दस्त रोकने के उपाय इन हिंदी

दस्त (लूज मोशन) पेट से संबंधित रोग है जिसे डायरिया भी कहते है जो पाचन तंत्र बिगड़ने के कारण हो सकती है। बड़े और बच्चे, दस्त और पेट में मरोड़ की समस्या से कोई भी प्रभावित हो सकता है। बदहज़मी और खाने पीने की गलत आदतें दस्त के प्रमुख कारण है। इसके इलावा जादा गर्मी और सर्दी लगने से भी पतले दस्त हो सकते है। छोटे बच्चों और नवजात शिशु के दस्त अगर जल्दी ठीक ना हो तो तुरंत डॉक्टर से मिले और जाँच करवा के ट्रीटमेंट शुरू करे, बिना जानकारी के बच्चों को दस्त रोकने की दवा ना दे।

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आज इस लेख में हम जानेंगे घरेलू उपाय और देसी नुस्खे अपना कर पतले दस्त का इलाज कैसे करे, natural ayurvedic home remedies tips for loose motion treatment in hindi.

लंबे समय तक पतले दस्त रहने पर शरीर में पानी की कमी होने लगती है जिससे बॉडी में डिहाइड्रेशन होने लगती है। इस समस्या से बचने के लिए जरुरी है की प्रयाप्त मात्रा में पानी पीते रहे। इसके इलावा नींबू पानी और ओआरएस का घोल पिने से भी डायरिया में राहत मिलती है। शरीर में पानी की कमी पूरा करने और दस्त से छुटकारा पाने के लिए ये जानना भी जरुरी है की दस्त लगने पर क्या करे और क्या खाये।

पेट में मरोड़ उठना

पेट में मरोड़ उठने के बहुत से कारण हो सकते है जैसे खराब खाना, फ़ूड पॉयजनिंग, दस्त लगना, बिना पक्का हुआ कच्चा खाना खाने से। इन बातों का ख्याल रख कर पेट में मरोड़ का इलाज कर सकते है।

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दस्त रोकने के उपाय और घरेलू नुस्खे

Loose Motion Treatment in Hindi

1. पांच ग्राम जीरा और पांच ग्राम सौंफ लेकर बारीक पीस ले और इसका चूर्ण बना ले। 1 गिलास पानी के साथ 1 चम्मच चूर्ण ले। इस घरेलू नुस्खे से लूज मोशन से जल्दी निजात मिलती है।

2. एक नींबू एक गिलास गाय के ताज़ा दूध में निचोड़े और तुरंत पी जाए। इस उपचार से भी लूज मोशन में आराम मिलता है।

3. दस्त का उपचार करने के लिए कच्चे केले का उपयोग भी कर सकते है। बिना छिले हुए तीन से चार कच्चे केले उबाल ले। अब एक चम्मच घी किसी बर्तन में डाले और गरम करे और इसमें उबले हुए केले छील कर डाले और साथ ही तीन से चार लौंग भी डाले। इसके बाद एक और बर्तन ले और इसमें 1/2 चम्मच धनिया, 1 कटोरी दही और थोड़ा सेंधा नमक डाले और अच्छे से मिला ले। अब केलों को इस दही में डाल दे और थोड़ा पानी मिलाकर धीमी आंच पर कुछ देर तक इसे पकाए और ठंडा होने के बाद इस मिश्रण का सेवन करे। दस्त रोकने के लिए ये घरेलू दवा काफी फायदेमंद है।

4. दस्त हो या कब्ज़, ईसबगोल से दोनों बिमारियों के इलाज में मदद मिलती है। दस्त लगने पर ईसबगोल दही में डाल कर खाने से जल्दी राहत मिलती है।

5. चार छोटी इलायची चार कप पानी में डाल कर पकाए। पानी जब तीन कप रह जाए तब इसे ठंडा होने के लिए रख दे। दिन में हर चार घंटे के बाद एक कप पानी पिए। छोटी इलायची लूज मोशन का इलाज करने में काफी फायदेमंद है।

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6. संतरे के छिलके सूखा ले और पीस कर इनका चूर्ण बना ले। इसी प्रकार अब मुनक्का के सूखे बीज पीस कर चूर्ण बना ले। अब इन दोनों को एक समान मात्रा में ले और पानी में घोल कर इसका सेवन करे। मुनक्का के बीज और संतरे के इस देसी नुस्खे से दस्त ठीक होने लगेगा।

7. दस्त में क्या खाना चाहिए, बड़े या बच्चे किसी को भी डायरिया हुआ हो दही चावल खाना चाहिए। दहीं चावल से दस्त में राहत मिलती है। मिश्री के साथ भी दही चावल खा सकते है।

8. जादा गर्मी लगने से भी कई बार दस्त लग जाते है, ऐसी स्थिति में सात से आठ सिंघाड़े खाये और एक गिलास लस्सी पिए। इस होम रेमेडी को करने पर शरीर से गर्मी निकलेगी और पतले दस्त जल्दी शांत हो जाएँगे।

9. दस्त लगने पर कुछ लोगों को खून आने की शिकायत भी होती है। खूनी दस्त में गाय के दूध से बना हुआ मक्खन खाने से आराम मिलता है। खूनी दस्त लगने पर दस से पंद्रह ग्राम मक्खन खाये और 1 गिलास लस्सी पिए।

10. दस्त रोकने के लिए जामुन के पेड़ के पत्ते सूखा कर बारीक पीस ले और इसमें 1/4 चम्मच सेंधा नमक मिलाकर इसे दिन में दो बार खाए।

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दस्त और मरोड़ का रामबाण इलाज

दस्त लगने पर पांच ग्राम जीरा ले और इसे भून कर पीस ले और दही या दही से बनी हुई लस्सी के साथ इसका सेवन करने पर कुछ ही देर में आराम मिल जाता है और अगर दस्त के साथ पेट में मरोड़ भी उठ रही हो तो जीरे के बराबर मात्रा में सौंफ भून कर दोनों को पीस ले और इसका एक चम्मच दिन में दो से तीन बार ले। पेट में उठने वाली मरोड़ और दस्त से तुरंत आराम पाने का ये रामबाण उपाय है।

काली मिर्च के साथ एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच अदरक का रस लेने से भी लूज मोशन में राहत मिलती है। अदरक का छोटा टुकड़ा मुँह में रख कर कुछ देर चूसे, इस उपाय से दस्त में आराम मिलता है और पेट की मरोड़ शांत होती है। अदरक की चाय भी दस्त रोकने में मददगार है।

बच्चों के दस्त के घरेलू उपाय

◘  जब पहली बार बच्चे के दाँत निकलते है तब दस्त और बुखार की समस्या हो जाती है। ऐसे में बच्चे के खाने पीने का ख्याल रखना ज़रूरी है। बच्चे को दस्त होने पर हल्का खाना खिलाए।

◘  कई बार जादा गर्मी लगने या फिर शरीर में नमक की कमी होने से बच्चों को डायरिया हो जाता है। ऐसी स्थिति में पानी में थोड़ा नमक घोल कर बच्चे को पिलाए।

◘  दूषित खाने से भी बच्चे को दस्त लग जाते है, इसलिए बच्चे को साफ़ सुथरा फुड ही खिलाए।

इस लेख में बताये गए उपाय आपकी जानकारी के लिए है इन्हें करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिलकर इन्हें करने का सही तरीका विस्तार में जाने और अगर घरेलु ट्रीटमेंट के बाद भी लूस मोशन बंद ना हो तो डॉक्टर से मिल कर जाँच करवाये।

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दोस्तों दस्त रोकने के उपाय, Loose Motion Treatment in Hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास पेट में मरोड़ का उपचार की देसी दवा या दस्त का इलाज के घरेलू नुस्खे से जुड़े कोई अनुभव या सुझाव है तो हमारे साथ साँझा करे।

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