गले नाक छाती में जमा हुआ बलगम कफ को जड़ से निकाल देती हैं यह 5 चीजें Cure Cough

0
kaf ka ilaj

बता दें,के सर्दी जुखाम, वायरल बुखार, इन्फेक्शन और ठंड लगने के कारण अक्सर गले में कफ का बनना की शिकायत होने लगती है और लगातार नाक बहना, छाती सीने और गले में कुछ जमा हुआ महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना, गले में खराश खिचखिच रहना, छाती जाम होना, ये सब कफ के लक्षण होते है।वहीं,गले की बलगम से छुटकारा पाने और बलगम वाली खांसी को दूर करने के लिए कुछ लोग दवा और सिरप का सहारा लेते है पर देसी इलाज और आयुर्वेदिक उपचार अपना कर आसान तरीके से कफ निकालने के घरेलू उपाय किये जा सकते है। आज इस लेख में हम जानेंगे गले और छाती में जमा कफ कैसे निकाले।

वैसे तो कफ की समस्या ज्यादा गंभीर नहीं होती पर जब ये लम्बे समय तक रहे तो सांस से जुड़े रोग हो सकते है,लेकिन अगर बलगम में खून के कुछ अंश दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिले और जाँच कराये ताकि किसी भी तरह की गंभीर बीमारी से बचा जा सके।तो बलगम से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है इससे शरीर से बाहर निकालना क्योंकि बलगम निगलने से ये वापस शरीर में चली जाती है और बहती नाक को अंदर रखना परेशानी बढ़ा सकता है।
आइये जाने घरेलू नुस्खे से कफ निकालने के उपाय कैसे करे-देखिए…

अदरक-शहद

अदरक के सेवन से सर्दी-खांसी में फायदा होता है और सांस लेने की प्रक्रिया ठीक हो जाती है। 100 ग्राम अदरक को कूट लें। दो-तीन चम्मच शहद को उसमें मिला लें। इस पेस्ट को दो-दो चम्मच दिन में दो बार लें। समस्या दूर हो जाएगी।

गरारे

एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक मिलाएं। गर्दन थोड़ी सी पीछे की तरफ गिराएं और फिर इस नमक के पानी से गरारे करें।

काली मिर्च

थोड़ी सी काली मिर्च को पीस लें। इसमें 1 चम्मच शहद मिला लें। इस मिश्रण को 10-15 सेकंड गर्म करें। फिर पी लें। इसे पीते ही आपको आराम मिलेगा।

प्याज और नींबू

प्याज का छिलका उतार लें और अब उसे पीस लें। एक नींबू का रस निकाल लें। इन दोनों को एक कप पानी में मिलाकर उबाल लें और एक चम्मच शहद मिलाकर लें।

लेमन टी

नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड बलगम कम करने में मदद करता है। ब्लैक टी बनाएं, एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं।

हल्दी

बलगम के उपचार के लिए हल्दी सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाली चीज है। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं, फायदा होगा।

भाप

भाप लेने से श्‍वसन मार्ग साफ होता है। इससे छाती में जमा म्‍यूकस भी टूट जाता है। कम से कम पांच मिनट तक गर्म पानी की भाप लें। गर्म पानी से नहाने से भी आराम मिलता है।

थाइम और लौंग की चाय

अध्‍ययन में सामने आया है कि थाइम और लौंग में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। एसेंशियल ऑयल या अर्क के रूप में ये श्‍वसन मार्ग में संक्रमण से लड़ने में शरीर की मदद कर सकते हैं। थाइम और लौंग की पत्तियों को 10 मिनट तक पानी में उबालें और फिर छानकर पी लें।

अदरक

अदरक सूजन-रोधी और एंटीऑक्‍सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। दिन में दो से तीन कप अदरक की चाय पीने से गले को आराम मिलता है। बलगम वाली खांसी में ये उपाय बहुत कारगर होता है।

विटामिन सी

विटामिन सी की बड़ी खुराक से इम्‍यून सिस्‍टम को बढ़ाया जाता है जिससे कि शरीर खुद ही वायरस से तेजी से लड़ सके। जब तक कि लक्षणों में सुधार नहीं आता है, तब तक दिन में दो बार संतरा खाएं या संतरे का जूस पीएं। जूस ठंडा नहीं होना चाहिए।

NO COMMENTS

Leave a Reply

error: Content is protected !!