काली हरड़ यानि की छोटी  हरड़ को पानी से धोकर किसी साफ कपड़े से पौंछ कर रख लें।

दोनो समय भोजन के पश्चात एक हरड़ या दो हरड़ को मुहँ में रखकर चूस लिया करें।

लगभग एक घंटे में हरड़ में घुल जाती है।

यह गैस और कब्ज के लिये सर्वश्रेष्ठ दवा है ।

यह पेट के समस्त रोगों में लाभदायक है।

पेट ठीक तो 80% बीमारियां हमे होती ही नही।

हरड़ खत्म हो जाने के बाद अगर आपने हलका सा बिना मसाले वाला गुड़ चूस लिया तो सोने पर सुहागा हो जायेगा।

विशेष

इससे गैस की शिकायत दूर होती है शौच खुलकर आती है भूख खूब लगने लगती है।

पाचन शक्ति बढती है। जिगर के रोग और आँतड़ियों की वायु नष्ट होती है रक्त शुद्ध होता है ।

चर्म रोग नहीं होता है।

सिरगेट- बीड़ी का अभ्यास छूट जाता है ।

यह प्रयोग लगातार करने से शरीर को बीमार होने की नोबत ही नही आती है।

 
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