बवासीर का इलाज | Bawaseer Ka Ilaj In Hindi

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piles

आज के दौर में अनियमित खानपान Irregular eating के साथ ही टेंशन Tension के चलते कई तरह के रोगों ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेकर मरीज patient बना दिया है। ऐसे में जहां चंद उपायों Few measures से हम ये बीमारियों तकरीबन ठीक Cure diseases कर सकते हैं, वहीं जानकारी के अभाव में इन उपायों को नहीं आजमाने के चलते हम लंबे समय तक रोगियों का जीवन जीने को मजबूर होते रहते हैं।

ऐसी ही एक बीमारी जो आज के दौर में तेजी से फैल रही है, वह है बवासीर यानि पाइल्स piles… जिसके लिए हम एलोपैथी Allopathy से इलाज की पूरी कोशिश तो करते हैं। लेकिन ये बीमारी है कि पूरी तरह से ठीक होने का अधिकतर नाम ही नहीं लेती।

खुद डॉक्टर्स के अनुसार पाइल्स को आॅपरेट piles treatment करने के बाद कई बार यह पुन: आ जाते हैं। वहीं यदि इन्हें स्टेपल भी कर दिया जाए तो भी ये परेशानी का कई बार कारण बने ही रहते हैं।

जानकारों के अनुसार बवासीर (Hemorrhoids) मुख्य रूप से 2 प्रकार की होती है अंदरुनी और बाहरी। इसमें अंदर की पाइल्स में मस्से दिखाई नहीं देते पर बाहरी में मस्से गुदा से बाहर की और निकले होते हैं।

इस रोग में मल त्यागते वक़्त जब खून निकलता है तो उसे खूनी बवासीर कहते है। ये खून इतना अधिक होता है की रोगी इसे देख कर घबरा जाता है।

बाहरी बवासीर होने पर मस्से सूज कर मोटे हो जाते हैं, जिससे इसमें दर्द, जलन और खुजली भी होने लगती है।

बवासीर Bawaseer (अर्श) के मस्सों से परेशान व्यक्ति न तो ठीक से कुछ खा पी सकता है और न ही ठीक से बैठ पाता है। बाहरी मस्सों का इलाज डॉक्टर और आयुर्वेदिक चिकित्सक काफी हद तक ऑपरेशन या दवा से कर देते हैं, क्योंकि ये गुदा में बहार की तरफ निकले होते है। परंतु भीतरी मस्सों का उपचार करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ये मस्से गुदा के अंदर की तरफ होते हैं।

बवासीर के संबंध में आयुर्वेद के डॉक्टर का कहना है, इसे ठीक करने के लिए सबसे पहले तो हमें अपनी नियमित दिनचर्या रखनी जरूरी होती है। वहीं भोजन में फायबर फूड्स इस बीमारी से खुद को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा भी कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनसे इस रोग में काफी आराम मिलता है…

बवासीर के घरेलु नुस्खे

Piles Ka Gharelu Ilaj In Hindi

बर्फ

बर्फ बवासीर का पहला व सरल उपाय है| यह खून के स्त्राव को कम कर, सुजन भी कम करता है व दर्द में भी आराम मिलता है| बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह में रखें व 10 min तक सिकाई करें| दिन में कई बार ऐसा करें आराम मिलेगा|

एलोवेरा 

एलोवेरा एक नेचुरल तरीका है| एलोवेरा से खुजली जलन कम होती है| यह बाहरी व अंदरूनी दोनों तरह की बवासीर को ठीक करता है|

एलोवेरा से उसका जेल निकालकर प्रभावित एरिया में लगाकर मसाज करें, इससे जलन कम होगी|
इसके अलावा एलोवेरा को काट कर फ्रीजर में रखें अब इस ठंडी एलोवेरा से प्रभावित जगह पर सिकाई करें|

नीम्बू का रस

नीम्बू में बहुत सारे पोषक तत्व होते है, जो बवासीर की बीमारी में राहत देता है|

कॉटन को नीम्बू के रस में डालें, फिर इसे प्रभावित स्थान में लगायें, शुरू में थोड़ी जलन महसूस होगी, लेकिन थोड़ी ही देर आपको राहत मिलेगी|

इसके अलावा 1 कप गर्म दूध में आधा नीम्बू का रस मिलाएं, और तुरंत पी लें| हर 3 घंटे में ऐसा करें पूरी तरह से आराम मिलेगा|

आधी- आधी चम्मच नीम्बू का रस, अदरक का रस, पुदीने का रस व शहद मिलाएं| दिन में 1 बार इसे पियें|

ओलिव आयल

ओलिव आयल एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती है, जो बाहरी बवासीर को ठीक करने में सहायक है| यह सुजन वाली खून की नसों को ठीक करता है, जिससे सुजन कम होती है व खून का संचालन सही होता है| 1 चम्मच ओलिव आयल रोज खाना चाइये, आप इसमें सब्जी बनाकर या सलाद में मिलाकर खा सकते है|

बादाम तेल (Almond Oil) 

बादाम का तेल भी बाहरी बवासीर में आराम देता है| pure बादाम के तेल में कॉटन भिगो कर प्रभावित जगह में लगायें| ये स्किन को moisture देगा जिससे स्किन में होने वाला खिंचाव खुजली कम होगी| दिन में कई बार ये प्रक्रिया दोहराएँ|

जीरा 

आधा चम्मच भुना पीसा हुआ जीरा को 1 ग्लास गुनगुने पानी में डाल कर दिन में 2-3 बार पियें|

इसके अलावा छाछ में भी जीरा मिला कर पी सकते है| दिन में जितनी बार प्यार लगे पानी की जगह छाछ पियें| 3-4 दिन में खून की नसों में सुजन कम हो जाएगी और बवासीर से आराम मिलेगा|

गुठली

जामुन व आम की गुठली को सुखाकर पीस लें, अब इस चूर्ण को छाछ या गुनगुने पानी के साथ 1 चम्मच लें|

किशमिश 

मुट्ठी भर किशमिश को पानी में रात भर भिगोयें| अगले दिन सुबह किशमिश को पानी में मसल लें अब खली पेट इसे खाएं| रोजाना ऐसा करें कुछ दिन में ही आराम मिलेगा|

दालचीनी

आधी चम्मच से भी कम दालचीनी के पाउडर को चम्मच शहद में मिलाएं व रोज एक बार लें| आराम मिलेगा|

अन्य उपाय 

बवासीर से बचने के लिए जितना हो सकते तरल पदार्थ ले, पानी तो दिन में 8-10 ग्लास जरुर पियें|

ताजे फल व उसका जूस पियें|

ताज़ी रेशेदार सब्जियां खाएं, सूप पियें|

फाइबर युक्त खाना अधिक से अधिक लें|

तेल व मसाले वाला खाना बिल्कुल ना खाएं|

अंजीर, खजूर फाइबर युक्त मेवे रोज सुबह खाया करें|

योगा से बवासीर का उपचार करें 

शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से जल्दी राहत पाने में योगा करना अच्छा उपाय है। बवासीर के योगा में अनुलोम – विलोम और कपालभाती प्राणायाम दिन में 2 बार करें। अगर आप प्राणायाम करने की सही प्रक्रिया नहीं जानते तो आप किसी योग गुरु की मदद लें।

बवासीर में क्या खाएं

करेले का रस, लस्सी, पानी।

दलिया, दही चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, देशी घी।

खाना खाने के बाद अमरुद खाना भी फायदेमंद है।

फलों में केला, कच्चा नारियल, आंवला, अंजीर, अनार, पपीता खाएं।

सब्जियों में पालक, गाजर, चुकंदर, टमाटर, तुरई, जिमीकंद, मूली खाएं।

बवासीर में क्या परहेज करें 

बवासीर का उपचार में जितना जरुरी ये जानना है की क्या खाएं,उससे जादा जरुरी इस बात को जानना है कि क्या नहीं खाएं।

तेज मिर्च मसालेदार चटपटे खाने से परहेज करे।

मांस मछली, उडद की दाल, बासी खाना, खटाई ना खाएं।

डिब्बा बंद भोजन, आलू, बैंगन।

शराब, तम्बाकू।

ज्यादा चाय और कॉफ़ी के सेवन से भी बचें।

बवासीर से बचने के उपाय

जानकारों के अनुसार आज देश ही नहीं दुनिया में तक बहुत से लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं, ऐसे में हम कुछ बातों का ध्यान रख कर इससे बच सकते हैं।

1. खाने पीने की बुरी आदतों से परहेज करें जैसे धूम्रपान और शराब।

2. खाने में मसालेदार और तेज मिर्च वाली चीजें न खाएं।

3. पेट से जुडी बीमारियों से बचें।

4. कब्ज़ की समस्या बवासीर का प्रमुख कारण है इसलिए शरीर में कब्ज़ न होने दें।

5. गर्मियों के मौसम में दोपहर को पानी की टंकी का पानी गरम हो जाता है, ऐसे पानी से गुदा को धोने से बचें।

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