kalonji ke fayde nigella seeds benefits in hindi

कलौंजी के बारे में आज हम आपको ऐसी जानकारी देने वाले हैं जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे । एक्सपट्र्स के मुताबिक मौत को छोडक़र ये हर मर्ज में काम करती है। कलौंजी का उपयोग भारतीय व्यंजनों और मसलों तथा अनेक प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। सबसे ज्यादा कलौंजी का उपयोग यूनानी दवाओं को बनाने में किया जाता है। अनगिनत रोगों को ठीक करने वाला कलौंजी का पौधा सोंफ के पौधे से थोड़ा छोटा होता है और इसमें हलके नीले और पीले फूल आते हैं इनका बीज जिसको हम कलौंजी बोलते हैं वो काले रंग के होते हैं कलौंजी लगभग हर घर में मौजूद रहने वाली चीज है।

आमतौर पर अचार में डाली जाने वाली कलौंजी स्वाद तो बढ़ाती है लेकिन लोग इसे ऐसे ही खाना पसंद नहीं करते। अचार से भी चुन-चुनकर अलग निकाल देते हैं । लेकिन क्या आप जानते हैं ये छोटे-छोटे काले बीज आपकी सेहत के लिए कितने फायदेमंद हैं । इनका इस्तेमाल कई घरेलु नुस्खों में किया जा सकता है। ब्यूटी से लेकर हेयर तक और शरीर की कई बड़ी बीमारियों तक में कलौंजी का सेवन आपको बहुत फायदा पहुंचा सकता है । इसमें आयरन के साथ भरपूर मात्रा में सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर होता है। इसमें अमीनो एसिड और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आगे जानिए इसके कुछ घरेलु उपाय और फायदे।

डायबिटीज

प्रतिदिन 2 ग्राम कलौंजी के सेवन के परिणामस्वरूप तेज हो रहा ग्लूकोज कम होता है। इंसुलिन रैजिस्टैंस घटती है,बीटा सैल की कार्यप्रणाली में वृद्धि होती है तथा ग्लाइकोसिलेटिड हीमोग्लोबिन में कमी आती है।

हाई ब्लड प्रेसर

100 या 200 मिलीग्राम कलौंजी के सत्व के दिन में दो बार सेवन से हाइपरटैंशन के मरीजों में ब्लड प्रैशर कम होता है।

मिर्गी

2007 में हुए एक अध्ययन के अनुसार मिर्गी से पीड़ित बच्चों में कलौंजी के सत्व का सेवन दौरे को कम करता है।

गंजेपन में फायदेमंद

जली हुई कलौंजी को हेयर ऑइल में मिलाकर नियमित रूप से सिर पर मालिश करने से गंजापन दूर होकर बाल उग आते हैं।

त्वचा के विकार

कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं।

लकवा में लाभकारी

कलौंजी का तेल एक चौथाई चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ कुछ महीने तक प्रतिदिन पीने और रोगग्रस्त अंगों पर कलौंजी के तेल से मालिश करने से लकवा रोग ठीक होता है।

सर्दी-जुकाम

कलौंजी के बीजों को सेंककर और कपड़े में लपेटकर सूंघने से और कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम समाप्त होता है। आधा कप पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल व चौथाई चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इतना उबालें कि पानी खत्म हो जाएं और केवल तेल ही रह जाएं। इसके बाद इसे छानकर 2 बूंद नाक में डालें। इससे सर्दी-जुकाम ठीक होता है। यह पुराने जुकाम भी लाभकारी होता है।पेट के कीडे़
10 ग्राम कलौंजी को पीसकर 3 चम्मच शहद के साथ रात सोते समय कुछ दिन तक नियमित रूप से सेवन करने से पेट के कीडे़ नष्ट हो जाते हैं।

पेट दर्द में रामबाण है कलौंजी

किसी भी कारण से पेट दर्द हो एक गिलास नींबू पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीएं। उपचार करते समय रोगी को बेसन की चीजे नहीं खानी चाहिए। या चुटकी भर नमक और आधे चम्मच कलौंजी के तेल को आधा गिलास हल्का गर्म पानी मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है। या फिर 1 गिलास मौसमी के रस में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से पेट का दर्द समाप्त होता है।

खून की कमी

एक कप पानी में 50 ग्राम हरा पुदीना उबाल लें और इस पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय सेवन करें। इससे 21 दिनों में खून की कमी दूर होती है। रोगी को खाने में खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।

पीलिया

एक कप दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर प्रतिदिन 2 बार सुबह खाली पेट और रात को सोते समय 1 सप्ताह तक लेने से पीलिया रोग समाप्त होता है। पीलिया से पीड़ित रोगी को खाने में मसालेदार व खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।

दांत और मसूड़ों के दर्द में फायदेमंद है कलौंजी

कलौंजी का तेल और लौंग का तेल 1-1 बूंद मिलाकर दांत व मसूढ़ों पर लगाने से दर्द ठीक होता है। आग में सेंधानमक जलाकर बारीक पीस लें और इसमें 2-4 बूंदे कलौंजी का तेल डालकर दांत साफ करें। इससे साफ व स्वस्थ रहते हैं।

दांतों में कीड़े लगना व खोखलापन

रात को सोते समय कलौंजी के तेल में रुई को भिगोकर खोखले दांतों में रखने से कीड़े नष्ट होते हैं।

ऐसे करें कलौंजी का इस्‍तेमाल

1- कलौंजी के बीजों का सेवन सीधे किया जा सकता है।

2- एक छोटा चम्मच कलौंजी को शहद में मिश्रित करके इसका सेवन कर सकते हैं।

3- पानी में कलौंजी उबालकर छान लें और इसे पीएं।

4- दूध में कलौंजी उबालें। ठंडा होने दें फिर इस मिश्रण को पीएं।

5- कलौंजी को ग्राइंड करें तथा पानी तथा दूध के साथ इसका सेवन करें।

6- कलौंजी को ब्रैड, पनीर तथा पेस्ट्री या पापड़ पर छिड़क कर इसका सेवन करें।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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