khali pet gud khane ke fayde,

गुड़ का प्रचलन हमारे यहाँ पहले से ही रहा है. बल्कि पहले तो सभी मिष्ठानों में भी गुड़ का ही इस्तेमाल किया जाता था. लेकिन धीरे-धीरे चीनी ने अब गुड़ का स्थान ले लिया है. चीनी भले ही देखने में गुड़ से अच्छी दिखाई पड़ती है लेकिन चीनी के कई साइड इफेक्ट हैं. लेकिन इसकी अपेक्षा गुड़ आपको मिठास के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ देता है. आयुर्वेद कहता है कि यदि आप गुड़ खाएं तो इससे आपके शरीर से अनावश्यक अम्ल नष्ट होते हैं. लेकिन वहीं दूसरी तरफ यदि आप चीनी का सेवन करते हैं तो इससे अम्ल की मात्रा घटाने के बदले बढ़ जाती है और आप रोग के शिकार हो सकते हैं. गुड़ खाने से हमारे शरीर की पाचन क्रिया में सुधार आता है. गुड़ के मुक़ाबले चीनी को पचने में पांच गुना ज़्यादा ऊर्जा खर्च होती है.

गुड़ के फायदे 

1. मस्तिष्क के लिए

गुड़ के हलवे के नियमित सेवन से हमारे मस्तिष्क का स्वास्थ्य ठीक रहता है. शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने और याद्दाश्त को बनाए रखने और में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके अलावा ये जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार है.

2. आँखों के लिए

आँखों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. रोजाना गुड़ खाने से आँखों की रौशनी में वृद्धि होती है. इसलिए आँखों के कमजोरी में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. आँखों के स्वास्थ्य के लिए इसका सेवन करें.

3. त्वचा के लिए

गुड़ में हमारे में शरीर से हानिकारक तत्वों को निकालने की क्षमता होती है. त्वचा के लिए जरुरी कई आवश्यक तत्व भी इसमें पाए जाते हैं. इसलिए गुड़ के नियमित सेवन से हमारा त्वचा स्वस्थ और सुन्दर बनता है.

4. सर्दी-जुकाम के लिए

गुड़ के इस्तेमाल से आप अपने सर्दी जुकाम को भी दूर कर सकते हैं. इसकी सहायता से आप पुराना से पुराना सर्दी जुकाम भी इसकी सहायता से दूर किया जा सकता है. गुड़ खाने से गले में चिकनाई आती है और गला काफी सॉफ्ट भी हो जाता है. खांसी में बहुत ही लाभदायक होता है.

5. रक्तचाप के नियंत्रण में

गुड़ के सेवन से आप रक्तचाप को भी नियंत्रित कर सकते हैं. जो भी व्यक्ति रक्तचाप की समस्या से पीड़ित है उन्हें गुड़ का सेवन करना चाहिए. इससे उन्हें रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद मिलती है.

6. अस्थमा के उपचार में

अस्थमा के मरीज भी गुड़ खाने से लाभ प्राप्त कर सकते हैं. अस्थमा के दौरान गुड़ का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है. इसलिए गुड़ खाएं ताकि आप अस्थमा के जोखिम को भी इसके सहता से कम कर सकें.

7. हिचकी के लिए

हिचकी एक सामान्य सी परेशानी है जो कि कई बार परेशान भी करती है. लेकिन गुड़ के सेवन से आप हिचकी की परेशानी से आप निजात पा सकते हैं. इसके लिए आपको गुड़ के साथ सूखे अदरक पाउडर का भी प्रयोग करना होगा.

8. पेट की समस्याओं में

यदि आप गैस या एसिडिटी से परेशान हैं तो खाने के बाद थोड़ा गुड़ जरूर खाएं ऐसा करने से गैस या एसिडिटी की समस्या नहीं होती है. गुड़, सेंधा नमक, काला नमक मिलाकर चाटने से खट्टी डकार भी बंद हो जाती है.

9. हृदय रोग के लिए

यदि आप नियमित रूप से गुड़ का सेवन करें तो आप हृदय रोग का जोखिम कम कर सकते हैं. गुड़ खाना न सिर्फ आपको दिल की बीमारियों से बचाता है बल्कि आपको कई अन्य समस्याओं से भी दूर करता है.

10. हड्डियों के लिए

कैल्शियम के साथ फॉस्फोरस भी होता है, जो हड्डियों को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. वहीँ चीनी हड्डियों के लिए नुकसानदायक होती है क्योंकि चीनी इतने अधिक तापमान पर बनाई जाती है कि जिसके कारण गन्ने के रस में मौजूद फॉस्फोरस खत्म हो जाता है.

11. पेशाब की समस्याओं में

गुड़ में मूत्रवर्धक विशेषता होती है. ये पेशाब को उतरने और उस में हो रही कठिनाई को काम करने में मदद करता है. यह मूत्राशय की सूजन को कम करने और उचित पेशाब करने में मदद करता है. यह मूत्र प्रवाह में भी सुधार करता है.

12. माइग्रेन और सिरदर्द में

माइग्रेन और सिरदर्द में गाय के घी के साथ गुड़ का उपयोग करने से मदद मिलती है. सोने से पहले और सूर्योदय से पहले सुबह में खाली पेट 5 मिलीलीटर गाय के घी के साथ 10 ग्राम गुड़ एक दिन में दो बार लेने से माइग्रेन और सिरदर्द से आराम मिलेगा.

गुड़ खाने के संभावित नुकसान

* गुड़, स्वभावतः गर्म तासीर का होता है जिससे गर्मियों में इसका इस्तेमाल कई लोगों के नाक से रक्त स्राव का कारण बन सकता है.

* शुगर के मरीज इसका सेवन जहां तक संभव हो न ही करें तो बेहतर है.

* यदि आप ज्यादा मात्रा में लंबे समय तक गुड़ खाएं तो आपको मोटापा का भी शिकार होना पड़ सकता है.

* जिन लोगों को अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी बीमारी है उन्हें गुड़ नहीं खाना चाहिए.

* सूजन के दौरान भी गुड़ खाने से बचना चाहिए.

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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