gond ke laddoo

मौसम बदलते ही लोगों के खानपान में भी बदलाव आने लगता है। गर्मियों में ठंड़ी तो सर्दियों में लोग अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करना पसंद करते हैं जो उनके शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ शरीर की कमजोरी को भी दूर करने का काम करती है। ऐसी ही एक चीज का नाम है गोंद। गोंद प्रकृति से मिला एक अनोखा उपहार है। जिसको खाने से बहुत सारे फायदे होते हैं।

गोंद से मिलने वाले लाभ को देखते हुए गर्भवती महिलाओं से लेकर स्तनपान कराने वाली माताओं तक को गोंद से बने लड्डू खाने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं रोजाना एक गोंद का लड्डू खाने से आखिर शरीर में कौन से जादुई बदलाव देखने को मिलते हैं।

गोंद के लड्डू बनाने की रेसिपी

Gond Ke Laddu Recipe In Hindi

महिलाओं को प्रसव के बाद गोंद के लड्डू जरूर खाना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को पोषण और ऊर्जा प्रदान करते हैं। इन गोंद के लड्डुओं को बनाना कोई बहुत कठिन काम नहीं है, आप आसानी से घर में गोंद के लड्डू नीचे दी गई सामग्री और विधि के अनुसार तैयार कर सकते हैं।

गोंद के लड्डू बनाने की सामग्री

Gond Ke Laddu Banane Ki Samagri

125 ग्राम- ग्रोंद
1- कुचला हुआ जायफल
50 ग्राम- इलायची
50 ग्राम- सौंफ के बीज
50 ग्राम – एलिव बीज
50 ग्राम- खसखस
125 ग्राम- बादाम, काजू
500 ग्राम- घी
500 ग्राम- किसा हुआ गुड़
500 ग्राम- किसा हुआ सूखा नारियल
500 ग्राम- पिसा हुआ खजूर

गोंद के लड्डू बनाने की विधि

Gond Ke Laddu Banane Ki Vidhi

गोंद के लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले किसे हुए नारियल को भूनें। ऐसा तब तक करें जब तक नारियल हल्का भूरा न हो जाए।

इसके बाद कड़ाही में अन्य सभी सामग्री को हल्का भूरा होने तक भूनें। जब ये सभी चीजें भुन जाएं तो इन्हें अच्छे से मिलाकर ब्लेंडर में डाल दें और पीस लें।

ब्लेंडर को तब तक चलाएं तब तक की सभी चीजें बारीक टुकड़ों में न हो जाएं। वैसे तो ये आप पर निर्भर करता है कि आप इन सभी चीजों को कितना बारीक करना चाहते हैं। अपनी पसंद के आधार पर ही इन सभी सामग्री को बारीक या थोड़ा मोटा रखने के लिए ब्लैंडर में चलाएं ।

अब कड़ाही में घी डालकर गर्म करें।

जब कड़ाही में घी गर्म हो जाए तो इसमें गोंद डाल लें और कुछ सैकंड के लिए इसे पकने दें।

एक बार जब गोंद फूल जाए, तो इसे अलग कटोरे में निकाल लें। ध्यान रखें कि पूरी गोंद को एकसाथ कड़ाही में नहीं डालें, वरना इसका कुछ हिस्सा कच्चा रह सकता है। इसलिए आधा-आधा कर दो बार में इसे पकाएं।

जब पूरी गोंद पक जाए, तो कड़ाही में और घी गर्म होने के बाद इसमें गुड़ डाल दें।

गुड़ को पूरी तरह से पिघलने दें और इसे बीच-बीच में हिलाते रहें।

एक बार जब गुड़ में बुलबुले उठने लगें तो समझ जाएं क गुड़ की चाशनी बनकर तैयार है, अब गैस बंद कर दीजिए।
अब इस गुड़ की चाश्री को गोंद के साथ कटोरे में मिक्स कर लें। अब गुड़ की चाशनी और गोंद में सभी सामग्री का पाउडर मिलाकर लड्ड़ू के लिए मिक्सचर तैयार कर लें।

इसके बाद अपने हाथ में थोड़ा सा घी लें और हथेलियों को आपस में रगड़ें।

अब इस मिश्रण को हाथ में लेकर हाथों से गोल-गोल मीडियम साइज के लड्डू बनाकर तैयार करें।

जब लड्डू पूरे बनकर तैयार हो जाएं तो इन्हें एयरटाइट बॉक्स में लगभग एक महीने तक स्टोर करके रख सकते हैं। इससे यह लंबे समय तक फ्रेश बने रहेंगे। भूलकर भी इन्हें फ्रिज में न रखें।

नोट: आप चाहें तो गोंद के साथ मूंग दाल का आटा और सोयाबीन का आटा भी डाल सकते हैं।

गोंद के लड्डू कैसे खाएं

Gond ke laddu kaise khaye in Hindi

गोंद के लड्डू सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन अगर आपका वजन ज्यादा है तो दिन में एक लड्डू ही खाएं। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन आपका वजन बढ़ा भी सकता है और पेट खराब होने की भी संभावना रहती है।

अगर आप गोंद के लड्डुओं के साथ स्वस्थ रहना चाहते हैं तो गुनगुने दूध के साथ सुबह-शाम एक एक लड्डू का सेवन कर सकते हैं।

ध्यान रखें कि इन लड्ड्ओं को खाने के 46 मिनट बाद तक आप कुछ भी ठंडा ना खाएं। क्योंकि ये लड्डू बहुत गर्म होते हैं, अगर आपने कुछ भी ठंडा खाया तो नुकसान हो सकता है।

अगर आप गोंद के लड्डू का सेवन कर रहे हैं तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, ताकि कब्ज या आंतों में होने वाली समस्या से बचा जा सके।

जिन महिलाओं का वजन कम है, उन्हें दूध के साथ गोंद के लड्डुओं का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे वजन बढ़ेगा।

अगर आप ये लड्डू नियमित रूप से खा रहे हैं तो इस दौरान खट्टी चीजों से परहेज करें, वरना ये असर नहीं करेंगे।

प्रसव के बाद गोंद के लड्डू गर्म दूध के साथ महिलाओं को जरूर खिलाने चाहिए। लेकिन जिन महिलाओं की सी-सेक्शन डिलीवरी हुई है, उन्हें सर्जरी के टांके ठीक हो जाने के बाद ही ये लड्डू दें। ऐसा इसलिए क्योंकि इनकी तासीर गर्म होती है, जिससे टांके प्रभावित हो सकते हैं।

गोंद के लड्डू के फायदे शरीर में गर्माहट बनाए रखे

यदि बच्चे का जन्म सर्दियों के समय हुआ है तो खुद को और बच्चे के शरीर में गर्माहट बनाए रखने के लिए गोंद के लड्डू बहुत फायदेमंद हैं। गोंद के लड्डू खाने से एक्स्ट्रा कैलोरी मिलती है, जो इस वक्त एक मां को चाहिए होती है।

गोंद के लड्डू दिल के लिए फायदेमंद

गोंद के लड्डू दिल के लिए बहुत अच्छे होते हैं। दिल की धड़कन को नियमित रखने के लिए गोंद के लड्डू खाना बेहद फायदेमंद होता है। गोंद का सेवन करने से ह्दय रोग का खतरा भी कम हो जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करती हैं।

प्रोटीन की जरूरत पूरी करे गोंद के लड्डू

प्रसव के बाद बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिलाओं में प्रोटीन की आवश्यकता बहुत बढ़ जाती है। गोंद के लड्डू में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, इसलिए प्रसव के बाद महिलाओं को खासतौर से गोंद के लड्डू का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

फिजिकल स्ट्रेंथ बढ़ाए गोंद के लड्डू 

एक लंबी गर्भावस्था और तनावपूर्ण प्रसव के बाद एक महिला का शरीर बेहद खराब और कमजोर हो जाता है। ऐसे में फिजिकिल स्ट्रेंथ को बढ़ाने के लिए गोंद के लड्डू का सेवन बहुत अच्छा माना जाता है। गोंद के लड्डू में उपयोग होने वाले घटक में एडॉप्टोजेनिक गुण होते हैं, जो शरीर को एक बार फिर रिकवर करने में मदद करते हैं।

गोंद के लड्डू के लाभ बढ़ाए इम्यूनिटी 

प्रसव के बाद एक मां की प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम हो जाती है, जिसके कारण उन्हें कफ, कोल्ड , डायरिया, खांसी, सर्दी और बुखार आ जाता है। ऐसे में गोंद के लड्डू इम्यूनिटी बढ़ाने में उनकी मदद करते हैं और ऐसी स्थितियों का प्रभावी तरीके से इलाज भी करते हैं।

ब्लीडिंग का रामबाण इलाज गोंद के लड्डू

बच्चे के जन्म के बाद जब फिर से मासिक धर्म शुरू होता है तो प्रारंभिक चरणों में ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है। साथ ही मैन्स्ट्रूयल क्रैंप्स भी हो सकता है। बच्चे की देखभाल करते समय इस स्थिति से जूझना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में गोंद के लड्डू बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। गोंद के लड्डू रक्त प्रवाह को ठीक करने में मदद करते हैं, जिसके बाद महिलाओं में ब्लीडिंग कुछ कम हो जाती है और मैन्स्ट्रूयल क्रैंप्स की संभावना भी नहीं बनती।

खूबसूरती का घरेलू उपाय गोंद के लड्डू 

प्रसव के बाद त्वचा अपनी चमक और कोमलता खो देती है, ऐसे में गोंद के लड्डू में मौजूद घटक त्वचा की नमी को बरकरार रखने में मदद करते हैं। जिसके बाद चेहरे की चमक वापस लौट आती है। कहा जाता है कि सुबह 5 बजे उठकर एक लड्डू खाने के बाद अगर सो लिया जाए तो ज्यादा फायदा नजर आता है।

यूरीन इंफेक्शन में असरदार गोंद के लड्डू 

बच्चे के जन्म के बाद महिलाएं यूरीन इंफेक्शन और पेशाब से जुड़ी कई समस्याओं से पीड़ित हो जाती हैं। पेशाब की असंयमता के इलाज के लिए एक तरीके के रूप में आयुर्वेदिक में गोंद का व्यापक रूप से उपयोग किया गया है। गोंद के लड्डू खाने से यूरीन से संबंधित इंफेक्शन और बीमारी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

कब्ज का घरेलू उपचार गोंद के लड्डू 

कब्ज एक ऐसी समस्या है जो शायद ही किसी गर्भवती महिला को गर्भावस्था तक सीमित रहती हो। ज्यादातर महिलाओं को प्रसव के बाद भी कब्ज की शिकायत रहती है। ऐसे में गोंद के लड्डू का सेवन बहुत अच्छा माना जाता है। दरअसल, गोंद के लड्डू में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो पाचन तंत्र को सही करने में मदद करते हैं। इसलिए गर्भावस्था के बाद महिला को गोंद के लड्डू खिलाएं जाते हैं।

बवासीर में फायदेमंद गोंद के लड्डू

बवासीर और तनाव में फायदेमंद गोंद के लड्डू- बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर किसी को अवसाद, तनाव या फिर बवासीर है तो गोंद के लड्डू खाना सबसे बेहतर घरेलु उपचार है। साथ ही जिन लोगों में विटामिन डी की कमी रहती है, वे लोग भी गोंद के लड्डू का सेवन कर सकते हैं।

मिल्क प्रोडक्शन बढ़ाने का रामबाण इलाज गोंद

प्रसव के बाद महिलाओं को गोंद के लड्डू खिलाने का एक और मुख्य कारण है उनके स्तन का दूध बढ़ाना। प्रसव के तुरंत बाद कई महिलाओं के स्तन में दूध नहीं बन पाता, इसलिए गोंद के लड्डू का सेवन कराना जरूरी हो जाता है।

गोंद के लड्डू करें रीढ़ की हड्डी मजबूत 

गर्भवती महिलाओं के लिए गोंद बहुत अच्छा और असरदार माना जाता है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में बहुत मददगार साबित होता है।

फेफड़ों का प्राकृतिक उपचार गोंद के लड्डू 

इतना ही नहीं गोंद फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को बहुत फायदा पहुंचाती है। कमजोरी और थकान को दूर करने में भी गोंद अच्छी है।

गोंद के लड्डू खाने के फायदे ताकत दे 

सर्दियों के दिनों में सुबह नाश्ते में एक या दो गोंद के लड्डू खाने से बहुत ताकत मिलती है। इन लड्ड्ओं को खाकर शरीर को सर्दी से राहत मिलती है और दिनभर गर्माहट बनी रहती है।

मानसिक विकास के लिए अच्छे गोंद के लड्डू

बच्चों के तेज दिमाग के लिए गोंद के लड्डू- देसी घी, गेहूं का आटा, अजवाइन, काली मिर्च , हल्दी, सौंफ व बूरे से तैयार गोंद के लड्डू दिमाग को तेज करने में बहुत फायदेमंद हैं।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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