aloevera

एलोवेरा का जेल हमारे बहुत काम आता है खासकर के ये स्किन को अच्छा रखने के लिए यूज होता है, एलोवेरा में विटामिन A,B,C और E भरपूर मात्रा में होते हैं साथ में इसमें बहुत सारे मिनरल्स भी होते हैं, इसे खासकर के स्किन की कंडीशन के लिए यूज किया जाता है, ये स्किन पर रेग्यूलर तरह से लगाया जाए तो स्किन खूबसूरत और सॉफ्ट हो जाती है साथ ही आयुर्वेद में बताया गया है कि अगर स्किन कभी जल जाए तो एलोवेरा जेल लगाने से बहुत फायदा मिलता है. बहुत सारी कंपनियां एलोवेरा जेल बनाती है इसी में एक जो काफी फेमस है वो है पतांजली का एलोवेरा जेल. पतांजली वाला जेल ज्यादातर लोग यूज करते हैं, इसमें नेचुरल एलोवेरा तो होता है साथ में इसमें और ही कुछ चीजें मिलाई जाती हैं जो स्किन के लिए अच्छी होती है. लेकिन मार्केट में आने वाले एलोवेरा जेल मंहगे हो सकते हैं और इनमें कोई प्रिजर्वेटिव या कैमिकल मिला हो सकता है. अगर आप ये घर पर ही शुद्धता के साथ बना पाएं तो ये सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा. क्या आप जानना चाहेंगे कि इसे घर पर ही सस्ते में कैसे बना सकते हैं… देखिए और जानिए इसे बनाने की पूरी प्रॉसेस…

एलोवेरा जेल बनाने के लिए आपको जरूरत होगी

एलोवेरा की पत्ती
चाकू या वेजिटेबल पीलर
छोटी चम्मच
ब्लेंडर
एयरटाइट कंटेनर (स्टोर करने के लिए)
विटामिन सी / विटामिन ई पाउडर (वैकल्पिक)

अच्छा यही होगा कि एक बार में सिर्फ 1 या 2 पत्ती का ही जूस निकालें। बिना प्रिर्ज्वेटिव के जेल सिर्फ 1 हफ्ते ही चल पाता है। अगर आप उसे लंबे समय तक रखने की योजना बना रहे हैं तो, उसमें प्रिर्ज्‍वेटिव के तौर पर विटामिन सी या ई का पाउडर मिलाया जा सकता है।

सारांश

एलोवेरा जेल बनाने के लिए, आपको किचन की कुछ साधारण चीजों की जरूरत पड़ेगी। एलोवेरा की पत्ती और वैकल्पिक रूप से विटामिन सी या ई का पाउडर।

कैसे बनाएं

एक बार जब आपके पास सारी जरूरी चीजें इकट्ठी हो जाएं, तो एलोवेरा जेल तैयार करने में सिर्फ 30 मिनट का समय लगता है।

1. एलोवेरा की पत्तियों को तैयार करना

एलोवेरा के पौधे से ताजी पत्तियों को इस्तेमाल करने के लिए, सबसे पहले पौधे की सबसे बड़ी और बाहर वाली पत्ती को काटें। आप स्टोर से भी पत्ती को खरीदकर ला सकते हैं।

अच्छी तरह से धो डालें। धूल-मिट्टी को साफ कपड़े से पोंछकर निकाल दें। इसके बाद पत्ती को कप या कटोरे में 10-15 मिनट के लिए सीधा खड़ा कर दें। इससे पत्ती से निकलने वाला पीले रंग का रेजिन कप में जमा हो जाएगा।

इस रेजिन में लेटैक्स पाया जाता है जो, स्किन में जलन और खुजली कर सकता है। इसलिए ये स्टेप करना बहुत जरूरी है।

रेजिन के पूरी तरह से निकल जाने के बाद, पत्ती पर लगी हुई अन्य कोई भी चीज अच्छी तरह से हटा दें। इसके बाद चाकू या वेजिटेबल पीलर की मदद से पत्ती के ऊपर की मोटी सतह को छीलकर ​हटा दें।

2. जेल बनाने की विधि

एक बार पत्ती के छिल जाने के बाद, आप प्राकृतिक एलोवेरा जेल को देख पाएंगे। अब छोटी चम्मच की मदद से, जेल को स्कूप करके निकालें और ब्लेंडर में डालें। ध्यान दें इस दौरान ब्लेंडर में एलोवेरा स्किन का कोई टुकड़ा नहीं जाना चाहिए।

जेल को तब तक ब्लेंड करें जब तक वो लिक्विड जैसा और झागदार न हो जाए, इस प्रक्रिया में बमुश्किल 15-20 सेकेंड का ही समय लगता है।

इस प्वाइंट पर, आपका एलोवेरा जेल इस्तेमाल के लिए तैयार है। लेकिन, अगर आप इसे 1 हफ्ते से ज्यादा स्टोर करने की योजना बना रहे हैं तो, आपको इसमें प्रिर्ज्वेटिव जरूर मिलाने चाहिए।

3. प्रिर्ज्वेटिव मिलाएं (वैकल्पिक)

विटामिन सी और ई, दोनों ही बेहतरीन प्रिर्ज्वेटिव हैं। इनका इस्तेमाल करके एलोवेरा जेल की शेल्फ लाइफ को लंबे समय तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि जेल में प्राकृतिक रूप से इन विटामिन की थोड़ी मात्रा पाई जाती है। लेकिन ये जेल को 1 हफ्ते से ज्यादा समय तक सुरक्षित रख पाने के लिए पर्याप्त नहीं होती है।

इसीलिए, आप इनमें से एक या दोनों विटामिन को जेल की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके अलावा दोनों में ही एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी एजिंग के गुण पाए जाते हैं। इसलिए इन चीजों को मिलाने से एलोवेरा जेल की स्किन को बचाने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

हर 1/4 कप (60 ML) एलोवेरा जेल में आप 500 MG या 400 अंतरराष्ट्रीय यूनिट्स (IU) विटामिन सी या विटामिन ई का पाउडर मिला सकते हैं। आप चाहें तो दोनों पाउडर मिलाकर भी डाल सकते हैं।

आपको करना सिर्फ इतना है कि पाउडर विटामिन को सीधे ब्लेंडर में डालना है और जेल के साथ अच्छी तरह मिला देना है। इससे दोनों विटामिन का पाउडर जेल में अच्छी तरह से मिल जाएगा।

4. स्टोरेज के लिए निर्देश

तैयार एलोवेरा जेल को जिसमें विटामिन सी या ई न मिलाया गया हो, एयरटाइट जार में रखें। इस जार को एक हफ्ते तक फ्रिज में रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि विटामिन पाउडर मिलाने के बाद इसी जेल को फ्रिज में रखकर 1 से 2 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके अलावा, आप एलोवेरा जेल को छोटी मात्रा में भी स्टोर कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आइस क्यूब की ट्रे में। इससे आपको एलोवेरा जेल की छोटी मात्रा हमेशा आसानी से उपलब्ध होती रहेगी। फ्रीज किए गए एलोवेरा जेल को फ्रीजर में रखकर 6 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

सारांश

एलोवेरा जेल बनाने के लिए, पत्तियों को तैयार करें, नेचुरल एलोवेरा जेल को स्कूप करके निकालें, ब्लेंड करें और उसमें अगर चाहें तो प्रिर्ज्वेटिव मिलाकर स्टोर करें।

कैसे करें एलोवेरा जेल का इस्तेमाल (How To Use Aloe Vera Gel)

एलोवेरा जेल को स्किन की समस्या होने पर सीधे स्किन पर लगाया जा सकता है। इन समस्याओं में सनबर्न, छोटी-मोटी चोट लगना और स्किन में जलन या खुजली होना शामिल है।

ये हाथ और पैरों के लिए बहुत ही अच्छा मॉइश्चराइजर है और छोटी चोटों पर बहुत ही सुरक्षात्मक एंटी बैक्टीरियल बैरियर की तरह काम करता है।

इसके साथ ही, इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो स्किन को सूरज की ज्यादा धूप लगने से होने पर स्किन डैमेज से बचने में मदद कर सकते हैं। इसीलिए, इसे आमतौर पर सनबर्न की समस्या से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

एलोवेरा जेल यूनिक पॉलीसैक्राइड्स से भरपूर होता है, जो प्राकृतिक शर्करा/ शुगर की लंबी चेन होती है। रिसर्चर मानते हैं कि एलोवेरा जेल में हीलिंग के गुण पाए जाते हैं।

इसके अलावा, ये तमाम विटामिन और मिनरल्स से भी भरपूर होता है, जिसमें विटामिन ए, सी और ई शामिल हैं। इसके अलावा ये घावों को भरने और हेल्दी स्किन पाने में भी मदद कर सकता है।

सारांश

एलोवेरा जेल को ​मॉइश्चर या नमी पाने के लिए सीधे स्किन पर लगाया जा सकता है। इसमें छोटी चोटों और घावों को भरने वाले प्राकृतिक हीलिंग गुण पाए जाते हैं। ये सनबर्न और स्किन की जलन से भी राहत दे सकता है।

निष्कर्ष

एलोवेरा जेल स्किन के लिए बहुत अच्छा मॉइश्चराइजर है। ये स्किन डैमेज को रोक सकता है और घावों और छोटी चोटों को ठीक करने में मदद कर सकता है।

होममेड एलोवेरा जेल बाजार में मिलने वाले एलोवेरा जेल से कहीं बेहतर है। मार्केट वाले एलोवेरा जेल में हानिकारक तत्व मिले हो सकते हैं।

स्किन को नमी और पोषण देने वाले इस एलोवेरा जेल को पत्तियों से बहुत ही आसानी से निकाला जा सकता है। इसके लिए एलोवेरा की पत्तियों, ब्लेंडर, चाकू और सब्जी छीलने की चाकू की जरूरत पड़ती है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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