हैं।

किसे नहीं खाना चाहिए कीवी

जिन लोगों को प्रोटीयोलायटिक एक्टिडिन नामक एंजाइम से एलर्जी है, वे किवी, पपीता या अनानास नहीं खा सकते हैं। इसके अलावा जो लोग किडनी स्टोन की समस्या से जुझ रहे हैं उन्हें भी यह फल नहीं खाना चाहिए। क्योंकि यह फल कैल्शियम ऑक्सेलेट्स में समृद्ध है।

कीवी फल खाने के फायदे

दिल के लिए

कीवी फ्रूट आपके दिल से संबंधित समस्‍याओं को दूर करने में बहुत ही प्रभावकारी होता है। किवी में उपस्थित पोटेशियम लो ब्‍लड़ प्रेशर को नियंत्रित कर दिल के दौरे के रिस्‍क को कम करने में मदद करते है। यदि आपका ब्‍लड प्रेशर नियंत्रित और स्थिर होता है तो यह आपके स्‍वस्‍थ दिल को दर्शाता है। किवी फल में फाइबर और विटामिन होते है जो आपकी धमनियों को मजबूत कर उनके कार्यक्षमता को बढ़ाते है। इस प्रकार किवी फल का नियमित सेवन कर हम दिल से संबंधित बीमारीयों को दूर कर सकते है।

दिल के लिए गुणकारी प्रभाव होने के कारण इसे सभी लोगों को नियमित रूप से आहार में शामिल करना चाहिए।

अस्‍थमा रोग में

कीवी फल में विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidant) अच्‍छी मात्रा में होते है जो इसे हमारे स्‍वास्‍थ के लिए लाभकारी बनाते है। किवी फल अस्‍थमा रोग के उपचार में असरदार होता है। जिन लोगों को अस्‍थमा की परेशानी होती है उन लोगों किवी फल का नियमित सेवन करना चाहिए।

आंखों के लिए 

यह हरा फल हमारी आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आंखों की दृष्टि कम होना या कम दिखाई देने का मैकुल पतन (Macular degeneration) के कारण होता है। मैकुलर पतन को कम करके किवी फल आपकी आंखों की रक्षा करने में आपकी मदद कर सकता है।अध्‍ययन बताते है कि यदि प्रतिदिन किवी फलों सेवन किया जाए तो मैकुलर पतन को 36 % तक कम किया जा सकता है। इसमें उपस्थित लुटीन (Lutein’s) मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ इन रोगों को रोक सकते है। इसलिए हमें अपनी देखने की क्षमता (Eyesight) को स्वस्थ रखने और किवी फल के फायदों का लाभ लेने के लिए नियमित रूप से इसका सेवन करना चाहिए।

पाचन के लिए

कीवी फ्रूट हमारी पाचन प्रणाली के लिए फायदेमंद होता है। यह कई फाइबरों से भरपूर होते है जो कि पाचन के लिए अच्‍छे और महत्‍वपूर्ण होते है। इसमें एक्टिनिडिन (Actinidin) नाम का प्रोटीयोलेयटिक एंजाइम (Proteolytic enzyme) होते है प्रोटीन विभाजित करने में मदद करते है। जिससे हमें जल्दी और जरूरी ऊर्जा प्राप्त होती है हमारी पाचन शक्ति भी बढ़ती है। इसलिए हमें अपने स्वस्थ पेट (Healthy stomach) के लिए किवी का नियमित सेवन करना चाहिए।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में 

बहुत सारे पोषक तत्‍वों (nutrients) के कारण यह हमारी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में हमारी मदद करता है। इसमें विटामिन C और कई एंटीऑक्डिेंट होते है जो हमें संक्रमण से बचने की शक्ति देते है। किवी फलों में प्राकृतिक एंजाइम होते है जिन्‍हें एक्टिनिडिन कहा जाता है। यह प्रोटीन को पचाने में मदद करते है। किवी फल दही, कच्‍चे अंण्‍डें मछली, और पनीर आदि में होने वाले अधिक प्रोटीन को पचाने (Digest) में सक्षम होते है। इसमें उपस्थित अन्‍य पोषक तत्‍व भी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में मदद करते है। एक अध्‍ययन बताता है कि ये सर्दी और फ्लू जैसी बीमारियों की संभावना को कम कर सकता है। इसलिए सभी लोगों के लिए किवी फल फायदेमंद होता है।

अल्‍सर के लिए 

इस फल में पाचन तंत्र को ठीक रखने के लिए बहुत से पाचन एंजाइम उपस्थित रहते है। यदि हमारा पाचन तंत्र मजबूत होता है और हमारा खाना अच्‍छी तरह से पाचन हो रहा हो तो अल्‍सर की संभावना बहुत ही कम होती है। पेट का खराब होना, अपच (Indigestion) होना और अन्‍य पेट की समस्‍याओं के कारण अल्‍सर होता है। यदि आप मुंह के अल्‍सर के दर्द से परेशान है तो आपके लिए किवी का सेवन आपके लिए फायदेमंद होगा।

अल्‍सर के दौरान किवी फल का नियमित सेवन करें यह आपके अल्‍सर धावों को ठीक कर सकता है। अल्‍सर का नियमित सेवन आपको इसकी संभावनाओं से बहुत दूर रख सकता है।

ब्‍लड प्रेशर कम करने के लिए

यह फल हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ साथ हमारे रक्‍त परिसंचरण व्‍यवस्‍था को सुधारने में हमारी मदद करता है। इसमें पोटेशियम की भरपूर मात्रा होने के कारण यह उच्‍च रक्‍तचाप को कम करने में लाभकारी होता है। सोडियम का ज्‍याद प्रयोग उच्‍च रक्‍तचाप के बढने का कारण होता है। इस समस्‍या से निपटने के लिए पोटेशियम युक्‍त किवी का सेवन हमारे स्‍वास्‍थ के लिए लाभकारी होता है।

बेहतर नींद में 

प्राकृतिक एंजाइमों से भरपूर किवी फल आपकी नींद को बेहतर बनाने में मदद करते है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट गुण बहुत से स्‍वास्‍थ लाभ पहुंचाने के साथ नींद को भी सुधारने में सहायक होते हे। किवी फल में उपसिथत सेरोटोनिन (serotonin) उच्‍च मात्रा में होते है जो अच्‍छी नींद के लिए जिम्‍मेदार होते है। मैग्‍नीशियम और पोटेशियम रक्‍त परिसंचरण को बढ़ावा देते ह। कीवी फल में शुगर और फैट दोनों ही कम मात्रा में होते है जो आपकी नींद के लिए फायदेमंद होते है। यदि आप अनिद्रा से परेशान है तो किवी फल आपकी इस समस्‍या के लिए फायदेमंद होगा।

गर्भावस्था के समय

गर्भावस्‍था का समय महिलाओं के लिए बहुत कठिनाई और जोखिम भरा होता है। इस समय उन्‍हें ज्‍यादा पोषक तत्‍वों की जरूरत होती है। किवी फल उन जरूरतों को पूरा करने में सहायक की भूमिका निभा सकता है। एक भ्रूण के समग्र विकास के लिए महिला को लगभग 400-800 माइक्रो ग्राम फोलिक एसिड की जरूरत होती है। किवी फल में फोलेट पर्याप्‍त मात्रा में होता है जो कि बच्‍चे के मस्तिष्‍क के विकास में महात्‍वपूर्ण योगदान करता है। इसमें उपस्थित विटामिन C गर्भधारण के बाद आए निशानों को दूर करने में मदद करता है। गर्भावस्‍था के समय कब्‍ज का होना सामान्‍य बात होती है पर फिर भी किवी के उपयोग से आप ऐसी समस्‍याओं से बच सकते है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में 

यदि हम प्रतिदिन दो या तीन किवी फलों का नियमित सेवन करें तो यह हमारे शरीर में जमा अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को कम (Reduce extra cholesterol) करने में हमारी मदद कर सकता है। किवी फल में विटामिन ई, विटामिन सी, और अन्‍य खनिज पदार्थ होते है जो दिल से संबंधित बहुत से लाभ दिलाते है। यह खराब कोलेस्‍ट्रोल को कम करके अच्‍छे कोलेस्‍ट्रोल (HDL) में वृद्धि करता है। साथ ही यह खून को गाढ़ा होने से रोकता है। स्‍पष्‍ट है कि किवी फल कोलेस्‍ट्रोल मुक्‍त होता है।

वजन कम करने में

वजन कम (weight loss) करने के आसन तरीका किवी का सेवन है किवी फल का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है जो कि वजन बढ़ने का प्रमुख कारण होता है। किवी फल में बहुत से फाइबर अच्‍छी मात्रा में उपलब्ध रहते है जो वजन को कम करने हमारी मदद करते है। विटामिन C,विटामिन K और फाइबर की उपलब्धता के कारण वजन संतुलित और स्थिर रहता है। यदि आप अपने बढ़ते वजन को रोकना चाहते है तो नियमित रूप से किवी फलों का सेवन शुरू कर दें यह आपके वजन को कम करने बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

त्‍वचा के लिए 

यह फल हमारी त्वचा की रक्षा के लिए एक लाभकारी विकल्प बन सकता है। इसमें विटामिन C और E प्रचुर मात्रा में होते है। इसमें उपस्थित एंटीऑक्सिडेंट हानिकारक बैक्‍टीरीया से हमारी त्‍वचा की रक्षा करते है। इसके लिए हम किवी फलों को आहार के रूप में लेने के साथ साथ उसे अपनी त्‍वचा में सीधे ही लगा सकते है। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो हमारी त्‍वचा लाभों के लिए महत्‍वपूर्ण होता है। अपनी त्‍वचा को सुंदर और निरोगी बनाए रखने के लिए किवी फलों का उपयोग आपके लिए फायदेमंद होता है।

कीवी के नुकसान

Kiwi ke Nuksan in Hindi

सामान्यतः किवी का उपयोग लाभकारी और सुरक्षित होता है। पर कुछ लोग जिन्हें इससे एलर्जी (allergy) होती है उनके लिए यह कुछ हद तक नुकसान दायक भी हो सकता है। किवी एलर्जी के लक्षणों में गले में खुजली, जीभ में सूजन, निगलने में परेशानी, उल्‍टी आदि हो सकती है।

किवी फलों का अवश्‍यक्‍ता से ज्‍यादा उपभोग आपके लिए त्‍वचा संबंधी परेशानियों को जन्‍म दे सकता है। इस फल के ज्‍यादा सेवन से आपके मुंह में जलन हो सकती है।

यदि आपको इस प्रकार की कोई समस्‍या हो तो आप इसका सेवन बंद कर दे और अपने डॉक्‍टर के निर्देशों का पालन करें।

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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