dengue

सामान्‍यत: लोग बढ़ती हुई बीमारियों का सारा दोष बदलते हुए मौसम को देते हैं। वाकई बदलती हुई वायु अपने साथ कीटाणु लाती है, लेकिन हमारी खुद की लापरवाही भी इन कीटाणुओं को फैलाने में कम ज़िम्मेदार नहीं है। आजकल मच्छरों के कारण डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी काफी ज्यादा फैल चुकी है।

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रोज़ाना हम न्यूज़ में इस बीमारी के कारण लोगों को काल के गाल में समाते हुए देख रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू मच्छर आम मच्छरों की प्रजाति का नहीं होता, यह खास प्रकार का विषैला मच्छर होता है, जिसके काटने से 3-5 दिन के भीतर शरीर में वायरस फैल जाता है। कभी-कभी ये अवधि 3-10 दिन की भी होती है।

डेंगू बुखार के लक्षण

dengue ke lakshan symptoms of dengue in hindi

इसका मतलब है कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार है और वह दवा लेने के बावजूद भी 4-5 दिन से अधिक हो गया तो समझ जाएं कि यह कोई आम बुखार नहीं है।

आप तुरंत डॉक्टर की सलाह से एक हेल्थ टेस्ट करवा सकते हैं, नहीं तो कुछ ऐसे लक्षण भी हैं जो सीधे-सीधे डेंगू बुखार को ज़ाहिर करते हैं

जैसे कि तेज बुखार तो होता ही है, लेकिन इसके साथ ही मरीज की त्‍वचा ठंडी होना, मरीज पर बेहोशी हावी हो, नाड़ी कभी तेज और कभी धीरे चलने लगे और ब्लड प्रेशर एकदम लो हो जाए, तो डेंगू शॉक सिंड्रोम का मामला बनता है।

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डेंगू का इलाज

dengue ka ilaj dengue treatment in hindi

वैसे तो हमें पूर्ण रूप से डॉक्टर की ही सलाह लेनी चाहिए, लेकिन फर्स्ट एड के रूप में स्वयं भी कुछ कोशिश करना सही माना जाता है। क्योंकि यह ऐसा बुखार है जो कुछ ही पलों में बॉडी के ब्लड प्लेटलेट्स की मात्रा को अचानक गिरा सकता है।

इसलिए साधारण डेंगू बुखार में आमतौर से पैरासिटामोल (क्रोसिन आदि) से काम चल सकता है। लेकिन ऐसे रोगियों को एस्प्रिन (डिस्प्रिन आदि) बिल्कुल नहीं देनी चाहिए। क्‍योंकि इससे प्लेटलेट्स कम होने का खतरा रहता है। लेकिन जल्द से जल्द डॉक्टर की भी सलाह लेनी चाहिए।

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बचाव के घरेलू इलाज

dengue se bachne ke upay

डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं के अलावा आप कुछ घरेलू इलाज भी कर सकते हैं। डेंगू बुखार के दौरान विटामिन-सी की अधिकता वाली चीजें जैसे आंवला, संतरा या मौसमी अधिक मात्रा में लेनी चाहिए। इससे शरीर का सुरक्षा चक्र मजबूत होता है।

इसके साथ ही खाने में हल्दी का अधिकाधिक प्रयोग करें। इसे सुबह आधा चम्मच पानी के साथ या रात को दूध के साथ लिया जा सकता है। किन्‍तु यदि पीड़ित को नजला/जुकाम हो, तो दूध का प्रयोग न करें। तुलसी के पत्तों को उबालकर शहद के साथ पिएं, इससे भी इम्‍यून सिस्‍टम बेहतर बनता है।

इन सबके अलावा आजकल एक आयुर्वेदिक इलाज काफी प्रसिद्ध हो रहा है और यह काफी असरदार भी है। जिसके अनुसार डेंगू के बुखार को गिलोय बेल की डंडी जल्द से जल्द काटती है, साथ ही यह शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की मात्रा को भी बढ़ाने में मदद करती है।

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जानें, इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका

आप गिलोय बेल की डंडी ले लें, सबसे पहले डंडी के छोटे टुकड़े करें। 2 गिलास पानी मे उबालें, जब पानी आधा रह जाए तो गैस बंद कर दें। अब इसके ठंडे होते ही इसे रोगी को पिलाएं। मात्र 45 मिनट के बाद बॉडी में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ने शुरू हो जाएंगे। आपको डेंगू बुखार से लड़ने का इससे अच्छा और सस्ता इलाज कहीं नहीं मिलेगा।

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