एलोवेरा के फायदे और नुकसान | घृतकुमारी के फायदे और नुकसान | एलोवेरा एक औषधि

ग्वारपाठा के कई प्रचलित नाम है जैसे- घीकुवार, ग्वार पाठा, घृतकुमारी, रससार, एलुआ, मुसब्वर, एलोवेरा (Aloe vera) इसका अग्रेजी नाम है ग्वारपाठा का पौधा बिना तने का या बहुत ही छोटे तने का एक गूदेदार और रसीला पौधा होता है

ग्वारपाठा में एलोइन नामक ग्लूकोसाइड पाया जाता है। इसके अलावा इसमें क्राइसोफेनिक अम्ल, एन्जाइम, राल, आइसोबारबेलिन, एलोइमोडिन, गैलिक एसिड तथा सुगंधित तेल भी होता है। ग्वारपाठा स्वाद में मीठा, तीखा, कड़वा, भारी तथा चिकना होता है। ग्वारपाठा की प्रकृति ठंडी होती है। यह वात तथा कफ को नष्ट करने वाला होता है। यह जहर को भी नष्ट करता है। यह शरीर में शक्ति की वृद्धि करने वाला और कब्ज दूर करने वाला, खून को साफ करने वाला, आमाशय को बल देने वाला, यकृत और प्लीहा या तिल्ली की वृद्धि को कम करने वाला होता है। यह आंखों के लिए गुणकारी तथा हाजमा को बढ़ाने वाला, पेट के कीड़ों को खत्म करने वाला होता है। बवासीर तथा हडि्डयों के जोड़ों के रोगों को ठीक करने में यह बहुत लाभकारी है। ग्वारपाठा हृदय रोग से उत्पन्न गुर्दे की सूजन को दूर करने के लिए अधिक लाभकारी औषधि है। यह खून में हीमीग्लोबिन की मात्रा बढ़ाकर खून की कमी को दूर करता है और पित्ताशय की क्रिया ठीक रूप से चलाने में मदद करता है।

एलोवेरा के औषधीय गुण और लाभ इन हिंदी

ग्वारपाठे के पत्तों का रस 10 से 20 मिलीलीटर तथा ग्वारपाठे का चूर्ण लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लगभग आधा ग्राम की मात्रा में सेवन किया जा सकता है।

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                                  एलोवेरा के फ़ायदे

                  Health Benefits Of Aloevera In Hindi

Aloevera Ke Fayde, Labh Aur Aushadhiya Gun In Hindi

 1. पिग्मन्टेशन मार्क्स (AloeVera For Marks In Hindi)

एलोवेरा और गुलाब जल को मिलाकर पेस्ट तैयार करें अब आप इसे चेहरे पर लगाए और कम से कम 15 मिनट के लिए इसे ऐसे ही रहने दें फिर आप ठंडे पानी से चेहरे को धो लें।

2. एसिडिटी (AloeVera For Acidity In Hindi)

ग्वारपाठे के 14 से 28 मिलीमीटर पत्तों का रस दिन में 2 बार पीने से एसिडिटी में लाभ मिलता है तथा इसके कारण से होने वाला सिर दर्द ठीक हो जाता है।

3. चमकदार त्वचा और काली गर्दन (AloeVera For Black Neck In Hindi)

1 चुटकी हल्दी, 1 चम्मच शहद, 1 चम्‍मच दूध और गुलाब जल की कुछ बूंदे। इन सभी का मिश्रण बना लें फिर आप इसमें थोड़ा सा एलोवेरा का जैल मिला लें और इसे अच्छी तरह से मिक्स करें अब आप इसे चेहरा और गर्दन पर लगायें और इसे 20 मिनट के लिए रखें और फिर ठंडे पानी से धो दें।

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4. हिचकी (AloeVera For Hiccups In Hindi)

2 चम्मच ग्वारपाठा का रस आधे चम्मच सोंठ के चूर्ण के साथ सेवन करने से हिचकी में आराम मिलता है।

5. बालों की समस्या (AloeVera For Hair In Hindi)

बालों संबंधी जितनी भी समस्याएं हैं एलोवेरा के प्रभाव से दूर हो जाती हैं। जैसे- बालों का गिरना, रूखे बाल, बालों में डेंड्रफ इत्यादि समस्याएं। एलोवेरा जेल को सिर्फ आधा घंटा लगाने के बाद आप उनको धो सकते हैं। ऐसा आप सिर्फ महीने में दो बार भी करते हें तो आपको इसके परिणाम कुछ ही महीनों में दिखाई देने लगेंगे-ऑयली बालों की समस्याओं को सुलझाने के लिए भी एलोवेरा जेल बहुत कारगर है। बालों और स्कॉल्प में ऑयल की अधिक मात्रा को सामान्य कर बालों की शक्ति को भी बढ़ाता है।

6. कमर दर्द (AloeVera For Back Pain In Hindi)

गेहूं के आटे में ग्वारपाठा का गूदा इतना मिलाए जितना आटे को गूंथने के लिए काफी हो, इसके बाद आटे को गूंथकर रोटी बना लें। इस रोटी का चूर्ण बनाकर इसमें चीनी और घी मिला दें और लड्डू बना लें। इस लड्डू का सेवन करने से कमर का दर्द ठीक हो जाता है।

7. झुर्रियाँ (AloeVera For Skin In Hindi)

झुर्रियाँ आपको समय से पहले बूढ़ा बना देती हैं इससे बचने के लिए रोजाना एलोवेरा जैल से मालिश कीजिये यह त्‍वचा को अंदर से मॉइश्‍चराइज करता है इसका रस स्किन को टाइट बनाता है और इसमें मौजूद विटामिन सी और के कारण त्वचा हाइड्रेट भी बनी रहती है।

8. मधुमेह (AloeVera For Diabetes In Hindi)

मधुमेह रोग में ग्वारपाठा का 5 ग्राम गूदा 250 से 500 मिलीलीटर गूडूची के रस के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है।

9. लिवर और पीलिया (AloeVera For Jaundice In Hindi)

3 ग्राम ग्वारपाठे के रस में सेंधा नमक व समुंद्री नमक मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करने से इससे यकृत का बढ़ना, दर्द होना, और पीलिया का होना आदि रोग भी ठीक हो जाते हैं।

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10. पीलिया

ग्वारपाठा का 10-20 मिलीलीटर रस दिन में 2 से 3 बार पीने से पित्त नलिका का अवरोध दूर होकर लाभ मिलता है। इस प्रयोग से आंखों का पीलापन और कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है। इसके रस को रोगी की नाक में बूंद-बूंद करके डालने से नाक से निकलने वाले पीले रंग का स्राव होना बंद हो जाता है।

11. कब्ज (AloeVera For Constipation In Hindi)

ग्वारपाठे का गूदा 10 ग्राम में 4 पत्तियां तुलसी और थोड़ी-सी सनाय की पत्तियां पीसकर मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट का सेवन खाना खाने के बाद करने से कब्ज की शिकायत खत्म हो जाती है।

12. जोड़ों का दर्द या गठिया (AloeVera For Joint Pain In Hindi)

10 ग्वारपाठा के गूदा का सेवन रोजाना सुबह-शाम करने से गठिया रोग दूर हो जाता है।

13. हाथ-पैर का फटना 

भोजन में ग्वारपाठे की सब्जी खाने से हाथ-पैर नहीं फटते हैं।

14. खांसी (AloeVera For Cough In Hindi)

ग्वारपाठा का गूदा और सेंधा नमक दोनों को जलाकर राख बना लें और इसमें से 12 ग्राम की मात्रा में मुनक्का के साथ सुबह-शाम सेवन करने से खांसी तथा पुरानी खांसी ठीक हो जाती है तथा कफ की समस्या भी दूर होती है।

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15. पेट की गांठ (AloeVera For Ganth In Hindi)

ग्वारपाठे के गूदे को पेट के ऊपर बांधने से पेट की गांठ बैठ जाती है। कठोर पेट मुलायम हो जाता है और आंतों में जमा हुआ मल बाहर निकल जाता है।

16. अस्थमा (AloeVera For Asthma In Hindi)

ग्वारपाठा के 250 ग्राम पत्तों और 25 ग्राम सेंधानमक के चूर्ण को एक मिट्टी के बर्तन में डालकर, बर्तन को आग पर रखें जब ये पदार्थ जलकर राख बन जाएं तब इसे आग से उतार दें। इस राख को 2 ग्राम की मात्रा में 10 ग्राम मुनक्का के साथ सेवन करने से दमा या अस्थमा या श्वास रोग में अधिक लाभ मिलता है।

17. सिर दर्द (AloeVera For Headache In Hindi)

ग्वारपाठे का रस निकालकर उसमें गेहूं का आटा मिलाकर उसकी 2 रोटी बनाकर सेंक लें। इसके बाद रोटी को हाथ से दबाकर देशी घी में डाल दें। इसे सुबह सूरज उगने से पहले इसे खाकर सो जाएं। इस प्रकार 5-7 दिनों तक लगतार इसका सेवन करने से किसी भी प्रकार का सिर दर्द हो वह ठीक हो जाता है।

इसका सेवन किसको नही करना चाहिए

Aloevera Ka Sevan Kise Nahi Karna Chahiye | Aloevera Ke Side Effects In Hindi | Aloevera ke Nuksan In Hindi

•  शिशु की माँ को स्तनपान के दौरान ग्वारपाठा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उनके लिए हानिकारक हो सकता है।

•  यदि रक्तस्राव हो रहा हो तो इस अवस्था में इसका सेवन हानिकारक हो सकता है।

•  ग्वारपाठा का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में मरोड़ के साथ दस्त आना शुरू हो सकता है।

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