बबूल की गोंद के फ़ायदे इन हिंदी

आज हम आपको एक ऐसे चमत्कारी पौधे के उस महत्त्वपूर्ण भाग के बारे में बताएँगे जिसके बारे में आपने सायद ही कही पढ़ा या सुना होगा। उस पौधे का नाम बबूल है जिसका प्रत्येक अंग दवा है, इस पौधे का एक महत्त्वपूर्ण भाग है जिसे गोंद कहते है। जिसके फ़ायदे आज हम आपको बताएँगे।

बबूल की गोंद का प्रयोग करने से छाती मुलायम होती है। यह मेदा (आमाशय) को शक्तिशाली बनाता है तथा आंतों को भी मजबूत बनाता है। यह सीने के दर्द को समाप्त करता है, तथा गले की आवाज को साफ करता है। इसका प्रयोग फेफड़ों के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इसके छोटे-छोटे टुकड़े घी, खोवा और चीनी के साथ भूनकर खाने से शरीर शक्तिशाली हो जाता है।

बबूल का गोंद गर्मी के मौसम में एकत्रित किया जाता है। इसके तने में कहीं पर भी काट देने पर जो सफेद रंग का पदार्थ निकलता है। उसे गोंद कहा जाता है। यह बाज़ार में भी किसी भी दुकान पर सहजता से मिल जाता है। सामान्यतः गोंद का सेवन 5 से 10 ग्राम तक किया जा सकता है।

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■  लगातार 7 रातों तक सोने से पहले चेहरे पर इसे लगाने से इतना ग्लो आ जाएगा की सब पूछने लगेंगे

बबूल के गोंद के चमत्कारी फ़ायदे

Babool Ki Gond Ke Fayde In Hindi

बवासीर

बबूल का गोंद, कहरवा समई और गेरु 10-10 ग्राम लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। इसके 1 से 2 ग्राम चूर्ण को गाय के दूध की छाछ (मट्ठा) में मिलाकर 2 से 3 सप्ताह तक पीयें। यह बादी बवासीर और खूनी बवासीर दोनों रोगों में लाभकारी होता है।

कमर दर्द

बबूल की छाल, फली और गोंद बराबर मिलाकर पीस लें, एक चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार सेवन करने से कमर दर्द में आराम मिलता है।

शक्तिवर्द्धक

बबूल के गोंद को घी के साथ तलकर उसमें दुगुनी चीनी मिला देते हैं इसे रोजाना 20 ग्राम की मात्रा में लेने से शक्ति में वृद्धि होती है।

सिर दर्द

पानी में बबूल का गोंद घिसकर सिर पर लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।

■  रोज सुबह पानी में मिलाकर पियें यह चीज़, खत्म हो जाएगी खून की कमी, एसिडिटी, डायबिटीज और जोड़ो का दर्द

पेट और आँतो के घाव

बबूल की गोंद पानी में घोलकर पीने से आमाशय (पेट) और आंतों के घाव तथा पीड़ा मिट जाती है।

मधुमेह

3 ग्राम बबूल के गोंद का चूर्ण पानी के साथ या गाय के दूध के साथ दिन में 3 बार रोजाना सेवन करने से मधुमेह रोग में लाभ पहुंचता है।

अतिसार या दस्त

बबूल की गोंद को 3 ग्राम से लेकर 6 की मात्रा में दिन में सुबह और शाम पीने से 1 दिन में ही अतिसार में लाभ होने लगता है।

खांसी

बबूल का गोंद मुंह में रखकर चूसने से खांसी ठीक हो जाती है।

जलने पर

बबूल की गोंद को पानी में घोलकर शरीर के जले हुए भाग पर लगाने से जलन दूर हो जाती है।

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दोस्तों बबूल के गोंद के फायदे, गोंद के प्रकार, गोंद के फायदे, babool ki gond ka use kaise kare in hindi का ये लेख कैसा लगा हमें जरूर बताएं और अगर आपके पास babool ki gond ke labh aur aushadhiya gun aur jane kaise kare gond ka prayog in hindi के सुझाव है तो हमारे साथ शेयर करें।

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