dry fruits

सूखा मेवा | Dry Fruits | ड्राईफ्रूट्स

सेहत के जानकारों के मुताबिक मेवों को सूखा नहीं भिगोकर खाना चाहिए । भीगे मेवे आपकी सेहत के लिए ठीक होते हैं । जी हां तभी तो हमारी दादी – नानी हमें बादाम भिगोकर खाने की सलाह देती आई हैं । मेवे भिगोकर खाने से बस उनकी तासीर सामान्‍य हो जाती है, हैल्‍थ बेनिफिट्स वैसे ही रहते हैं । हालांकि मेवों को कितनी देर भिगोना चाहिए ये भी आपके लिए जानना जरूरी है । हर ड्राईफ्रूट को भिगोने का अलग-अलग समय होता है ।

ड्राईफ्रूट्स खाने का तरीका

बादाम 

ये मेवा सभी खाना पसंद करते हैं, इसलिए भी क्‍योंकि बादाम खाने से दिमाग तेज जो होता है । बादाम को भिगोकर खाने की सलाह सभी देते हैं लेकिन इसे कितनी देर भिगाना चाहिए, हम आपको बताते हैं बादाम को कम से कम 12 घंटे के लिए भिगाना चाहिए । इतना भीगने के बाद बादाम का छिलका उतर जाता है, और अब आप इन्‍हें चाव से खाइए ।

अखरोट 

आजतक आप अखरोट यानी वॉलनट्स को ऐसे ही खाते आए होंगे, लेकिन तासीर में बेहद गर्म अखरोट को भिगोकर खाने का अलग ही फायदा है । इस ड्राईफ्रूट को आप 8 घंटे तक भिगोकर रखें और फिर इसे खाएं । स्‍वाद के साथ सेहत के फायदे भी बढ़ जाते हैं अखरोट को भिगोकर खाने से । गर्भवती महिलाओं के लिाए अखरोट खाना फायदेमंद होता है । इससे बच्‍चों का दिमाग तेज होता है ।

काजू 

रोस्‍टेड काजू खाना किसे पसंद नहीं, लेकिन तीन या चार से ज्‍यादा काजू खाना आपके बीपी को बढ़ा देता है। काजू की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए इन्‍हें भी भिगाकर ही खाएं । करीब 6 घंटे तक भिगाए रखने के बाद आप काजू खाएं ।

कद्दू के बीज 

दिल के मरीजों को ये खाना फायदेमंद होता है । इन बीजों को आमतौर पर सूखने के बाद इस्‍तेमाल किया जाता है लेकिन आप इन्‍हे कम से कम 8 घंटे पानी में भिगोएं और फिर खाएं । फायदा होगा और ये सेहत के लिए अच्‍छा भी है।

हेजलनट्स 

वैसे तो ये भारतीय ड्राईफ्रूट नहीं है फिर भी ग्‍लोबल होती दुनिया में ये अब सुपर मार्केट में उपलब्‍ध हैं । इसमें विटामिन्‍स और मिनरल्‍स भरपूर होते हैं, इन्‍हें खाने से आप एनर्जी से भरे हुए रहते हैं, बस इन्‍हें खाने से 8 घंटे पहले भिगोकर रख दें।

भीगे बादाम के फ़ायदे

बादाम अपने असीम स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के लिए जाना जाता है। और सबसे ज्‍यादा यह याद्दाश्‍त को बढ़ने में मदद के लिए जाना जाता है। बादाम आवश्‍यक विटामिन और मिनरल जैसे विटामिन ई, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम और ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। लेकिन इन सभी पोषक तत्‍वों को अवशोषित करने के लिए, बादाम को खाने से पहले रात भर पानी में भिगोना चाहिए। ऐसा इसलिए क्‍योंकि बादाम के भूरे रंग के छिलके में टनीन होता है जो पोषक तत्‍वों के अवशोषण को रोकता है।

बादाम को पानी में भिगोने से छिलका आसानी से उतर जाता है और नट्स को पोषक तत्‍वों को रिहा करने की अनुमति देता है। भीगा हुआ बादाम पाचन में भी मदद करता है। यह लाइपेज नामक एंजाइम की विज्ञप्ति करता है जो वसा के पाचन के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा भीगे हुए बादाम आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अन्‍य कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता हैं। सर्दी के मौसम में रोजाना 5 से 7 बादाम का सेवन करना अच्छा होता है. । गर्मी के दिनों में बादाम की गिरी को रात में पानी में भिगोकर सुबह छिलका उतार कर खाना चाहिए। आज हम आपको बादाम के गुणों के बारे में बताने जा रहे हैं ।

इन 11 बीमारियों में फायदेमंद है भीगे बादाम

मेटाबॉलिज्म

बादाम के फायदे अक्सर लोगों को लगता है कि बादाम केवल दिमाग को दुरुस्त रखने में कारगर है लेकिन बादाम में मौजूद मिनरल्स, विटामिन, डायटरी फाइबर दिमाग को तरोताजा रखने के साथ-साथ शरीर की मेटाबॉलिज्म में भी मददगार होता है रोजाना बादाम का सेवन करना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।

कोलेस्ट्रॉल का लेवेल कंट्रोल

रोजाना बादाम की 5-8 गिरी खाने से कोलेस्ट्रॉल का लेवेल कंट्रोल रहता है । इसके तेल की मालिश छोटे बच्चों के लिए बहुत लाभदायक होती है ।

डायबिटीज 

खून में शूगर की मात्रा और इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में ये काफी अहम भूमिका निभाते हैं । नियमित रुप से इनका सेवन करने से डायबिटीज जैसी बीमारी को काबू में रखा जा सकता है ।

कब्ज

बादाम खाने से कब्ज की परेशानी दूर होती है । इतना ही नहीं, इसके सेवन से पाचन क्रिया मजबूत होती है ।

गर्भवती महिलाओं के लिए 

गर्भवती महिलाओं के लिए बादाम बहुत फायदेमंद होता है । इसमें फोलिक एसिड मौजूद होता है, जिससे मां के गर्भ में पल रहे बच्चे का स्वास्थ्य ठीक रहता है । इससे बच्चा स्वस्थ पैदा होता है ।

याद्दाश्त होगी मजबूत

दिमाग को दुरुस्त रखने के लिए ये काफी लाभदायक होता है । विशेषज्ञों के अनुसार इसमें ओमेगा-3 पाया जाता है। चार से पांच बादाम रोजाना खाने से याद्दाश्त मजबूत होती है ।

हाई ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित करें

बादाम ब्‍लड प्रेशर के लिए भी अच्‍छे होते हैं। जर्नल फ्री रेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पाया कि बादाम का सेवन करने से ब्‍लड में अल्‍फा टोकोफेरॉल की मात्रा बढ़ जाती है, जो किसी के भी रक्‍तचाप को बनाये रखने के लिए महत्‍वपूर्ण होता है। अध्‍ययन से यह भी पता चला कि नियमित रूप से बादाम खाने से एक व्‍यक्ति का ब्‍लड प्रेशर नीचे लाया जाता है। और यह 30 से 70 वर्ष की उम्र के बीच के पुरुषों में विशेष रूप से प्रभावी था।

इंसुलिन का लेवल बढ़ए 

रात में पानी में भिगोकर सुबह छिलका उतार कर खाना से पढ़ने वाले बच्चों के लिए तो यह बहुत ही फायदेमंद सिद्ध होता हैं। बादाम खाना खाने के बाद शुगर और इंसुलिन का लेवल बढ़ने से रोकता है। जिससे डायबिटीज से बचा जा सकता है। तो फिर किस बात की देरी है, रोज सुबह भीगे बादाम खाकर आप भी अपने शरीर को पोषण से भरपूर करें।

वजन घटाने में मददगार

बादाम वजन घटाने में भी मददगार होते हैं। इसमें मोनोअनसेचुरेटेड फैट आपकी भूख को रोकने और पूरा महसूस करने में मदद करता है। भीगा हुआ बादाम एंटीऑक्‍सीडेंट का भी अच्‍छा स्रोत हैं। यह मुक्‍त कणों के नुकसान से बचाकर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकता है। भीगे बादाम में विटामिन B17 और फोलिक एसिड कैंसर से लड़ने और जन्‍म दोष को दूर करने के लिए महत्‍वपूर्ण होता हैं।

‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल के स्तर नियं‍त्रण 

उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या आज भारत में सबसे आम बीमारियों में से एक होती जा रही है। उच्च कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग और दिल की धमनियों में रुकावट सहित कई प्रकार के रोगों का एक कारक है। इस समस्‍या के लिए बादाम आपकी मदद कर सकता है। बादाम शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाने में ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में बहुत मददगार होता है।

दिल को स्वस्थ रखें

जर्नल ऑफ न्‍यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्‍ययन के अनुसार, बादाम एक बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट एजेंट हैं, जो एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल के ऑक्‍सीकरण को रोकने में मदद करता है। बादाम के ये गुण दिल को स्‍वस्‍थ रखने और पूरे हृदय प्रणाली को नुकसान और ऑक्सीडेटिव स्‍ट्रेस से बचाने में मदद करता है। अगर आप दिल की बीमारी के किसी भी रूप से पीड़ि‍त हैं तो स्‍वस्‍थ रहने के लिए अपने आहार में भीगे हुए बादाम को शामिल करें।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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