शरीर में रक्तचाप के कई कारक होते हैं जैसे शरीर में पानी एवं नमक की मात्रा,रक्त वाहिकाओं की तथा गुर्दे जैसे शरीर के मुख्य अंग की स्थिति,तंत्रिका तंत्र की स्थिति तथा किसी व्यक्ति के हॉर्मोन का स्तर

किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की समस्या है या नहीं ये पता चलता है निम्नलिखित लक्षणों से :-

1. अगर वह व्यक्ति मधुमेह एवं मोटापे जैसी समस्याओं का शिकार है।

2. अगर वह व्यक्ति किसी कारण से बहुत ज़्यादा तनाव में है।

3. अगर वह व्यक्ति एक दिन में काफी ज़्यादा मात्रा में धूम्रपान करता है या शराब का सेवन करता है तो भी उसे उच्च रक्तचाप की समस्या की समस्या हो सकती है।

उक्त रक्तचाप के  लक्षण 

  • सांस लेना में पेरशानी होना
  • दीर्घकालिक गुर्दे की बीमारी।
  • अचानक घबराहट या समझने में दिक्कत होना
  • हाइपर पैरा थाइरॉइडिस्म।
  • तेज सिरदर्द
  • गुर्दे में रक्त संचार करने वाली धमनियों में समस्या।
  • चक्कर आना
  • अधिवृक्क ग्रंथियों की समस्या जैसे फिओक्रोमोसीटोमा या कुशिंग सिंड्रोम।
  • सीने में दर्द या भारीपन
  • कुछ दवाइयों जैसे बर्थ कंट्रोल पिल,माइग्रेन की दवाइयाँ,डाइट की गोलियां तथा ठण्ड से बचने वाली दवाइया|

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उक्त रक्तचाप के उपाय 

  • शराब पीने की मात्रा कम करें। शराब पीने का हिसाब रखें एवं इस मात्रा को कम करने की कोशिश करें।
  • ह्रदय को स्वस्थ रखने वाले भोजन खाएं।
  • वज़न घटाने,धूम्रपान छोड़ने एवं शारीरिक व्यायामों के शिविर में हिस्सा लें। इससे सटीक परिणाम मिलेंगे।
  • फाइबर,पोटैशियम और लौह खनिज की मात्रा वाले भोजन करने से आपका ह्रदय स्वस्थ रहेगा। काफी मात्रा में पानी पीना भी एक बेहतर विकल्प है।
  • शरीर का वज़न कम करने का प्रयास करें। सही प्रकार के व्यायाम करें जिससे की शर्तिया लाभ हो।
  • खाने में सोडियम की मात्रा घटाएं और फर्क देखें।
  • तनाव से दूर रहें। तनाव पैदा करने वाली चीज़ों से परे रहने का प्रयास करें। आप तनाव दूर करने के लिए योग का सहारा भी ले सकते हैं।
  • धूम्रपान से दूर रहे। अगर आपको धूम्रपान की आदत है तो इसे धीरे धीरे छोड़ने की कोशिश करें। धूम्रपान छोड़ना काफी कठिन कार्य है अतः इस मामले में डॉक्टर की सलाह लें।

आजकल जीवनशैली में परिवर्तन एवं सही दवाओं के चुनाव से रक्तचाप को नियंत्रण में लाना संभव है। अगर इसे नियंत्रण में नहीं किया गया तो आप दीर्घकालिक गुर्दों की बीमारी,पैरों में खून का ना पहुंचना,दिल का दौरा,आँखों की समस्या,बड़ी रक्त वाहिका से रक्तपात जो कि पेट,पैर एवं कूल्हों में रक्त संचार करती है जैसी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।

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