गुलकंद के फायदे हिंदी | पतंजलि गुलकंद के फायदे

दोस्तों गुलकंद हमारे शरीर को बहुत ही ज्यादा फायदा पहुंचाता है | क्योकि गुलकंद गुलाब से बनता है और जिससे हमारे शरीर को बहुत ही ज्यादा ठंडक मिलती है | गुलकंद को आप किसी भी मौसम में खा सकते है

लेकिन अगर इसे गर्मी के मौसम में खाया जाये तो इससे हमारे शरीर को बेहद ठंडक मिलती है | वैसे भी गर्मियों में तली भुनी व चटपटी चीजे खाने की बजाये ठंडी चीजे खाने का जैसे छाछ ,लस्सी या फिर ठंडाई का मन करता है |लेकिन हम आपको बता दे की गुलकंद खाने से भी हमें गर्मी से रहत मिलती है | वैसे तो आप सबने कभी न कभी गुलकंद को खाया ही होगा |

आइए जानें पतंजलि गुलकंद के फायदे, गुलकंद का उपयोग, गुलकंदाचे फायदे, गुलकंद खाण्याचे फायदे, गुलकंद के फायदे हिंदी, गुलकंद रेसिपी, गुलकंद बनाने की विधि |

लेकिन आप ये नहीं जानते होंगे की गुलकंद खाने से हमारे शरीर को बहुत ही ज्यादा फायदा मिलता है | इसलिए गुलकंद का प्रयोग कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है | गुलकंद गुलाब की पंखडियो व शुगर से बनता है इसलिए गुलकंद भीषम गर्मी से सम्बंधित कई समस्याएं जैसे थकान,सुस्ती खुजली आदि में उपयोग किया जाता है |गुलकंद से हमारी सौन्दर्य से सम्बंधित सारी समस्याओं को भी दूर करने में काम आता है |गुलकंद के नियमित सेवन से शरीर ठंडा रहने के साथ साथ हमरी सेहत को भी दुरुश्त रखता है | गुलकंद बनाने की विधि

गुलकंद बनाने की विधि – Gulkand Banane Ki Vidhi In Hindi

Gulkand Kaise Banaye

समाग्री

ताजी गुलाब की पंखुडियां, बराबर मात्रा में पीसी हुई मिश्री , एक छोटा चम्मच पिसी छोटी इलायची तथा पिसा सौंफ

विधि

गुलाब की ताजी व खुली पंखुडियॉं लें , अब कांच की बडे मुंह की बोतल लें इसमें थोडी पंखुडियां डालें अब पीसी हुई मिश्री डालें फिर पंखुडियां फिर मिश्री अब एक छोटा चम्मच पिसी छोटी इलायची तथा पिसा सौंफ डालें फिर उपर से पंखुडियां डालें फिर मिश्री इस तरह से डब्बा भर जाने तक करते रहें इसे धूप में रख दें आठ दस दिन के लिये बीच- बीच में इसे चलाते रहें, मिश्री पानी छोडेगी और उसी मिश्री पानी में पंखुडियां गलेंगी। (अलग से पानी नहीं डालना है) पंखुडियां पूरी तरह गल जाय यानि सब एक सार हो जाय ।

लीजिये तैयार हो गया आपका गुलकंद।

■  जल्दी दाढ़ी और मूंछ बढ़ाने के 5 आसान तरीके और घरेलू उपाय

तो आइये जानते है की गुलकंद खाने से हमारे शरीर को क्या क्या फायदे मिलते है :-

गुलकंद के फायदे, लाभ और औषधीय गुण इन हिंदी

Gulkand Ke Fayde, Labh, Upyog Aur Aushadhiya Gun In Hindi

गुलकंद का उपयोग

•  गुलकंद पेट के लिए एक रामबाण औषधि का काम करता है | क्योकि कई लोगो को पेट की समस्याएं जैसे कब्ज ,अपच ,गैस ,जलन ,मोरड़ व पेट दर्द की समस्या बनी रहती है |मगर जब आप गुलकंद का सेवन करते है आपको पेट की इन समस्याओं का समाना नहीं करना पड़ता है |इसे खाने से हमारी भूख भी बढ़ती है |क्योकि इसमें विटामिन c ,e व बी की अधिक मात्रा पाई जाती है |

•  प्रग्नेंट औरतो को दिन में कम से कम दो बार गुलकंद का सेवन जरूर करना चाहिए इससे माँ व होने वाले बच्चे को बहुत ही फायदा मिलता है |

•  गुलकंद को खाने से हमारे शरीर में इम्युनिटी पावर बढ़ जाती है | जिससे हमें रोगो से लड़ने की ताक़त मिलती है |

•  अगर किसी को गर्मी के मौसम में नाक से खून निकलने की समस्या हो जिसे नकसीर कहा जाता है तो ऐसे में गुलकंद को खाने से इस समस्या से मुक्ति मिल जाती है |

•  अगर गर्मी में किसी को हाथो व पैरों में जलन हो तो उसे गुलकंद खाना चाहिए तो ये समस्या भी दूर हो जाती है |

1. वजन कम करने में मदद (Gulkand For Weight Loss In Hindi)

गुलाब में लेसेटिवव डयरेटिव गुण पाए जाते है जो हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है |जिससे हमारे शरीर में कैलोरी की मात्रा को कम कर देता है |जिससे हमारा वजन कम हो जाता है |

2. दिमाग के लिए फायदेमंद (Gulkand For Brain In Hindi)

गुलकंद का हर रोज सुबह शान एक एक चम्मच सेवन करने से हमारा दिमाग शांत रहता है |और इसे खाने से मानशिक तनाव व चिड़चिड़ापन भी दूर हो जाता है |जिससे मानशिक थकान व तनाव भी कम इसको खाने से बच्चो की मेमोरी पावर भी बढ़ जाती है |

3. आँखों की समस्या (Gulkand For Eyes In Hindi)

गुलकंद खाने से आँखों की समस्याएं जैसे जलन भी दूर हो जाती है |इससे आँखों की रौशनी भी बढ़ जाती है |और इससे आँखों की नसे भी ठीक हो जाती है |

■  आँखों में दर्द और जलन का इलाज 10 आसान उपाय और नुस्खे

4. त्वचा के लिए (Gulkand For Skin In Hindi)

अगर किसी की त्वचा रूखी व बेजान हो गए हो तो वो गुलकंद को खाना शुरू कर दे इससे त्वचा में नमि बनी रहती है और त्वचा का रंग भी निखर जाता है |और हमारी त्वचा बेजान नहीं रहती है |

5. मुहासो को दूर करने में मदद करता है (Gulkand For Pimples In Hindi)

गुलकंद में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते है |और इससे हमारा खून भी साफ होता है | जिसे कारन हमें पिम्पल्स का समाना नहीं करना पड़ता है | इससे शरीर से आने वाली बदबू भी दूर हो जाती है |और इससे शरीर के सरे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते है |और इससे हमारी स्किन का रंग साफ़ हो जाता है |

6. मुह के छाले (Gulkand For Mouth Ulcers In Hindi)

कई बार हमारे मुह में छाले होने की वजह से जलन व दर्द होने लगता है मगर जब हम रेगुलर गुलकंद का सेवन करते है तो इन समस्याओं से बच जाते है |

सेवन करने की विधि – Gulkand Ka Sevan Kaise Kare In Hindi

देखा दोस्तों गुलकंद का सेवन करने से हम कितनी समस्याओं से बच जाते है | लेकिन हमें गुलकंद का सेवन लगातार छ महीने से ज्यादा नहीं करना चाहिए | और फिर इसे एक या दो महीने के लिए बंद कर दो फिर शुरू करे | तो इससे कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं होंगे | परतु मधुमेह रोगियों को बाजार का बना गुलकंद का सेवन नहीं करना चाहिए अगर हो सके तो इन्हे घर का बना हुवा ही गुलकंद खाना चाहिए | लेकिन आजकल बाजार में शुगर फ्री गुलकंद भी आता है |लेकिन जहा तक हो सके घर का बना हुवा ही गुलकंद का इस्तेमाल करे |

■  सत्यानाशी पीलिया, अस्थमा, कुष्ठ रोग, एक्जिमा, मोतियाबिंद, बवासीर, कब्ज आदि 25 रोगों का ऐसा सत्या नाश करेगी की पलट कर नही आएंगे
Loading...

Leave a Reply