हाथ पैरों का सुन्न होना, हाथ पैरों में झनझनाहट होना, उंगलियों में सूजन आना, दर्द, जलन होना सर्दी, ठंड़ मौसम में अकसर काफी बढ़ जाती है। हाथ, पैरों के सूजन, दर्द, झनझनाहट, सुन्न जैसे शरीरिक समस्यों से छुटकारे के लिए घरेलू तरीकों और सावधानियों को ध्यान में रखकर आसानी से ठीक किया जा सकता है। ठंड़ सर्दी से होने वाली हाथ पैरों की समस्या में विटामिन बी कम्पलैक्स, मैग्नीशियम, रिच प्रोटीन, मिनरलस खनिज तत्वों से भरपूर आहार पोषण डाईट में शामिल करना फायदेमंद है। और साथ में कुछ खास घरेलू तरीकों से उगलियां सूजन, दर्द, झनझनाहट जैसी Numbness / समस्याओं से सर्दी ठंड़ मौसम के शरीर अंगों के दुष्प्रभावों विकारों को ठीक करने में सक्षम है।

सबसे पहले आपको बताते हैं कि किन कारणों से हाथ -पैर सुन्न हो जाते हैं…

-विटामिन B व D की कमी
-फ्लूइड रिटेंशन
-कार्पेल टनेल सिंड्रोम
-तंग कपड़े पहनना
-एक ही स्थिति में ज्यादा देर बैठना
-फिजिकल एक्टिविटी की कमी
-थकान या कमजोरी
-स्मोकिंग और शराब
-नस दबना

इसके अलावा अगर आप हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी या मस्तिष्क में ट्यूमर, चोट लगना, थायराइड या डायबिटीज के मरीज है तो भी आपको यह समस्या अधिक हो सकती है।

औरतें होती हैं ज्यादा शिकार

पुरुषों की तुलना में औरतों को इसका खतरा 3 गुणा ज्यादा होता है। गर्भावस्था, पीरियड्स की अनियमित्ता, मेनोपॉज को दौरान या बाद में यह परेशानी बढ़ जाती है। इसके अलावा जो लोग की-बोर्ड पर लगातार 8-9 घंटे टाइपिंग करते हैं उन्हें भी इसकी संभावना अधिक होती है। टाइपिंग के वक्त उंगलियां और कलाई ज्यादा मुड़ती हैं, जिससे हाथ और कलाई सुन्न और सूज जाती है।

नर्वस सिस्टम पर पड़ता है असर

नर्वस यानि तंत्रिकाएं शरीर में चलने वाले छोटे तारों की तरह होती हैं, जो फाइबर से बनी होती हैं। जब लंबे समय तक कोई अंग एक ही स्थिति या दबाव में रहता है तो इसका असर नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। इससे नसों द्वारा पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन और रक्त का संचार नहीं हो पाता। ब्रेन तक उस अंग के बारे में पहुंचने वाली जानकारी अवरुद्ध हो जाती है। जिस कारण वहां संवेदना नहीं हो पाती और वह अंग सो जाता है। इससे सुईया चुभने का अहसास होता है। जब अंग से दबाव हट जाता है तब नर्वस सिस्टम में ऑक्सीजन का संचार दोबारा शुरू हो जाता है। ब्रेन और नर्वस सिस्टम अपना काम करना शुरू कर देते हैं।

कुछ घरेलू नुस्खे बताते हैं जिससे आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं

गुनगुने पानी में भिगोएं हाथ-पैरों

यदि आपके हाथ या पैर सुन्न हो गए हैं तो आप एक बड़े बर्तन में गुनगुना पानी लें और उसमें सेंधा नमक मिलाएं। फिर इसमें सुन्न हुआ अंग करीब 10 मिनट के लिए भिगो कर रखें। एेसा करने से काफी आराम मिलेगा।

दालचीनी

दालचीनी में काफी मात्रा में न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जो हाथों और पैरों में ब्लड फ्लो को बढ़ाते हैं। एक शोध के अनुसार रोजाना 2-4 ग्राम दालचीनी पाउडर को लेने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इसको लेने के लिए1 चम्मच दालचीनी और शहद मिला कर सुबह कुछ दिनों तक सेवन करें।

हल्दी और दूध

हल्दी एंटीबैक्टीरियल और औषधिय गुणों से भरपूर होती है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने का काम करती है जब आपके हाथ या पैर सुन्न पड़ जाए तो आप हल्दी वाले दूध में शहद मिलाकर पी सकते है।

मसाज करें

हाथ पैरों के सुन्न पड़ने पर जैतून या फिर सरसों के तेल को गुनगुना गर्म करके उससे हाथ पैरों की मालिश करें, इससे नसें खुलती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर ठीक हो जाता है।

सही डाइट लें

शरीर में पोषक तत्वों की कमी से भी यह समस्या हो जाती है। ऐसे में अपनी डाइट में ऐसे फल व सब्जियां ज्यादा शामिल करें, जिसमें मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी व डी ज्यादा हो। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे मेवे, मूंगफली, मछली, सोयाबीन, केला, डार्क चॉकलेट, दही लहसुन, सोंठ और दालचीनी जरूर खाएं। साथ ही पानी भी अधिक मात्रा में पिएं।

योग के लिए समय निकालें

योग क्रियाओं के जरिए भी इस समस्या से जल्दी राहत पाई जा सकती है। रोजाना 30 मिनट योग करें, इससे गंभीर बीमारियां, मोटापा आदि दूर होने के साथ-साथ सुन्नपन से भी राहत मिलेगी।

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