अलसी के फायदे alsi ke fayde in hindi

क्या आप जानते हैं कि अलसी का सेवन त्वचा पर बढ़ती उम्र के असर को कम करता है। अलसी का सेवन भोजन के पहले या भोजन के साथ करने से पेट भरने का एहसास होकर भूख कम लगती है। इसके रेशे पाचन को सुगम बनाते हैं, इस कारण वजन नियंत्रण करने में अलसी सहायक है। चयापचय की दर को बढ़ाता है एवं यकृत को स्वस्थ रखता है। प्राकृतिक रेचक गुण होने से पेट साफ रख कब्ज से मुक्ति दिलाता है।

अलसी दूध बनाने का तरीका –

अलसी को धीमी आंच पर हल्का भून लें। फिर मिक्सर में दरदरा पीस कर किसी एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख लें। ए‍क गिलास गर्म दूध में एक चम्‍मच पीसी अलसी मिलाये। सोने से पहले इस मिश्रण को पीने से शरीर का सेरोटोनिन स्‍तर बढ़ता है, जिससे आपको अच्‍छी नींद आती है। इसे सब्जी या दाल में मिलाकर भी लिया जा सकता है। इसे अधिक मात्रा में पीस कर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह खराब होने लगती है। इसलिए थोड़ा-थोड़ा ही पीस कर रखें।

कैंसर से बचाता है

अलसी में 27 एंटी-कैंसर घटक होते हैं, इनमें से एक एजेंट लिग्निन है। जो कैंसर या ट्यूमर से लड़ने में हमारी मदद करता है। कैंसर से लड़ने के लिए अलसी सबसे अच्‍छा फूड माना जाता है। अलसी के दूध में भी काफी मात्रा में पोषक तत्‍व होते हैं, यह कैंसर के कारकों को खत्‍म करते हैं।

पाचनतंत्र को बेहतर बनाता है

फ्लैक्स सीड फाइबर में उच्च होता है जो स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए आवश्यक है। यह आंतों के माध्यम से भोजन को आसानी से पाचन करने में मदद कर सकता है और यहां तक कि पोषक तत्वों के अवशोषण से आंतों में सुधार कर सकता है। अलसी में ओमेगा -3 फैटी एसिड पाचन तंत्र की रक्षा करता है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। जिन्‍हें डेयरी प्रोडक्‍ट पसंद नहीं है वह फ्लैक्‍स सीड मिल्‍क पी सकते हैं।

ब्‍लड शुगर नियंत्रित रखता है

अलसी के दूध के सेवन से टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में रक्त शर्करा के स्तर में सुधार हो सकता है। इसके अलावा, फ्लैक्ससीड में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड होता है, साथ ही प्रोटीन और फाइबर होते हैं जो उच्च रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। एक सामान्य रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने से गुर्दे की विफलता जैसी जटिलताओं को भी रोका जा सकता है और हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है।

हार्मोनल असंतुलन के लक्षणों को कम करता है

फ्लैक्‍स सीड के एंटीऑक्सिडेंट गुण हार्मोनल असंतुलन के लक्षणों को कम कर सकते हैं। जैसे कि, रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं में hot flashes और रात में पसीना। शोध से पता चला है कि फ्लैक्स सीड दूध की एक दैनिक खपत मध्यम हार्मोनल समस्याओं के साथ-साथ समग्र मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करती है।

वजन घटाता है

अगर आप वजन घटाने की सोच रहे हैं तो फ्लैक्‍स सीड बहुत अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है। इसमें मौजूद फाइबर आपकी आंतों की अच्‍छे से सफाई करता है। फाइबर आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। और ज्‍यादा नहीं खाते हैं। अगर आप फ्लैक्‍स सीड मिल्‍क पीते हैं तो यह कैलोरी में कम होने के चलते वजन घटाने में मदद करता है।

फ्लैक्‍स सीड के अन्‍य गुण

■  फ्लैक्‍स मिल्‍क में सैचुरेटेट फैट या ट्रांस फैट नहीं होता है।
■  इसमें कैलोरी काफी कम होती है।
■  यह प्राकृतिक रूप से लैक्‍टोस फ्री होता है साथ ही साथ इसमें कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा शून्‍य होती है।
■  यह दूध के अन्य विकल्पों की तुलना में क्रीम कम होता है।
■  फ्लैक्‍स सीड मिल्‍क विटामिन ए, बी12 और डी, साथ ही कैल्शियम सहित खनिजों और विटामिनों से भरे होते होते हैं।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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