aamlaki rasayan

आमलकी एक बीज रहित फल है जिसका रसायन बीमारियों को दूर करता है। आमलकी रसायन पित्त को कम करने वाला है। यह एसिडिटी को भी ठीक करता है। इसके सेवन से शरीर को शक्ति, दिमाग तेज, रक्‍तसंचार सुचारु होता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है जिसके कारण बीमारियों के होने का खतरा कम रहता है। यह बाल और आंखों के लिए भी फायदेमंद है। इसके सेवन से बाल काले रहते है और बाल गिरने बंद हो जाते है। यह पाचन के लिए भी अच्‍छा है और इसके सेवन से पाचन संबंधी बीमारियां नहीं होती हैं। इसके अलावा यह कई दूसरे गुणों से भी भरपूर है। इस लेख में इसके गुणों के बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

सेवन कैसे करें :

2 से 3 ग्राम मात्रा में सुबह खाली पेट हलके गुनगुने पानी के साथ करें। इसकी तासीर न ज्यादा गरम होती है न ज्यादा ठंडी होती है इसलिए आप इसका सेवन रोजाना कर सकते हैं।

मोतियाबिंद में फायदेमंद

एक लीटर आमलकी फलों का रस लें। इसे गर्म कर लीजिए, और 50 ग्राम घी और 50 ग्राम शहद लेकर इन सबका मिश्रण बना लीजिए। इस मिश्रण को आंखों में लगाने से मोतियाबिंद ठीक हो जाता है।

बालों की समस्‍या

बालों सभी तरह की समस्‍यायें, जैसे बालों का झड़ना और गंजेपन में भी यह बहुत फायदेमंद है। आमलकी फल मज्जा और आम के बीज जिनका छिलका उतार दिया गया हो, उसे लेकर इसमें पानी मिलाकर इसका लेप तैयार कर लीजिए। इस लेप को सिर में लगाने से बालों की समस्‍या दूर होती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

नेचुरल विटामिन C से भरपूर होने से बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी एजिंग का काम करता है, शरीर को फ्रीरैडिकल डैमेज से बचाता है. इम्युनिटी पॉवर या रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर जल्दी बीमार होने से बचाता है.

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चुस्ती-फुर्ती

रसायन या टॉनिक वाले गुण होने से शरीर को ताक़त देता है, बल बढ़ाता है और चुस्ती-फुर्ती देता है.

एसिडिटी, कब्ज़

एसिडिटी को दूर कर Digestive system को मज़बूत बनाता है, पित्त को कम कर हाजमा ठीक करने में मदद करता है, कब्ज़ में भी फ़ायदा करता है.

आँखों के लिए भी फ़ायदेमंद

आँखों के लिए भी फ़ायदेमंद है, दिमाग को ताक़त देता है, आँखों को हेल्दी रखने और रौशनी बढ़ाने में मदद करता है.

खून की उल्टी होने प

अगर किसी भी कारण से खून की उल्‍टी होने लगे तो आमलकी का सेवन करें। आमलकी फल को घी में भूनकर बार-बार चूसने से खून की उल्टी में आराम आता है। 2 से 4 ग्राम आमलकी चूर्ण को 4 से 6 ग्राम शहद के साथ दिन में 3 बार पीने से खून की उल्‍टी बंद हो जाती है।

अधिक प्यास लगना

अधिक से अधिक पानी का सेवन करने की सलाह दी जाती है, लेकिन अगर बहुत अधिक प्‍यास लगे तो इसे काबू करना जरूरी है। इसके लिए आमलकी फल के 2 से 4 ग्राम चूर्ण में 5 से 10 ग्राम शहद मिलाकर दिन में 2 से 3 बार सेवन करें। इससे तेज प्यास लगना खत्‍म हो जायेगा।

नोट : आमलकी का प्रयोग करने से पहले एक बार आयुर्वेद के विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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