हर्निया hernia ka ilaj in hindi

पेट की मांसपेशिया या कहें पेट की दीवार कमजोर हो जाने से जब आंत बाहर निकल आती है तो उसे हर्निया कहते हैं. वहां एक उभार हो जाता है, जिसे आसानी से देखा जा सकता है. लंबे समय से खांसते रहने या लगातार भारी सामान उठाने से भी पेट की मांसपेशिया कमजोर हो जाती है. ऐसी स्थिति में हर्निया की संभावना बढ़ जाती है. हालांकि इसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं.

कुछ लोग सूजन और दर्द का अनुभव करते हैं, जो खड़े होने पर और मसल्‍स में खिंचाव या भारी सामान उठाने पर बढ़ सकता है. यूं तो बड़ी हर्निया जिसमें सूजन और काफी दर्द हो रहा हो, उसका इलाज बिना सर्जरी के संभव नहीं है. लेकिन हर्निया के लक्षण पता लगने पर आप उसे घरेलू इलाज से कम कर सकते हैं.

अगर हर्निया बड़ी हो, उसमें सूजन हो और काफी दर्द हो रहा हो तो बिना सर्जरी के इसका इलाज संभव नहीं है. लोकिन हर्निया के लक्षण पता लगने पर आप उसे घरेलू इलाज से कम कर सकते हैं. हालांकि, इन घरेलू उपायों से सिर्फ प्राथमिक इलाज ही संभव है और इसे आजमाने पर कभी उल्टे परिणाम भी हो सकते हैं. इसलिए घरेलू इलाज आजमाने से पहले डॉक्टर से जरुर संपर्क कर लें.

मुलैठी

कफ, खांसी में मुलैठी तो रामबाण की तरह काम करता है और आजमाय हुआ भी है. हर्निया के इलाज में भी अब यह कारगर साबित होने लगा है, खासकर पेट में जब हर्निया निकलने के बाद रेखाएं पड़ जाती है तब इसे आजमाएं.

अदरक के जड़

अदरक की जड़ पेट में गैस्ट्रिक एसिड और बाइल जूस से हुए नुकसान से सुरक्षा करता है. यह हर्निया से हुए दर्द में भी काम करता है.

बबूने का फूल

पेट में हर्निया आने से एसिडिटी और गैस काफी बनने लगती है. इस स्थिति मेंम बबूने के फूल के सेवन से काफी आराम मिलता है. यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है.

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बर्फ का जादू 

बर्फ से हर्निया का इलाज बहुत ही पुराना, आसान और प्रचलित उपाय है. जी हां बर्फ को हर्निया वाली जगह पर लगाने से काफी आराम मिलता है. दर्द के साथ-साथ सूजन भी कम होती है. तो क्‍यों न आज से ही शुरू कर दें बर्फ से हर्निया का इलाज.

कैमोमाइल चाय 

कैमोमाइल को एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है, यह हर्निया के लिए बहुत ही अच्‍छा प्राकृतिक उपाय है. हर्निया की समस्‍या से एसिडिटी और गैस काफी बनने लगती है. इस स्थिति में कैमोमाइल की चाय के सेवन से काफी आराम मिलता है. यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है. समस्‍या होने पर एक चम्‍मच सूखे कैमोमाइल को एक कप गर्म पानी में मिलाकर 5 मिनट के लिए ढककर रख दें. फिर इसमें अपने स्‍वादानुसार शहद मिला लें. इस चाय का सेवन दिन में 4 बार करें.

हर्निया में इन चीजों को नहीं करें 

प्रभावित जगह को कभी भी गर्म कपड़े या किसी भी गर्म पदार्थ से सेंक नहीं दें

हर्निया में कसरत करने से परहेज करें

हर्निया में ज्यादा तंग और टाइट कपड़ें नहीं पहनें

बेड पर अपने तकिए को 6 इंच उपर रखें

ताकि पेट में सोते समय एसिड और गैस नहीं बन पाए

एक ही बार ज्यादा मत खाएं

थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का भोजन ले

खाने के तुरंत बाद झुकें नहीं

शराब पीना पूरी तरह बंद कर दें.

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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