sugar

शक़्कर के नुकसान sugar harms कितने हो सकते हैं इसका अंदाजा आम तौर पर सबको नहीं होता। क्या हमारे लिए शक्कर जरुरी है ? क्या शक्कर नुकसानदायक होती है ? क्या मीठा एक व्यसन भी बन सकता है ?

शुगर से क्या नुकसान होते हैं , किसमें कितनी शक्कर होती है और हम कितनी शुगर रोजाना ले सकते हैं इन सबकी जानकारी होनी जरुरी है क्योंकि आजकल डायबिटीज , मोटापा , कोलेस्ट्रॉल बढ़ना आदि परेशानियां कम उम्र में होना सामान्य सी बात हो गई है।

बहुत हद तक चीनी का अधिक उपभोग भी इसका एक कारण है जिसका पता नहीं चलता और अनजाने में ही हम अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर बैठते हैं। आइये जानें चीनी के नुकसान और वो कौन सी चीजें है जिनमें अधिक चीनी होती है। इसके अलावा क्या शरीर को शक्कर की जरुरत होती है यदि हाँ तो कितनी ?

शक्कर की जरूरत – Need of sugar

भोजन के रूप में खाये जाने वाले सामान जैसे फल -सब्जी , रोटी या दूध और दूध से बने आहार आदि में अन्य तत्वों के अलावा कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं जिनसे हमे ऊर्जा मिलती है। इनसे शरीर ग्लूकोज बनाता है। ग्लूकोज एक प्रकार की शक्कर है जो तुरंत या बाद में ऊर्जा देने के कामआती है।

यह ग्लूकोज़ यानि शक्कर रक्त में पहुँच जाती है। इसमें से कुछ शुगर लीवर अपने पास ग्लाइकोजेन के रूप में जमा करके रखता है ताकि बाद में जरुरत के समय शरीर के काम आ सके।

चलने , दौड़ने , सामान उठाने , तैरने या किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि के लिए जब भी ताकत की जरुरत होती है तो कोशिकाएँ रक्त से ग्लूकोज़ यानि शक्कर लेकर ऊर्जा प्राप्त करती हैं। इस प्रकार की शक्कर शरीर के लिए जरुरी होती है।

रक्त में मौजूद यह शुगर काम आती रहती है और रक्त में शक्कर की मात्रा नियंत्रित बनी रहती है। इस तरह से ग्लूकोज के रूप में ली जाने वाली शक्कर की कम मात्रा नुकसानदेह नहीं होती है।

बाजार में मिलने वाले खाने पीने में कुछ सामान में अत्यधिक चीनी मिलाई जाती है। मिठाईयों में तो अत्यधिक चीनी होती ही है। सुबह रोजाना पी जाने वाली चाय कॉफी में शक्कर होती है। आजकल कोल्ड ड्रिंक्स , फ़ास्ट फ़ूड , केक , कुकीज़ , पेस्ट्री , कचौरी , समोसा , सॉस आदि का उपयोग बहुत किया जाता है।

ये सभी ऐसी चीजें हैं जिनसे रक्त में शक्कर की मात्रा में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है। कुल मिलाकर इतनी शुगर शरीर में चली जाती है कि रक्त में इसकी मात्रा खतरनाक स्तर तक बढ़ जाती है , जो नुकसान देह होता है।

आइये जानते है रक्त में शक्कर ज्यादा बढ़ने से क्या नुकसान होता है।

ज्यादा शक्कर के नुकसान

Excess sugar side effects

ज्यादा शक्कर से सिर्फ वजन नहीं बढ़ता , यह अन्य कई प्रकार की परेशानियों का कारण बन सकती है। चीनी में सिर्फ कैलोरी होती है उसमे प्रोटीन , विटामिन या खनिज आदि पोषक तत्व नहीं होते। ज्यादा चीनी के उपयोग से पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

शक्कर दो तरह की होती है ग्लूकोज़ और फ्रुक्टोस। चीनी फ्रुक्टोस का रूप होती है। यह ग्लूकोज की अपेक्षा अधिक नुकसान देह होती है। ग्लूकोज़ कोशिका के लिए जरुरी होता है जबकि फ्रुक्टोस नहीं। फ्रुक्टोस के रूप में ली जाने वाली अधिक चीनी के नुकसान इस प्रकार हैं –

— लीवर अधिक फ्रुक्टोस को फैट में बदलता है जिससे उस पर अनावश्यक कार्यभार बढ़ता है। कम मात्रा में शक्कर हो तो लीवर उसे ग्लाइकोजेन में बदलकर खुद के पास जमा कर लेता है ताकि जरुरत पड़ने पर काम आ सके।

लेकिन यदि लीवर में यह पहले से ही पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो तो लीवर अधिक फ्रुक्टोस को फैट में बदल देता है जिसकी कुछ मात्रा तो LDL नामक हानिकारक फैट के रूप में रक्त में चली जाती है जो हृदय रोग का कारण बन सकती है और कुछ मात्रा लिवर पर ही इकट्ठी हो जाती है जो फैटी लिवर ( NAFLD ) नामक बीमारी का कारण बनती है।

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दोनों ही स्थिति नुकसानदेह होती है। लिवर के अन्य महत्वपूर्ण कार्य जानने के लिए यहाँ क्लिक करें .

— अधिक चीनी लेने से इन्सुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है जिसके कारण मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।इन्सुलिन बहुत महत्वपूर्ण हार्मोन है। इसकी उपस्थिति में ही कोशिका ग्लूकोज का उपयोग कर पाती हैं। रक्त में ज्यादा शक्कर होने से कोशिका में इन्सुलिन का प्रतिरोध शुरू हो जाता है।

इसके कारण पैंक्रियास अधिक मात्रा में इन्सुलिन बनाने लगती है। लगातार ऐसा होने से पैंक्रियास का पूर्ण क्षमता से इन्सुलिन बनाना भी कम पड़ जाता है और एक दिन शुगर इतनी ज्यादा बढ़ जाती है हॉस्पिटल की शरण लेनी पड़ती है। डायबिटीज के बारे में अन्य जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

— ग्लूकोज जैसी संतुष्टि फ्रुक्टोस यानि चीनी से नहीं मिलती है। विभिन्न प्रकार की शक्कर का शरीर , दिमाग और हार्मोन पर अलग प्रभाव पड़ता है। नशीली चीजों की तरह चीनी दिमाग में डोपामाइन नामक हार्मोन का स्राव हानिकारक स्तर तक बढ़ा सकती है।

इसी वजह से चीनी की आदत हो जाती है यानि इसकी लत पड़ जाती है जो व्यसन का रूप ही होता है। इसी प्रकार से फ़ास्ट फ़ूड की भी लत पड़ सकती है।

— अधिक शक़्कर वाले खाद्य पदार्थ रक्त में यूरिक एसिड बढ़ाते हैं जिसके कारण गठिया और ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है।

— भूख बढ़ाने वाले घ्रेलिन नामक हार्मोन को ग्लूकोस के जितना फ्रुक्टोज़ यानि चीनी कम नहीं कर पाती । इससे इसका उपयोग बढ़ता चला जाता है। चीनी की अधिक मात्रा लेने से शरीर का वजन और भूख नियंत्रित करने वाला सिस्टम ख़राब हो सकता है जो वजन बढ़ने का कारण बनता है। वजन कम करने के आसान घरेलु तरीके जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

— कैंसर जैसी गंभीर बीमारी कोशिका की अनियंत्रित वृद्धि का परिणाम होता है। इस वृद्धि के नियंत्रण में इन्सुलिन की अहम् भूमिका होती है। वैज्ञानिकों का मानना है की अधिक चीनी के उपयोग से इन्सुलिन पर बुरा असर पड़ता है जो कैंसर का कारण बन सकता है।

इसके अतिरिक्त अधिक चीनी से शरीर में सूजन आती है जो कैंसर का एक बड़ा कारण होता है। जो लोग अधिक चीनी लेते है उन्हें कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। यह कई प्रकार के रिसर्च में साबित हो चुका है।

शक्कर कितनी मात्रा में लें

How much sugar can be consumed

विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के अनुसार भोजन से ली गई ऊर्जा में शक्कर 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। दूध , फल और सब्जी में मौजूद शक्कर से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता। अतिरिक्त शुगर नुकसान देह होती है। बच्चों और युवा लोगों को कुल ऊर्जा का 10 प्रतिशत से कम शक्कर लेनी चाहिये।

चीनी की दिन भर में ली जाने वाली कुल मात्रा इससे अधिक नहीं होनी चाहिए –

पुरुष : 37 .5 ग्राम या 9 छोटे चम्मच

महिला : 25 ग्राम या 6 छोटे चम्मच

यदि आप शारीरिक रूप से अधिक क्रियाशील हैं तो चीनी की अधिक मात्रा सहन करने की क्षमता ज्यादा हो सकती है लेकिन यदि शारीरिक गतिविधि कम है तो अधिक मात्रा खतरनाक हो सकती है।

किसमें कितनी शक्कर होती है

How much sugar in these

आप दिन भर में कितनी शक्कर ले लेते हैं इसका अंदाज ही नहीं लग पाता और शुगर की अधिक मात्रा शरीर में चली जाती है। फल सब्जी और अनाज की शक्कर से उतना नुकसान नहीं है जितना चीनी के उपभोग से होता है। अतः नीचे दी गई चीजों में शक्कर की मात्रा का अंदाजा लगाकर ही इनका उपयोग करना ठीक रहता है।

— कोल्ड ड्रिंक की एक बोतल में लगभग 40 ग्राम यानि दस चम्मच चीनी हो सकती है।

— टोमेटो केचप के एक चम्मच में एक चम्मच यानि लगभग 4 ग्राम चीनी हो सकती है।

— डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ में चीनी मिली हो सकती है। बाजार से खरीदे जाने वाले खाने पीने के पैकेट पर शक्कर की मात्रा लिखी होती है। इसे अवश्य चेक कर लें। यदि उनमे 5 ग्राम प्रति 100 ग्राम तक ठीक है लेकिन 20 ग्राम प्रति 100 ग्राम जितनी है तो इसे अधिक जानें।

— पैकेट पर शक्कर कई प्रकार के नाम से लिखी होती है जिसे पढ़कर जाना जा सकता है की उसमे कितनी शक्कर है। ये सभी नाम शक्कर के ही होते हैं – शुगर , सुक्रोस , HFCS , फ्रुक्टोस , ग्लूकोज , डेक्सट्रॉस , केन शुगर , रॉ शुगर , कॉर्न सिरप , कोकोनट शुगर आदि।

— जूस चाहे पैकिंग वाला हो या बाजार में निकलवा कर पिया गया, सभी में बहुतायत में शुगर होती है।

— मिठाई , कैंडी और टॉफी आदि में शक्कर अधिक होती है।

— कुकीज़ , केक आदि में शक्कर ज्यादा होती है।

— एक गिलास ऑरेंज जूस में लगभग 5 चम्मच तक शक्कर हो सकती है।

— एक गिलास अंगूर के रस में लगभग 10 चम्मच शक्कर हो सकती है।

— एक गिलास सेब के जूस में लगभग 7 चम्मच शक्कर हो सकती है।

— एक चपाती में लगभग आधा चम्मच शक्कर हो सकती है।

— एक गिलास दूध में प्राकृतिक रूप से लगभग 2 .5 चम्मच शक्कर पाई जाती है ,जो लेक्टोस के रूप में होती है। माँ के दूध में लगभग 7 % लेक्टोस , गाय के दूध में लगभग 5 % तथा बकरी के दूध में लगभग 4 % लेक्टोस होता है। बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड मिल्क में लगभग दो से तीन चम्मच चीनी अलग से मिलाई गई हो सकती है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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