milk benefits

कौन सा दूध है बेहतर, गाय का या भैंस का

वैसे तो बहुत सारे ऐसे पशु हैं, जिनका दूध लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन, सबसे लोकप्रिय पशु गाय और भैंस ही मानी जाती हैं। गाय का दूध रिचनेस और संघटन के मामले में भैंस के दूध से अलग होता है। भैंस के दूध में कॉलेस्ट्रॉल कम होता है लेकिन कैलरी और फैट अधिक होती है। भैंस का दूध दक्षिणी एशिया में इस्तेमाल किया जाता है। भारत, चीन और पाकिस्तान इसके सबसे बड़े उत्पादक देश माने जाते हैं। आपके लिए भैंस का दूध ज्यादा बेहतर है या गाय का, इस ये बात पर निर्भर करता है कि आपके शरीर की आवश्यकताएं क्या हैं। आइये जानते हैं कि भैंस और गाय के दूध की अपनी अपनी क्या विशेषताएं हैं।

फैट

गाय और भैस के दूध में सबसे पहला और बड़ा अंतर उनमें मौजूद फैट की मात्रा का होता है। भैंस के दूध में गाय के दूध से 100 प्रतिशत से ज्यादा अधिक फैट होता है। इसलिए, गाय का दूध हल्का माना जाता है और भैस का दूध भारी। जिन खाद्य पदार्थों में ज्यादा फैट होता है उनको पचाना भी मुश्किल होता है। इसलिए ही, नवजात बच्चों और बुज़ुर्गों को भैंस के दूध की जगह, गाय का दूध पीने की सलाह दी जाती है।

प्रोटीन

भैंस के दूध में गाय के दूध से लगभग 11 प्रतिशत अधिक प्रोटीन होता है। भैंस के दूध का प्रोटीन ज्यादा ताप प्रतिरोधी होता है। फैट की ही तरह, प्रोटीन भी नवजात बच्चे और बुजुर्ग पचाने में दिक्कत महसूस करते हैं। इसलिए इस मामले में भी उनको गाय का दूध चुनना चाहिए। हां, जिसे प्रोटीन की अधिक आवश्यकता है, वो भैंस का दूध पी सकते हैं।

कॉलेस्ट्रॉल

भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में कम कॉलेस्ट्रॉल होता है। इसलिए डायबिटीज़, हाईपरटेंशन, किंडनी संबंधी बिमारियों, मोटापे आदि से ग्रस्त लोगों को भैंस का दूध पीने की सलाह दी जाती है।

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कैलोरी

जाहिर है, जब भैंस के दूध में फैट और प्रोटीन ज्यादा होता है तो उसमें कैलोरी भी ज्यादा ही होगी। 100 मिली गाय के दूध में 70 कैलोरी होती हैं, जबकि 100 मिली भैंस के दूध में 1-00 कैलोरी होती हैं। इसलिए वो लोग जिन्हें कम से कम कैलोरी की सलाह दी गई हो, उन्हें गाय के दूध का सेवन करना चाहिए।

मिनरल्स

महत्वपूर्ण मिनरल्स के मामले में भैंस का दूध गाय के दूध को पीछे छोड़ देता है। भैंस के दूध में गाय के दूध से 91 प्रतिशत अधिक कैल्सियम, 37.7 प्रतिशत अधिक आयरन और 118 प्रतिशत अधिक फास्फोरस होता है। भैंस के दूध में मैग्नीशियम और पोटाशियम भी गाय के दूध से अधिक पाया जाता है।

फायदे

भैंस का दूध मजबूत हड्डियों, स्वस्थ दांतों, हृदय संबंधी समस्याओं और वजन बढ़ाना के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं गाय का दूध भी हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। ये बच्चों में वजन घटाने, थायराइड की समस्या से निपटने और हृदय स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा स्रोत है।

उपयोग

भैंस के दूध से गाढ़े और क्रीमी उत्पाद बनते हैं. जैसे कि दही और कॉटेज चीज़ (जिसे दक्षिण एशिया में पनीर कहा जाता है)। इसके साथ ही भैंस का दूध खोया और घी बनाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, इसे लंबे वक्त तक संरक्षित करके भी रखा जा सकता है। गाय के दूध से भी डेयरी उत्पाद ही बनते हैं, जैसे कि दही, स्वीट्स, चीज़ लेकिन, ये कम क्रीमी होते हैं। गाय के दूध को कम वक्त के लिए ही सुरक्षित रखा जा सकता है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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